Tokenised Real-World Assets की डिमांड तीन गुना बढ़ी, DeFi में मंदी
Tokenised Real-World Assets (RWA) की डिमांड ऐसे समय में तेजी से बढ़ रही है, जब व्यापक DeFi मार्केट दबाव में है। क्रिप्टो एसेट मैनेजर CoinShares और ऑन-चेन डेटा प्लेटफॉर्म Token Terminal की नई रिसर्च के मुताबिक, लेंडिंग प्लेटफॉर्म और डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर RWA डिपॉजिट एक साल में तीन गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं।
6 अगस्त 2026 को पब्लिश हुई “State Of Hybrid Finance 2026” रिपोर्ट में Q2 2025 से Q2 2026 तक के डेटा का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष यह है कि Tokenised Real-World Assets अब केवल ब्लॉकचेन पर जारी नहीं किए जा रहे, बल्कि लेंडिंग, ट्रेडिंग, कोलैटरल और दूसरे फाइनेंशियल इस्तेमाल के लिए भी सक्रिय रूप से अपनाए जा रहे हैं।
Tokenised Real-World Assets क्या हैं?
Tokenised Real-World Assets यानी RWA ऐसे पारंपरिक फाइनेंशियल या वास्तविक एसेट्स हैं, जिन्हें ब्लॉकचेन पर डिजिटल टोकन के रूप में दर्शाया जाता है।
इनमें कई तरह के एसेट शामिल हो सकते हैं, जैसे:
टोकनाइज्ड ट्रेजरी और फंड
टोकनाइज्ड स्टॉक्स
गोल्ड और दूसरी कमोडिटीज
प्राइवेट क्रेडिट
यील्ड-बेयरिंग फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स
CoinShares के को-फाउंडर, प्रेसिडेंट और CEO Jean-Marie Mognetti के मुताबिक, अप्रैल में पब्लिश हुई पहली रिपोर्ट में यह सामने आया था कि टोकनाइज्ड RWA का ऑन-चेन मार्केट कैप $40 अरब को पार कर चुका है।
नई रिपोर्ट का सवाल इससे एक कदम आगे था: क्या इन एसेट्स का वास्तव में इस्तेमाल भी हो रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, इसका जवाब हां है।
DeFi डिपॉजिट 15% घटा, लेकिन RWA तीन गुना बढ़ा
रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण अंतर RWA और व्यापक DeFi मार्केट के प्रदर्शन में दिखाई देता है।
Q2 2025 से Q2 2026 के बीच कुल DeFi डिपॉजिट में करीब 15% की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट इसे निवेशकों की निकासी और क्रिप्टो कीमतों में आई कमजोरी से जोड़ती है। लेकिन इसी अवधि में लेंडिंग प्लेटफॉर्म और डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर RWA डिपॉजिट $2.3 अरब से बढ़कर $7.4 अरब तक पहुंच गया।
यानी एक साल में RWA डिपॉजिट तीन गुना से भी ज्यादा हो गया। यह ट्रेंड इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि RWA ऐसे समय में बढ़ रहे हैं, जब उनका व्यापक होस्ट इकोसिस्टम यानी DeFi सिकुड़ रहा है।
रिपोर्ट इसे इस बात के संकेत के रूप में देखती है कि Tokenised Real-World Assets की डिमांड केवल क्रिप्टो मार्केट साइकल पर निर्भर नहीं है। इसके पीछे फाइनेंशियल यूटिलिटी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
किन RWA प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा डिपॉजिट आया?
RWA डिपॉजिट में सबसे बड़ा योगदान टोकनाइज्ड ट्रेजरी और मल्टी-स्ट्रैटेजी फंड्स का रहा। इनमें JTRSY, BUIDL और sUSDS जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। इसके बाद प्राइवेट क्रेडिट से जुड़े JAAA, syrupUSDT, syrupUSDC और PRIME जैसे प्रोडक्ट्स का स्थान रहा। डेल्टा-न्यूट्रल स्ट्रैटेजी में sUSDe भी प्रमुख प्रोडक्ट के रूप में सामने आया।
ब्लॉकचेन के हिसाब से देखें तो करीब 70% RWA डिपॉजिट Ethereum पर बने लेंडिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं।
इसके बाद Plasma का स्थान है, जहां Aave के विस्तार ने भूमिका निभाई है। Solana पर Kamino के जरिए RWA गतिविधि बढ़ी है और यह तीसरे स्थान पर है।
RWA स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम 220% बढ़ा
स्पॉट ट्रेडिंग डेटा में RWA और व्यापक क्रिप्टो मार्केट के बीच अंतर और भी स्पष्ट दिखाई देता है। Q2 2025 से Q2 2026 के बीच डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर कुल स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 70% गिरा। इसका अधिकांश हिस्सा क्रिप्टो-नेटिव एसेट्स से जुड़ा था।
इसके विपरीत, RWA स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम एक छोटे बेस से करीब 220% बढ़ गया। हाल की तिमाहियों में इस ग्रोथ की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन एक साल के आंकड़े दिखाते हैं कि Tokenised Assets की ट्रेडिंग एक्टिविटी व्यापक क्रिप्टो मार्केट से अलग दिशा में बढ़ी है।
RWA स्पॉट ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा वॉल्यूम टोकनाइज्ड गोल्ड और फंड्स से आया। इनमें XAUT और PAXG जैसे एसेट प्रमुख रहे। वहीं, Tokenised Equities यानी टोकनाइज्ड स्टॉक्स की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है।
इस सेगमेंट में Ethereum सबसे आगे है, जबकि Solana दूसरे स्थान पर है।
RWA Perpetual Futures में tradeXYZ का वॉल्यूम 20 गुना बढ़ा
Tokenised Real-World Assets की ग्रोथ केवल स्पॉट और लेंडिंग मार्केट तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2025 के बाद व्यापक ऑन-चेन Perpetual Futures मार्केट में वॉल्यूम घटा है। इसके बावजूद RWA से जुड़े Perpetual Futures में तेजी जारी रही।
Hyperliquid पर बने RWA-फोकस्ड वेन्यू tradeXYZ का ट्रेडिंग वॉल्यूम लॉन्च के बाद से करीब 20 गुना बढ़ चुका है। यहां सबसे ज्यादा ट्रेडिंग एक्टिविटी इन कैटेगरी में देखी गई:
तेल और कीमती धातुओं जैसी कमोडिटीज
S&P 500 और Nasdaq-100 जैसे इक्विटी इंडेक्स
सेमीकंडक्टर कंपनियों के स्टॉक्स
Open Interest यानी खुले डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें इक्विटी इंडेक्स और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स का बड़ा योगदान रहा।
रिपोर्ट में साउथ कोरियाई चिपमेकर SK Hynix का उदाहरण दिया गया है, जो लिस्टिंग के कुछ समय बाद ही tradeXYZ के बड़े मार्केट्स में शामिल हो गया।
RWA एक्टिविटी बढ़ी, लेकिन एप्लिकेशन रेवेन्यू घटा
RWA की बढ़ती गतिविधि के बावजूद बिजनेस लेवल पर तस्वीर थोड़ी अलग है। रिपोर्ट के मुताबिक, Q2 2025 से Q2 2026 के बीच लेंडिंग और ट्रेडिंग वेन्यू का कुल एप्लिकेशन रेवेन्यू गिरा है।
इसकी एक बड़ी वजह यह है कि RWA एक्टिविटी तेजी से बढ़ने के बावजूद अभी भी क्रिप्टो-नेटिव मार्केट के मुकाबले काफी छोटी है। रिपोर्ट में Hyperliquid को रेवेन्यू के मामले में प्रमुख प्लेटफॉर्म बताया गया है। यह एप्लिकेशन और सेटलमेंट, दोनों लेयर से रेवेन्यू हासिल करता है।
रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार, इसी वजह से Hyperliquid रेवेन्यू के मामले में Ethereum और Solana से भी आगे रहा।
वैल्यूएशन के मामले में Hyperliquid, Uniswap और Aerodrome जैसे ट्रेडिंग वेन्यू को ऊंचे रेवेन्यू मल्टीपल मिले हैं। यह भविष्य में तेज कैश-फ्लो ग्रोथ की बाजार की उम्मीदों को दर्शाता है।
Tokenised RWA पर कितनी यील्ड मिल रही है?
रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग RWA प्रोडक्ट्स की यील्ड करीब 3.2% से 5.5% के बीच है। हालांकि, ज्यादा यील्ड का मतलब आमतौर पर ज्यादा जोखिम भी हो सकता है।
टोकनाइज्ड ट्रेजरी फंड इस रेंज के निचले हिस्से में हैं। वहीं प्राइवेट क्रेडिट, ऑन-चेन लेंडिंग और फंडिंग-रेट स्ट्रैटेजी अपेक्षाकृत ज्यादा यील्ड दे सकती हैं, लेकिन इनके साथ जोखिम भी बढ़ सकता है।
इसलिए केवल यील्ड के आधार पर अलग-अलग RWA प्रोडक्ट्स की तुलना करना पर्याप्त नहीं है।
इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों में दिखा अंतर
रिपोर्ट में RWA निवेशकों के प्रोफाइल में भी स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। BlackRock के BUIDL जैसे इंस्टीट्यूशनल प्रोडक्ट्स में औसत वॉलेट बैलेंस करोड़ों डॉलर तक पहुंचता है।
इसके विपरीत, xStocks के जरिए जारी Tokenised Equities अपेक्षाकृत छोटे और रिटेल-केंद्रित वॉलेट बैलेंस में रखी जा रही हैं। टोकनाइज्ड इक्विटीज ने पिछले एक साल में सबसे तेज होल्डर ग्रोथ भी दर्ज की है।
यह ट्रेंड संकेत देता है कि RWA मार्केट में दो अलग यूजर सेगमेंट उभर रहे हैं: यील्ड और कोलैटरल तलाशने वाले इंस्टीट्यूशनल निवेशक और ब्लॉकचेन के जरिए स्टॉक्स तक पहुंच चाहने वाले रिटेल यूजर्स।
सिर्फ $2.2 अरब का ग्लोबल इक्विटी मार्केट टोकनाइज्ड
तेज ग्रोथ के बावजूद Tokenised Stocks अभी ग्लोबल इक्विटी मार्केट का बेहद छोटा हिस्सा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, $100 ट्रिलियन से ज्यादा के ग्लोबल इक्विटी मार्केट में से करीब $2.2 अरब की इक्विटी ही अब तक टोकनाइज्ड हुई है।
यानी कुल ग्लोबल इक्विटी मार्केट का लगभग 0.0022% हिस्सा ही टोकनाइज्ड है। यह आंकड़ा दिखाता है कि मौजूदा मार्केट अभी अपनी संभावित क्षमता के मुकाबले शुरुआती चरण में है।
रिपोर्ट इस स्थिति की तुलना 2019 के Stablecoin Market से करती है, जब स्टेबलकॉइन भी अपने शुरुआती विस्तार के दौर में थे।
अगले 18 महीनों में RWA मार्केट में क्या बदल सकता है?
CoinShares और Token Terminal ने अगले 18 महीनों के लिए पांच प्रमुख रुझानों की पहचान की है।
फाइनेंशियल यूटिलिटी डिमांड बढ़ा सकती है: RWA की ग्रोथ केवल क्रिप्टो मार्केट साइकल के बजाय वास्तविक फाइनेंशियल इस्तेमाल से आगे बढ़ सकती है।
कुछ एसेट्स और प्लेटफॉर्म का दबदबा रहेगा: लेंडिंग और ट्रेडिंग एक्टिविटी चुनिंदा RWA और वेन्यू में केंद्रित रह सकती है।
ऑन-चेन ऐप्स के रेवेन्यू में RWA की हिस्सेदारी बढ़ सकती है: अगर RWA एक्टिविटी क्रिप्टो-नेटिव मार्केट से तेज बढ़ती रही, तो बड़े ऐप्स के रेवेन्यू में इसका योगदान ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
इंस्टीट्यूशनल और रिटेल मार्केट अलग होंगे: इंस्टीट्यूशनल निवेशक यील्ड-बेयरिंग कोलैटरल की ओर झुक सकते हैं, जबकि रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी Tokenised Equities में बढ़ सकती है।
ट्रेजरी से आगे बढ़ेगा RWA मार्केट: नए प्रोडक्ट अलग-अलग रिस्क और रिटर्न प्रोफाइल के साथ सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष
CoinShares और Token Terminal की रिपोर्ट से एक बड़ा ट्रेंड सामने आता है: व्यापक DeFi मार्केट की कमजोरी के बावजूद Tokenised Real-World Assets की ऑन-चेन एक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।
एक साल में RWA डिपॉजिट $2.3 अरब से बढ़कर $7.4 अरब हो गया, जबकि RWA स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 220% बढ़ा। दूसरी ओर, व्यापक DeFi डिपॉजिट और क्रिप्टो-नेटिव स्पॉट ट्रेडिंग में गिरावट दर्ज की गई।
यह अंतर संकेत देता है कि RWA सेक्टर की ग्रोथ केवल क्रिप्टो मार्केट की तेजी पर निर्भर नहीं हो सकती। लेंडिंग, कोलैटरल, यील्ड, ट्रेडिंग और पारंपरिक एसेट्स तक ऑन-चेन पहुंच जैसी वास्तविक फाइनेंशियल यूटिलिटी इसकी डिमांड को बढ़ाने में भूमिका निभा रही है।
हालांकि, $100 ट्रिलियन से ज्यादा के ग्लोबल इक्विटी मार्केट के मुकाबले केवल $2.2 अरब की टोकनाइज्ड इक्विटी यह भी दिखाती है कि यह सेक्टर अभी शुरुआती चरण में है।
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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित ऑन-चेन एनालिसिस है और केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो मार्केट में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। निवेश से पहले अपनी risk appetite का आकलन करें और DYOR (Do Your Own Research) करें।