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Hashpe Crypto Fraud: ED Crypto Raid में ₹14.16 करोड़ की संपत्ति अटैच

Hindi News Writer
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Hashpe Crypto Scam: ED ने ₹14.16 करोड़ की संपत्ति की अटैच
Hashpe Crypto Scam: ED ने ₹14.16 करोड़ की संपत्ति की अटैच

Hashpe Crypto Fraud मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED, यानी पैसों की गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने वाली सरकारी एजेंसी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने ₹14.16 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) की है। साथ ही PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट, यानी आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए दी गई औपचारिक शिकायत) भी दाखिल कर दी है। इस ED Crypto Raid और कार्रवाई की पूरी जानकारी आगे आसान भाषा में दी गई है।

Hashpe crypto fraud

Source : X Post 

Key Takeaways

  • ED की चेन्नई ज़ोनल ऑफिस-II ने ₹14.16 करोड़ (लगभग) की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की।

  • यह मामला M/s Pan India Crypto Currency यानी Hashpe से जुड़ा है।

  • ED के अनुसार इस स्कीम में लगभग ₹112.91 करोड़ जुटाए गए।

  • चारों आरोपी गिरफ्तार हैं और न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल कस्टडी, यानी कोर्ट के आदेश से जेल में रखना) में हैं।

ED ने Hashpe Crypto Fraud मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?

सबसे पहले समझते हैं कि Hashpe Crypto Fraud मामले में अब तक ED ने असल में क्या कदम उठाया है। ED की चेन्नई ज़ोनल ऑफिस-II ने पुडुचेरी की विशेष PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर की है। PMLA यानी धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (Prevention of Money Laundering Act), जिसका मकसद गलत तरीके से कमाए पैसे को सही दिखाने की कोशिश को रोकना है।

ED ने 30 अक्टूबर 2026 को इसी कानून के तहत चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। अटैच की गई संपत्तियों में ये शामिल हैं:

  • तमिलनाडु, हरियाणा और नई दिल्ली की अचल संपत्तियां (ज़मीन-मकान जैसी चीज़ें जिन्हें हिलाया नहीं जा सकता)

  • एक BMW कार

  • बैंक खातों में जमा रकम

जांच की शुरुआत कहां से हुई?

संपत्ति की बात समझने के लिए पहले यह जानना ज़रूरी है कि जांच की नींव कैसे पड़ी। ED की जांच पुडुचेरी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR (पुलिस में दर्ज पहली शिकायत) के आधार पर शुरू हुई। यह FIR भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की अलग-अलग धाराओं में दर्ज की गई थी।

Crypto से सम्बंधित Korvio Coin Fraud Case में ED की कार्यवाही जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 


Hashpe Crypto Scheme वास्तव में क्या है?

FIR के बाद ED की जांच में पता चला कि लोगों को Hashpe Crypto Scheme के नाम पर आकर्षक वादों में फंसाया गया। ED के मुताबिक Hashpe के प्रमोटरों ने क्रिप्टो आधारित निवेश स्कीम के नाम पर निवेशकों से पैसा लिया। वादे कुछ ऐसे थे:

  • हर दिन 1% रिटर्न

  • निवेश की रकम का तीन गुना तक मुनाफा

  • रेफरल कमीशन (किसी को जोड़ने पर मिलने वाला पैसा)

  • लग्ज़री कार और विदेश यात्रा जैसे इनाम

यह सब “hashpe.io” वेबसाइट और मल्टी-लेवल मार्केटिंग नेटवर्क (एक के बाद एक लोगों को जोड़ते हुए चलने वाला नेटवर्क) के ज़रिए चलाया गया। लोगों से कैश, बैंक ट्रांसफर और क्रिप्टो, तीनों तरीकों से पैसा लिया गया।

Hashpe Crypto Scheme में निवेशकों को कैसे फँसाया गया?

ये वादे असल में कैसे चलते थे, यह जांच का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा है। ED के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर TCX और Hashpe जैसे नकली क्रिप्टो कॉइन दिखाए गए। असली ट्रेडिंग हुए बिना ही स्क्रीन पर मुनाफा दिखाया जाता था। नए निवेशकों का पैसा पुराने निवेशकों को लौटाने और “Leaders” कहे जाने वाले एजेंटों को कमीशन देने में लगाया गया। यह वही पुराना पोंज़ी मॉडल (नए लोगों के पैसे से पुराने लोगों को भुगतान करने वाली स्कीम) है। आखिर में पैसे निकालने की सुविधा रोक दी गई और प्लेटफॉर्म बंद कर दिया गया, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ।

Crypto Fraud में RBI की कार्यवाही जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 

निवेशकों का पैसा आखिर गया कहां?

अब देखते हैं कि निवेशकों का पैसा कहां पहुंचा। नीचे की तालिका में ED की विज्ञप्ति के मुख्य आंकड़े हैं:

विवरण

रकम (लगभग)

स्कीम में जुटाई गई कुल रकम

₹112.91 करोड़

ED द्वारा चिह्नित अपराध की कमाई (Proceeds of Crime)

₹49.54 करोड़

अस्थायी रूप से अटैच संपत्ति

₹14.16 करोड़

ED के अनुसार निवेशकों का बचा हुआ पैसा M/s HIFY Circle के बैंक खातों, दूसरे लोगों और कंपनियों के खातों और क्रिप्टो वॉलेट (डिजिटल पैसे रखने का ऐप या पता) में भेजा गया। इस रकम का इस्तेमाल निजी खर्च, कर्ज चुकाने, भारी कमीशन, प्रमोशनल इवेंट और संपत्तियां खरीदने में हुआ।

Hashpe Crypto Fraud मामले में जांच और कार्रवाई

पैसे के इस रास्ते का पता लगने के बाद ED ने 1 सितंबर 2026 को Hashpe, उसके प्रमोटरों और सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली। इसके बाद Imran Basha, Hitesh Kumar, Syed Imran उर्फ Babu और Dhamodharan को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। चारों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। ED ने बताया है कि आगे की जांच जारी है।

आम निवेशक इस मामले से क्या सीखें?

इस पूरे मामले से कुछ सीधी बातें समझ लेना ज़रूरी है:

  • रोज़ 1% या पैसे को तीन गुना करने जैसे वादे खतरे की घंटी हैं।

  • सिर्फ ऐप या वेबसाइट पर दिखता मुनाफा असली नहीं होता, पहले देखें कि पैसा सच में निकल पा रहा है या नहीं।

  • लोगों को जोड़ने पर कमीशन देने वाली स्कीम से दूर रहें।

  • निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की रजिस्ट्रेशन और पुरानी जानकारी खुद जांचें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। यह खबर ED की 3 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। मामला कोर्ट में है और आरोपों पर अंतिम फैसला कोर्ट ही करेगी।

लेखक परिचय
Bharat Batwal Hindi News Writer

Bharat Batwal एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। Bharat Batwal की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। Bharat Batwal की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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