भारत ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी एडॉप्शन के मामले में दुनिया के सभी देशों को पछाड़ दिया है। Chainalysis की Global Crypto Adoption Index 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत लगातार तीसरे साल दुनिया में क्रिप्टो एडॉप्शन के मामले में पहले स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि खास इसलिए है क्योंकि भारत में क्रिप्टो रेगुलेटरी माहौल अभी भी अस्पष्ट है और यहाँ 30% टैक्स तथा 1% TDS जैसे कड़े नियम लागू हैं।

Source: Global Crypto Adoption Index की यह इमेज Chainalysis की Official Website से ली गयी है।
इस रिपोर्ट में शामिल मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र का दबदबा: 2025 में APAC में क्रिप्टो ट्रांज़ैक्शंस में 69% की ग्रोथ हुई है, जिसमें भारत, पाकिस्तान और वियतनाम सबसे आगे रहे हैं। यहां टोटल क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम $1.4 ट्रिलियन से बढ़कर $2.36 ट्रिलियन हो गया है।
ग्लोबल साउथ की मजबूती: भारत के अलावा, लैटिन अमेरिका (63% ग्रोथ) और सब-सहारा अफ्रीका (52% ग्रोथ) में भी क्रिप्टो एडॉप्शन में तेजी आई है, जिससे यह स्पष्ट है कि क्रिप्टो अब केवल निवेश का माध्यम नहीं बल्कि रेमिटेंस और रोज़मर्रा के पेमेंट्स का विकल्प भी बन रहा है।
भारत का आल राउंड परफॉरमेंस: यह रिपोर्ट चार सब इंडेक्स से मिलकर बनती है, भारत को सभी में पहला स्थान मिला है, भारत के बाद USA दुसरे और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा है। भारत Bitcoin Holding के मामले में भी दुसरे नंबर पर है, इस सन्दर्भ में USA ही भारत से आगे है।
Eastern Europe का दबदबा बढ़ा: रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर जनसँख्या के प्रभाव को एडजस्ट किया जाए तो Ukraine, Moldova और Georgia पहले तीन स्थान पर है, यह दिखाता है कि क्रिप्टो का प्रभाव अब कुछ ही क्षेत्रो तक सीमित नहीं रहा है।
यह रिपोर्ट साफ़ तौर पर दर्शाती है कि भारत सिर्फ़ यूज़र्स की संख्या से नहीं, बल्कि टेक्निकल डेवलपमेंट की दृष्टि से भी Crypto Adoption में पहले स्थान पर है। लेकिन इसके पीछे के कारण क्या हैं?
भारत की क्रिप्टो लीडरशिप एक संयोग नहीं है, बल्कि कई सामाजिक और तकनीकी कारणों का नतीजा है।
इन सभी फैक्टर्स ने भारत को Crypto Adoption में टॉप पर बनाए रखा है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या रेगुलेटरी अनिश्चितता भारत की प्रगति को धीमा करेगी?
एक और जहां भारत में लगातार Crypto Adoption बढ़ रहा है, वहीं दूसरी और भारत का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क क्रिप्टो को लेकर अब भी बहुत सख्त है।
ऐसे में, सवाल यह है कि क्या भारत जल्द ही Coins Act 2025 के ज़रिए क्रिप्टो को औपचारिक रूप से रेगुलेट करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा?
भारत का लगातार तीसरे साल Crypto Adoption में टॉप पर रहना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है। यह दर्शाता है कि टैक्सेशन और रेगुलेटरी अनिश्चितता के बावजूद, देश के यूथ, ब्लॉकचेन डेवलपर्स और यूज़र्स क्रिप्टो को मुख्यधारा में ले जाने के लिए तैयार हैं।
Bitcoin Holding में भारत की दूसरी रैंक और APAC की 69% ग्रोथ इस बात का सबूत है कि क्रिप्टो अब एक परमानेंट फाइनेंशियल स्ट्रक्चर का हिस्सा बन चुका है। भारत सरकार को भी अब क्रिप्टो के लिए एक स्पष्ट क़ानून बनाने की ओर ध्यान देने की जरुरत है।
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