Crypto ठगी: भरोसेमंद जानकारी और शिकायत के Official मार्ग
जानिए Crypto Scam से बचने का तरीका, कल शाम होगा I4C सेशन लाइव
भारत में जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) एक खास जागरूकता सेशन आयोजित कर रहा है। यह सेशन #CyberSafeLive सीरीज़ का हिस्सा है। इसका मकसद आम लोगों को नए तरह के Crypto Scam, जैसे सोशल मीडिया स्कैम और डिजिटल वॉलेट फ्रॉड के बारे में जागरूक करना है। इसमें एक्सपर्ट्स बताएंगे कि कैसे इन फ्रॉड्स को पहचाना जाए, उनसे बचा जाए और किसी भी धोखाधड़ी की घटना की तुरंत रिपोर्ट कैसे करें। यह सेशन पूरी तरह फ्री और ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
Source: यह इमेज Crypto India की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।
कब और कहां होगा लाइव सेशन
तारीख: बुधवार, 31 दिसंबर 2025, इसे देशभर के लोग ऑनलाइन देख सकेंगे।
समय: शाम 4 बजे (IST) को आयोजित किया जाएगा।
प्लेटफॉर्म: Cyber Dost का आधिकारिक YouTube चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, जहां कोई भी व्यक्ति फ्री में जुड़ सकता है।
इस सेशन का टाइटल है “Decoded: Emerging Crypto Crimes”। इसमें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नए और कठिन अपराधों को बहुत सरल भाषा में समझाया जाएगा, ताकि आम नागरिक भी आसानी से धोखाधड़ी को पहचान सकें।
क्यों जरूरी है यह पहल
भारत में क्रिप्टो को अपनाने की रफ्तार काफी तेज है। 2025 के मध्य तक देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी रूप में डिजिटल एसेट्स से जुड़े पाए गए। इसी तेजी के कारण साइबर अपराधियों को भी नए मौके मिल रहे हैं, जहां वे लोगों की जानकारी की कमी का फायदा उठाते हैं।
हाल ही में Biggest Scam of 2025 Novastro का सच उजागर हुआ है, Novastro ने Layer-3 Network और RWA Tokenization का दावा किया, लेकिन प्रोडक्ट अपडेट और ऑन-चेन डेटा नहीं दिखाया।
कौन होंगे सेशन के एक्सपर्ट
इस कार्यक्रम में I4C के दो एक्सपर्ट्स हिस्सा लेंगे। Priya Ghurde, जो साइबर इन्वेस्टीगेशन की एक्सपर्ट हैं, और Mahesh Gupta, जो साइबर अपराधों पर रिसर्च करते हैं। दोनों एक्सपर्ट्स मिलकर बताएंगे कि कैसे स्कैमर्स सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और डिजिटल वॉलेट का गलत इस्तेमाल कर लोगों को फंसाते हैं।
सेशन में यह भी समझाया जाएगा कि फर्जी निवेश स्कीम, नकली ट्रेडिंग ग्रुप, झूठे प्रॉफिट के वादे और रोमांस स्कैम जैसे मामले कैसे काम करते हैं। हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों को शादी या दोस्ती के नाम पर निवेश के लिए उकसाया गया।
I4C, जो कि गृह मंत्रालय के तहत काम करता है, देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है। अक्टूबर 2025 में भी I4C ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही क्रिप्टो ठगी को लेकर चेतावनी दी गई थी।
हाल ही में ED ने Crypto Investment Scam मामले में 21 ठिकानों पर रेड मारी थी। 2002 के तहत कर्नाटक, महाराष्ट्र और दिल्ली में 21 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई 4th Bloc Consultants और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ की गई है।
1930 हेल्पलाइन पर क्यों है जोर
इस लाइव सेशन में एक अहम विषय 1930 हेल्पलाइन और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल भी होगा। एक्सपर्ट्स बताएंगे कि अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत रिपोर्ट करने से पैसे वापस मिलने की संभावना कैसे बढ़ जाती है। कार्यक्रम के दौरान यह भी समझाया जाएगा कि क्रिप्टो से जुड़े फैसले लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कौन से संकेत खतरे की ओर इशारा करते हैं और कैसे खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
I4C का मानना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर लोग सही समय पर जानकारी लें और सतर्क रहें, तो ऐसे अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। यह सेशन छात्रों, निवेशकों, डिजिटल यूज़र्स और आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। जो लोग क्रिप्टो में नए हैं, उनके लिए यह कार्यक्रम खास तौर पर मददगार रहेगा।
I4C ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस लाइव कार्यक्रम को देखें, दूसरों के साथ जानकारी शेयर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। लोग इस सेशन को लाइव देखना चाहते हैं, वे Cyber Dost यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं और तय समय पर जुड़ सकते हैं।
पिछले 7 सालों में डिजिटल क्रिप्टो फ्रॉड पर काम करने के अनुभव से मैंने देखा है कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। I4C जैसी पहलें आम लोगों को सतर्क और सुरक्षित बनाती हैं। क्रिप्टो फ्रॉड की समय पर पहचान से नुकसान कम किया जा सकता है।
कन्क्लूजन
I4C का यह लाइव सेशन Crypto Scam और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया और वॉलेट फ्रॉड के आसान उपाय बताए जाएंगे। 1930 हेल्पलाइन और रिपोर्टिंग के तरीकों से निवेशक सुरक्षित रह सकते हैं। इस पहल से आम लोग, छात्र और नए क्रिप्टो यूज़र्स सीख सकते हैं कि धोखाधड़ी को कैसे पहचाना जाए और बचाव कैसे किया जाए। सही समय पर जागरूक होकर नुकसान से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। यह निवेश की सलाह नहीं है। क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स में जोखिम होता है। किसी भी ट्रांजैक्शन से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।