India Crypto Tax Notices: सरकार ने 44,057 इन्वेस्टर्स को भेजा नोटिस

Published at
India crypto tax notices 2026

India crypto tax notices 2026: 44,000 इन्वेस्टर्स को नोटिस जारी

India crypto tax notices 2025-26 के तहत भारत में, Cryptocurrency Investors पर टैक्स अनुपालन को लेकर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। CBDT और Income Tax Department ने, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान VDA यानी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विभाग ने 44,057 से अधिक नोटिस और अलर्ट जारी किए हैं, जबकि Search Operations के दौरान ₹888.82 करोड़ से अधिक की Undisclosed crypto income पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई ऐसे निवेशकों और ट्रेडर्स पर हुई है जिन्होंने Crypto transactions किए, लेकिन आयकर रिटर्न को उसकी जानकारी नहीं दी।

India crypto tax notices 2026

Source: X Account


डेटा एनालिटिक्स से पकड़े गए हजारों मामले

India crypto tax notices 2025-26 अभियान के तहत Income Tax Department ने, Crypto transactions पर निगरानी और तेज कर दी है। विभाग अब डेटा एनालिटिक्स और technology based system की मदद से इन्वेस्टर्स के ट्रांजेक्शन का मिलान करना शुरू कर दिया है।

Income Tax Department भारतीय और Foreign Crypto Exchanges से प्राप्त डेटा, 1% TDS रिकॉर्ड, Blockchain Analytics और Project Insight जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर टैक्सपेयर्स की जानकारी को क्रॉस-चेक कर रहा है।

जांच में पाया गया है कि, कई इन्वेस्टर्स ने अपने ITR में Schedule VDA के तहत Crypto transactions की पूरी जानकारी नहीं दी या आय को आंशिक रूप से ही रिपोर्ट किया। इसके बाद आयकर विभाग ने Section 133(6) के तहत हजारों करदाताओं को नोटिस जारी किया है, जिनमें उनके पहले से रिकॉर्ड किए गए ट्रांजेक्शन का पूरा विवरण शामिल है।

क्रिप्टो टैक्स नियम और बढ़ती रिपोर्टिंग जिम्मेदारियां

भारत में अप्रैल 2022 से क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर 30 % Flat tax लागू है, जिसके साथ 4 प्रतिशत हेल्थ और एजुकेशन सेस भी लगाया जाता है। इसके अलावा निर्धारित सीमा से ऊपर होने वाले ट्रांसफर पर 1 प्रतिशत TDS काटा जाता है। प्रत्येक बिक्री, स्वैप या डिस्पोजल को ITR के Schedule VDA में रिपोर्ट करना अनिवार्य है। 


सरकार ने हाल के वर्षों में Reporting Frameworks को और मजबूत किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आकलन वर्ष 2023-24 में क्रिप्टो से जुड़े टैक्स कलेक्शन लगभग ₹269 करोड़ और TDS Collection करीब ₹220 करोड़ रहा था, जो आकलन वर्ष 2024-25 में बढ़कर क्रमशः लगभग ₹437 करोड़ और ₹364 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बावजूद विभाग का मानना है कि, कंप्लायंस गैप अभी भी मौजूद है।

क्रिप्टो टैक्स नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना संभव

विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि कोई Taxpayer क्रिप्टो से होने वाली अपनी आय को छिपाता है या गलत तरीके से रिपोर्ट करता है, तो उस पर सख्त Financial action लिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में बकाया टैक्स के साथ-साथ 50 प्रतिशत से 200 प्रतिशत तक का जुर्माना (Penalty) भी लग सकता है। गंभीर मामलों में आयकर विभाग Black Money Act सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई कर सकता है, जिससे Legal Risk और बढ़ जाते हैं।

टैक्स विशेषज्ञ इन्वेस्टर्स को सलाह दे रहे हैं कि, वे अपने सभी Crypto transactions का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, जिसमें खरीद और बिक्री की तारीख, लागत मूल्य, लाभ-हानि और सभी एक्सचेंजों की डिटेल शामिल हो। यदि किसी Taxpayer ने, पहले की आयकर रिटर्न में क्रिप्टो से जुड़ी जानकारी नहीं दी है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर ITR-U या अन्य वैध विकल्पों के माध्यम से अपनी रिटर्न में सुधार कर सकता है।

कन्क्लूजन 

Income Tax Department के तरफ से, 44,057 से अधिक इन्वेस्टर्स को India crypto tax notices देना। यह दर्शाता है कि, क्रिप्टो सेक्टर में बढ़ती Government surveillance के बीच टैक्स अनुपालन अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। AI, डेटा एनालिटिक्स और एक्सचेंज डेटा के माध्यम से आयकर विभाग Unreported transactions पर कड़ी नजर रख रहा है। ऐसे में इन्वेस्टर्स के लिए सभी Crypto transactions की सही रिपोर्टिंग और रिकॉर्ड बनाए रखना आवश्यक हो गया है। आने वाले समय में डिजिटल एसेट्स से जुड़े टैक्स नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।


Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों और आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय, कानूनी या निवेश सलाह नहीं है। Cryptocurrency में इन्वेस्टमेंट करना रिस्की हो सकता है। टैक्स से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले किसी योग्य CA या Tax Advisor से परामर्श अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी नुकसान या कानूनी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

Leave a comment
faq Explore Our FAQs

Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.

आयकर विभाग द्वारा क्रिप्टो ट्रांजैक्शन में अनियमितता, अधूरी रिपोर्टिंग और आय छुपाने के मामलों को पकड़ने के लिए 44,000 से अधिक इन्वेस्टर्स को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 44,057 से अधिक निवेशकों को क्रिप्टो ट्रांजैक्शन से जुड़े मामलों में नोटिस और अलर्ट जारी किए गए हैं।
आयकर विभाग की जांच में लगभग ₹888.82 करोड़ से अधिक की undisclosed क्रिप्टो आय का पता चला है।
सरकार डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन एनालिटिक्स, एक्सचेंज डेटा, 1% TDS रिकॉर्ड और Project Insight जैसे डिजिटल सिस्टम के जरिए क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की निगरानी कर रही है।
भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर 30% फ्लैट टैक्स के साथ 4% सेस लागू है।