भारत में क्रिप्टो सेक्टर के लिए नियामकीय निगरानी लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी दिशा में एक नए कदम के तहत FIU-IND (Financial Intelligence Unit-India) ने देश के कुछ प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों को 10,000 डॉलर (करीब ₹9.44 लाख) से अधिक के OTC Crypto Trades का विस्तृत रिकॉर्ड साझा करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मांगी गई जानकारी में जनवरी 2026 से किए गए लेनदेन भी शामिल होंगे।
इस कदम को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों को मजबूत करने और बड़े क्रिप्टो लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

Source: X Post
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2026 के अंत में हुई एक बैठक के बाद FIU-IND ने कम से कम तीन बड़े भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों से ऐसे सभी OTC Crypto Trades का डेटा मांगा है, जिनकी राशि 10,000 डॉलर से अधिक है।
नियामक विशेष रूप से इन पहलुओं पर ध्यान दे रहा है—
Beneficial Ownership यानी लेनदेन के पीछे वास्तविक व्यक्ति या संस्था की पहचान।
निजी कंपनियों या बिचौलियों के जरिए किए गए ट्रांजैक्शन।
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संभावित जोखिम।
ऐसे लेनदेन, जिनकी ट्रैकिंग सामान्य ऑर्डर बुक की तुलना में कठिन होती है।
OTC का मतलब "Over-The-Counter" होता है।
इस तरह की ट्रेडिंग में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद और बिक्री सार्वजनिक ऑर्डर बुक के बजाय सीधे दो पक्षों के बीच होती है।
आमतौर पर बड़े निवेशक, संस्थागत खिलाड़ी और हाई-नेटवर्थ व्यक्ति बड़े सौदों के लिए OTC Desk का उपयोग करते हैं।
OTC Trading में कई बार एक्सचेंज या ब्रोकर अपनी इन्वेंटरी का उपयोग करते हैं और फंड सीधे निजी वॉलेट्स में भेजे जा सकते हैं।
इसी वजह से नियामक एजेंसियां इस क्षेत्र को अधिक संवेदनशील मानती हैं।
FIU-IND का मुख्य उद्देश्य एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों को मजबूत करना और उन संभावित खामियों को बंद करना है, जिनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
OTC Trades में कई बार फंड सीधे निजी वॉलेट्स में ट्रांसफर किए जाते हैं, जिससे वास्तविक लाभार्थी (Beneficial Owner) की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
नियामकों का मानना है कि अधिक पारदर्शिता से—
मनी लॉन्ड्रिंग के जोखिम कम किए जा सकते हैं।
टैक्स अनुपालन बेहतर किया जा सकता है।
संदिग्ध गतिविधियों की पहचान आसान हो सकती है।
क्रिप्टो उद्योग में भरोसा बढ़ सकता है।
यह कदम भारत में पहले से लागू नियमों के अनुरूप माना जा रहा है।
देश में पहले ही—
Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कई एक्सचेंज रिपोर्टिंग एंटिटी के रूप में पंजीकृत हैं।
KYC और Suspicious Transaction Reporting अनिवार्य है।
Enforcement Directorate (ED) सीमा पार होने वाले मामलों की जांच कर रही है।
क्रिप्टो लाभ पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू है।
ऐसे में OTC Crypto Trades पर अतिरिक्त निगरानी भारत के व्यापक नियामकीय ढांचे का हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम का असर मुख्य रूप से बड़े OTC लेनदेन करने वाले निवेशकों और संस्थागत खिलाड़ियों पर पड़ सकता है।
यदि कोई उपयोगकर्ता FIU Registered Crypto Exchanges का उपयोग कर रहा है और मौजूदा नियमों का पालन कर रहा है, तो इस कदम का सीधा प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।
अधिक दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं।
पारदर्शिता से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं।
अतिरिक्त जांच या ऑडिट की संभावना बढ़ सकती है।
कुछ विशेषज्ञ इसे भारत में क्रिप्टो उद्योग को अधिक वैध और संस्थागत रूप से स्वीकार्य बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि बढ़ती निगरानी के कारण गोपनीयता और अनुपालन लागत से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
फिर भी, भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग अभी भी कानूनी है और नियामक संस्थाएं मुख्य रूप से पारदर्शिता बढ़ाने तथा वित्तीय अपराधों के जोखिम को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
FIU-IND द्वारा प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों से 10,000 डॉलर से अधिक के OTC Crypto Trades का रिकॉर्ड मांगे जाने को भारत के विकसित होते क्रिप्टो नियामकीय ढांचे का हिस्सा माना जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े जोखिमों को कम करना और बड़े लेनदेन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
फिलहाल, इसका सीधा असर आम रिटेल निवेशकों पर सीमित दिखाई देता है। हालांकि, बड़े OTC लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं और संस्थागत निवेशकों के लिए निगरानी और अनुपालन से जुड़ी आवश्यकताएं बढ़ सकती हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। इसमें दी गई जानकारी निवेश, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी क्रिप्टोकरेंसी या डिजिटल एसेट में निवेश करने से पहले स्वयं शोध करें और आवश्यकता पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
Explore Our FAQs
Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.
Copyright 2026 All rights reserved