Bitcoin Price $64,400 पर, लेकिन डिमांड नहीं सप्लाई में कमी बनी वजह
Bitcoin की कीमत एक बार फिर $64.6K (करीब ₹61.47 लाख) तक पहुंच गई है। पहली नजर में यह Bitcoin निवेशकों के लिए राहत की खबर लग सकती है। हालांकि, ऑन-चेन एनालिस्ट Axel Adler Jr. की रिपोर्ट एक अलग तस्वीर दिखाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Bitcoin Price की हालिया रिकवरी के पीछे नए खरीदारों की मजबूत वापसी नहीं दिख रही। इसके बजाय, पुराने होल्डर्स द्वारा अपने Bitcoin नहीं बेचने से बाजार में उपलब्ध सप्लाई कम हुई है, जिससे कीमत को सपोर्ट मिला है।
आसान भाषा में समझते हैं कि Bitcoin की कीमत बढ़ने के बावजूद नई डिमांड कमजोर क्यों दिखाई दे रही है।
ऑन-चेन डेटा क्या होता है?
Bitcoin के लेन-देन का रिकॉर्ड ब्लॉकचेन पर दर्ज होता है। इसी डेटा का विश्लेषण करके एनालिस्ट यह समझने की कोशिश करते हैं कि निवेशक Bitcoin खरीद रहे हैं, बेच रहे हैं या लंबे समय तक होल्ड कर रहे हैं।
इसे ही आमतौर पर “ऑन-चेन डेटा” कहा जाता है।
इस रिपोर्ट में खास तौर पर दो मेट्रिक्स पर ध्यान दिया गया है:
Demand-To-Issuance Ratio
Net Age Flow
ये दोनों मेट्रिक्स Bitcoin की डिमांड और होल्डिंग बिहेवियर को समझने में मदद करते हैं।
Bitcoin में नए खरीदार अभी भी कम हैं

रिपोर्ट का पहला महत्वपूर्ण डेटा पॉइंट “Demand-To-Issuance Ratio” है।
इसे आसान तरीके से समझें।
हर दिन माइनिंग के जरिए कुछ नए Bitcoin सर्कुलेशन में आते हैं। वहीं दूसरी तरफ, पुराने Bitcoin नए निवेशकों के हाथों में जाते हैं। अगर नए खरीदारों के पास जाने वाले Bitcoin की मात्रा नए माइन किए गए Bitcoin से ज्यादा है, तो इसे मजबूत डिमांड का संकेत माना जा सकता है। इसके उलट, यह मात्रा कम रहने पर नई डिमांड कमजोर मानी जाती है।
फिलहाल Demand-To-Issuance Ratio करीब -5.43 है।
इसका मतलब है कि पिछले एक महीने में Bitcoin की नई डिमांड पर्याप्त मजबूत नहीं रही। यह मेट्रिक पिछले पांच महीनों से लगातार नेगेटिव जोन में बना हुआ है। हालांकि, जुलाई में यह करीब -16 तक गिर गया था। उस स्तर से मौजूदा आंकड़ा सुधार जरूर दिखाता है, लेकिन मेट्रिक का अभी भी नेगेटिव रहना बताता है कि नए खरीदारों की मजबूत वापसी नहीं हुई है।
पुराने Bitcoin होल्डर्स बेचने से बच रहे हैं

दूसरा महत्वपूर्ण ऑन-चेन मेट्रिक “Net Age Flow” है।
जब Bitcoin लंबे समय तक बिना ट्रांसफर या बिक्री के रखा रहता है, तो उसकी “Age” बढ़ती जाती है। यह मेट्रिक इस बात का संकेत देता है कि कितने कॉइन लंबे समय तक होल्ड किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में करीब 85,500 Bitcoin ऐसी पुरानी कैटेगरी में चले गए हैं। यानी बड़ी संख्या में Bitcoin होल्डर्स अपने कॉइन बेचने के बजाय उन्हें होल्ड कर रहे हैं।
यह ट्रेंड पिछले सात महीनों से जारी बताया गया है। जुलाई में यह आंकड़ा करीब 2,20,000 BTC था। वहां से इसमें कमी आई है, लेकिन मौजूदा स्तर भी दिखाता है कि बाजार का एक बड़ा हिस्सा अपने Bitcoin बेचने के मूड में नहीं है।
नई खरीदारी कमजोर है तो Bitcoin की कीमत क्यों बढ़ी?
यही इस ऑन-चेन डेटा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब पुराने Bitcoin होल्डर्स अपने कॉइन बेचना कम कर देते हैं, तो बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध Bitcoin की सप्लाई घट सकती है।
ऐसी स्थिति में कीमत को ऊपर जाने के लिए हमेशा बहुत बड़ी नई डिमांड की जरूरत नहीं होती। कम उपलब्ध सप्लाई भी कीमत को सपोर्ट कर सकती है।
सरल शब्दों में कहें तो Bitcoin की मौजूदा तेजी के पीछे दो अलग स्थितियों को समझना जरूरी है:
पहली: नए निवेशक बड़ी मात्रा में Bitcoin खरीद रहे हों।
दूसरी: मौजूदा निवेशक अपने Bitcoin बेच नहीं रहे हों, जिससे बाजार में उपलब्ध सप्लाई कम हो जाए।
मौजूदा ऑन-चेन संकेत दूसरी स्थिति की ओर ज्यादा इशारा करते हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि Bitcoin की रिकवरी कमजोर ही रहेगी। कम सप्लाई मीडियम-टर्म में कीमत को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, मजबूत और टिकाऊ तेजी के लिए नई डिमांड की वापसी भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
Bitcoin में आगे किन संकेतों पर नजर रखें?
रिपोर्ट के मुताबिक, आगे Demand-To-Issuance Ratio और Net Age Flow पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
अगर ये मेट्रिक्स नेगेटिव जोन से निकलकर पॉजिटिव होने लगते हैं, तो यह Bitcoin की डिमांड में सुधार का संकेत दे सकता है। खास तौर पर अगर Demand-To-Issuance Ratio लगातार 1 से ऊपर बना रहता है, तो इसे नए खरीदारों की मजबूत वापसी के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
जब तक नई डिमांड स्पष्ट रूप से मजबूत नहीं होती, तब तक मौजूदा Bitcoin रिकवरी को सावधानी के साथ देखना बेहतर होगा।
निष्कर्ष
Bitcoin का $64.6K के आसपास वापस पहुंचना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिखाई दे सकता है, लेकिन ऑन-चेन डेटा बताता है कि तस्वीर थोड़ी जटिल है। फिलहाल कीमत को नए खरीदारों की मजबूत खरीदारी के बजाय पुराने होल्डर्स द्वारा Bitcoin नहीं बेचने से बनी कम उपलब्ध सप्लाई का सपोर्ट मिल रहा है।
अगर आने वाले समय में नई डिमांड भी बढ़ती है और ऑन-चेन मेट्रिक्स पॉजिटिव होते हैं, तो Bitcoin की रिकवरी को ज्यादा मजबूत आधार मिल सकता है। इसके उलट, डिमांड कमजोर रहने पर कीमत में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहेगा।
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Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट एडवाइस नहीं है। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।