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कितना सिक्योर और सिग्नीफिकेंट है एक Crypto Wallet, जानें पूरी जानकारी

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Crypto Wallet: कितना सुरक्षित और महत्वपूर्ण है?
Crypto Wallet: कितना सुरक्षित और महत्वपूर्ण है?

जब Bitcoin के डेवलपर Satoshi Nakamoto, जो कि पहले Crypto Wallet के मालिक थे, उस समय यह अमेरिकी सॉफ्टवेयर डेवलपर और दूसरे क्रिप्टो वॉलेट के ओनर Hal Finney को परीक्षण के रूप में 10 Bitcoin भेजने में सफल हो गए थे। बता दें कि यह बात 2009 की है, इसके बाद से Cryptocurrency का क्रेज शुरू हो गया था। वर्तमान में दुनिया में Crypto के यूजर्स बड़ी संख्या में हैं और दिनों-दिन इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। 

हालांकि, किसी भी उज्ज्वल विकास के साथ बाधाएं बढ़ना भी तय है। साल 2023 की शुरुआत वॉलेट हैक्स की एक सीरीज के साथ हुई, जहां कई क्रिप्टो यूजर्स ने लाखों फंड खो दिए और उन्हें कभी वापस नहीं पाया गया। एक प्रसिद्ध उदाहरण Proof के फाउंडर Kevin Rose का है, जिन्होंने जनवरी 2023 में वॉलेट कॉम्प्रोमाइज की वजह से $1 मिलियन से अधिक मूल्य के NFT खो दिए थे। लेकिन अगर आप इंटरनेट पर सर्च करेंगे, तो आपको इस तरह के कई और उदाहरण देखने को मिल जाएंगे। चलिए आज समझते हैं कि Crypto Wallet क्या है, यह क्यों महत्वपूर्ण है और यह कितने सिक्योर हैं। 

क्या है Cryptocurrency Wallet, यह कैसे करता है काम  

मूल रूप से Cryptocurrency Wallet एक एप्लिकेशन है, जो कि आपकी Cryptocurrency के लिए एक वॉलेट के रूप में काम करता है। कैश या क्रेडिट कार्ड जैसी करंसी को रखने की जगह यह उन पासकी को स्टोर करता है, जिनका इस्तेमाल व्यक्ति अपने Cryptocurrency ट्रांजेक्शन के लिए हस्ताक्षर करने के लिए करता है और इंटरफेस प्रोवाइड करता है, जो कि उन्हें किसी के Crypto तक पहुंच बनाने की परमिशन देता है। 

Cryptocurrency Wallet एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन हैं, जो कि किसी को कम्प्यूटर या फोन या फिर टैबलेट जैसे मोबाइल टूल्स के माध्यम से Cryptocurrency को स्टोर करने और इस्तेमाल करने में सक्षम बनाते हैं। जिस Cryptocurrency का इस्तेमाल कोई कर रहा है, उसके लिए Blockchain Network तक पहुंचने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। इसी के साथ जो चीज Cryptocurrency Wallet को अलग बनाती है, वह है इसकी Unlike Physical Currencies। वास्तव में Cryptocurrency कही भी स्टोर नहीं होती है, यह डेटा के छोटे-छोटे टुकड़े है और पूरे डेटाबेस में स्टोर और स्केटर्ड है। Crypto Wallet यूजर्स के पब्लिक एड्रेस से जुड़े इन सभी हिस्सों की तलाश करता है और ऐप के इंटरफेस में उनके लिए अमाउंट को टोटल भी करता है। इन एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी विभिन्न प्रकार के तरीकों का इस्तेमाल करके अपने वॉलेट से आसानी से Cryptocurrency को भेज सकता है और प्राप्त कर सकता है। 

आखिर क्यो महत्वपूर्ण हैं Crypto Wallets

किसी भी अन्य करंसी की तरह Cryptocurrency को कई अलग-अलग उद्देश्यों और ट्रांजेक्शन के लिए एकम्यूलेटेड और यूज किया जा सकता है। एक Crypto Wallet, Crypto एसेट्स और Cryptocurrency के लिए कार्यात्मक रूप से उपयोगी बनाने के लिए मौलिक भूमिका निभाता है- फिर चाहे वह व्यक्ति हो या संगठन, ठीक उसी तरह जैसे एक बैंक अकाउंट मनी के लिए मूलभूत है।

Crypto Wallet, Cryptocurrency की व्यावहारिक उपयोगिता को सक्षम करने में मदद करते हैं, जैसे:

  • यूजर्स को अपनी Cryptocurrency एसेट्स के संतुलन की निगरानी करने की क्षमता प्रदान की जाती है। 
  • Crypto Wallet की एक महत्वपूर्ण विशेषता Cryptocurrency पेमेंट को भेजना और प्राप्त करना है।
  • हालांकि Cryptocurrency को Blockchain पर स्टोर किया जाता है। वहीं एक Crypto Wallet एक यूजर्स नाम के साथ ट्रांजेक्शन की परमिशन देता है, जिसे Blockchain पर पब्लिक की एड्रेस से जोड़ा जा सकता है। 

चलिए जानते हैं Cryptocurrency Wallet के प्रकार के बारे में

जैसा कि हम जानते हैं, वॉलेट के दो मुख्य प्रकार के होते हैं- कस्टोडियल और नॉन-कस्टोडियल।

एक कस्टोडियल वॉलेट को थर्ड पार्टी द्वारा होस्ट किया जाता है, जो कि आपके लिए आपकी कीज को स्टोर करता है। जबकि नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में एक यूजर्स अपनी कीज के लिए जिम्मेदार होता है। 

वॉलेट की दो सबकैटेगिरीज हैं- Hot और Cold। इन दोनों में अंतर बड़ा ही आसान है। हॉट वॉलेट में इंटरनेट या किसी डिवाइस से कनेक्शन होता है, जबकि कोल्ड वॉलेट में कोई कनेक्शन नहीं होता है। इसी के साथ 3 अन्य सबकैटेगिरीज सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और पेपर हैं और प्रत्येक को या तो Hot Wallet माना जाएगा या फिर Cold Wallet माना जाएगा। 

इसलिए किसी के पास एक नॉन-कस्टोडियल सॉफ़्टवेयर हॉट वॉलेट, एक कस्टोडियल हार्डवेयर कोल्ड वॉलेट या एक नॉन-कस्टोडियल हार्डवेयर कोल्ड या हॉट वॉलेट हो सकता है।

Crypto Wallet से जुड़े सुरक्षा जोखिम पर डालें नजर

अब जब हम क्रिप्टो वॉलेट के प्रकारों के बारे में जानते हैं, तो आइए उनके सुरक्षा जोखिमों पर भी नजर डालें: 

कस्टोडियल वॉलेट: जब कस्टोडियल वॉलेट की बात आती है, तो शायद सबसे बड़ा जोखिम एक्सचेंज हैक की चपेट में आना और कस्टोडियल का दिवालिया हो जाना है। हालांकि एक्सपीरियंस एक्सचेंज ज्यादातर अपने अधिकांश कॉइन्स को कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं, जटिल उपाय करते हैं और कॉम्पलेक्स फायरवॉल का उपयोग करते हैं, इसके बाद भी वे हमले से प्रतिरक्षित नहीं हैं।

2019 में फैमस Binance exchange के खिलाफ स्कैम्स और वायरस का इस्तेमाल करके एक Orchestrated Attack के माध्यम से हैकर्स ने $40 मिलियन Bitcoin चुरा लिए। इसके अलावा जैसा कि Voyager और FTX जैसे सेंट्रलाइज्ड फाइनेंस लैंडिंग वाले प्लेटफॉर्म्स और एक्सचेंजों के साथ देखा गया है, अगर यह संस्थान लिक्विडिटी के मुद्दों का सामना करता है, तो अकाउंट्स और विड्रॉल को फ्रीज कर सकते हैं। हालांकि इसमें थर्ड पार्टी पर विश्वास करना आसान है, फिर भी इसमें अपने आप में कई जोखिम हैं। 

नॉन-कस्टोडियल वॉलेट: नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में ज्यादातर कस्टोडियल वॉलेट की तुलना में कम बैकअप और रिवकवरी ऑप्शन्स होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यूजर्स अपने क्रिप्टो वॉलेट का बैकअप लेने और उसकी रिकवरी के लिए पूरी तरह से रिस्पॉन्सीबल हैं। नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में सबसे बड़ा जोखिम शायद यह है कि सुरक्षा पूरी तरह से यूजर्स पर निर्भर करती है। इसलिए लोग नियमित रूप से फ़िशिंग स्कैम का शिकार होते हैं और अपने क्रिप्टो वॉलेट से कई एसेट्स को खो देते हैं। 2019 और 2020 के बीच यह देखा गया है कि हैकर्स ने यूजर्स को फेक मैसेजेस भेजकर इलेक्ट्रम वॉलेट से 22 मिलियन डॉलर से अधिक Bitcoin की चोरी की थी। 

Conclusion

पैसा अब Crypto में विकसित हो गया है और शायद अब यह नई करंसी है। हालांकि किसी भी भविष्य में इस्तेमाल किए जाने वाले Crypto Wallet के प्राकर को चुनने में सावधानी बरतनी बेहद आवश्यक है, नहीं तो नुकसान होने की संभावना अधिक है। 

यह भी पढ़ें

शब्दावली

  • Wallet – क्रिप्टो रखने और भेजने-पाने का सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर; असल में यह आपकी private key संभालता है।
  • Liquidity – किसी एसेट को बिना कीमत पर बड़ा असर डाले खरीदने-बेचने की आसानी।
  • NFT – Non-Fungible Token – एक अनोखा डिजिटल एसेट, जैसे डिजिटल आर्ट या कलेक्टिबल।
  • Cold Wallet – इंटरनेट से अलग रखा गया वॉलेट, जो ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
  • Blockchain – एक डिजिटल बहीखाता जिसमें लेन-देन ब्लॉक्स में दर्ज होते हैं और बाद में बदले नहीं जा सकते।
  • Cryptocurrency – ब्लॉकचेन पर चलने वाली डिजिटल करेंसी, जिसे कोई केंद्रीय बैंक जारी नहीं करता।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न माना जाए। क्रिप्टो बाज़ार जोखिम भरा है; कोई भी निर्णय लेने से पहले स्वयं रिसर्च करें।

लेखक परिचय
Rohit Tripathi Hindi News Writer

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

मूल रूप से Cryptocurrency Wallet एक एप्लिकेशन है, जो कि आपकी Cryptocurrency के लिए एक वॉलेट के रूप में काम करता है।

किसी भी अन्य करंसी की तरह Cryptocurrency को कई अलग-अलग उद्देश्यों और ट्रांजेक्शन के लिए एकम्यूलेटेड और यूज किया जा सकता है।

जैसा कि हम जानते हैं, वॉलेट के दो मुख्य प्रकार के होते हैं- कस्टोडियल और नॉन-कस्टोडियल। एक कस्टोडियल वॉलेट को थर्ड पार्टी द्वारा होस्ट किया जाता है, जो कि आपके लिए आपकी कीज को स्टोर करता है। जबकि नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में एक यूजर्स अपनी कीज के लिए जिम्मेदार होता है।

अब जब हम क्रिप्टो वॉलेट के प्रकारों के बारे में जानते हैं, तो आइए उनके सुरक्षा जोखिमों पर भी नजर डालें: कस्टोडियल वॉलेट: जब कस्टोडियल वॉलेट की बात आती है, तो शायद सबसे बड़ा जोखिम एक्सचेंज हैक की चपेट में आना और कस्टोडियल का दिवालिया हो जाना है।