क्या आपने कभी सोचा कि एक ऐसा देश, जहां क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सख्त नियम और अनिश्चितता का माहौल है, वह दुनिया में Bitcoin Holding के मामले में दूसरा स्थान हासिल कर सकता है? जी हां, भारत ने 2025 में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने वैश्विक क्रिप्टो समुदाय को हैरान कर दिया है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत USA के बाद Bitcoin Holding में नंबर दो पर है और टोटल Bitcoin सप्लाई का 5.1% हिस्सा अपने पास रखता है। इस तरह से देखा जाए तो भारत की Bitcoin Holding यूरोप (4.6%) और अन्य एशियाई देशों (2.1%) से भी ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल Bitcoin Holding लगभग 1 मिलियन BTC है।
लेकिन सवाल यह है कि भारत ने यह मुकाम कैसे हासिल किया? और सबसे बड़ा सवाल, क्या भारत सरकार अब क्रिप्टो रेगुलेशन की दिशा में तेजी से कदम उठाएगी? आइए, इस खबर के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।

Source: यह इमेज Fred Krueger की ऑफिशियल X पोस्ट से ली गयी है, जिसकी लिंक यहाँ दी गयी है
2025 में सामने आए डाटा से एक बार फिर से क्रिप्टो बाजार में भारत का इंटरेस्ट सबके सामने आया है। X पर जाने-माने क्रिप्टो इन्वेस्टर Fred Krueger द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, भारत टोटल Bitcoin सप्लाई का 5.1% होल्ड करता है, जिसका मूल्य लगभग $120 बिलियन है। यह USA (40%) के बाद Bitcoin सप्लाई का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है। दिलचस्प बात यह है कि Satoshi Nakamoto, Bitcoin के रहस्यमयी निर्माता, 5.6% होल्डिंग के साथ अब भी दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन भारत का रिटेल-ड्रिवन मार्केट उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है।
रिपोर्ट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
रिटेल इन्वेस्टर्स का दबदबा: भारत की Bitcoin Holding में ज्यादातर हिस्सा छोटे-छोटे रिटेल निवेशकों के पास है। उदाहरण के लिए, CoinDCX जैसे प्लेटफॉर्म्स पर छोटे निवेशक नियमित रूप से Bitcoin में निवेश कर रहे हैं।
यूरोप और एशिया को पछाड़ा: भारत ने यूरोप (4.6%) और अन्य एशियाई देशों (2.1%) को पीछे छोड़ दिया, जो क्रिप्टो-फ्रेंडली नीतियों के लिए जाने जाते हैं।
15% Bitcoin Permanently Lost: Fred Krueger के द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार, 15% से ज्यादा Bitcoin ऑन-चेन खो चुके हैं, जिससे भारत की होल्डिंग और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस आंकड़े ने न केवल भारत की क्रिप्टो क्षमता को उजागर किया है, बल्कि यह भी सवाल उठाया है कि इतने प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने यह मुकाम कैसे हासिल किया। आइए, इसके पीछे के कारणों पर नजर डालते हैं।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता में तेजी का कारण कई फेक्टर्स का मिश्रण है। युवा आबादी, डिजिटल टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग और निवेश के नए अवसरों की तलाश ने इसे बढ़ावा दिया है।
युवा और टेक-सैवी जनसंख्या: भारत की 50% से ज्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है, जो डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो एक्सचेंज जैसे Binance, CoinDCX और ZebPay को आसानी से अपनाती है।
वैकल्पिक निवेश की तलाश: स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट के अलावा, Bitcoin जैसे डिजिटल एसेट्स में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उदाहरण के लिए, Bitcoin ने पिछले 1 साल में बंपर रिटर्न दिया है जो निवेशकों को आकर्षित करता है।
डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम का आकर्षण: Bitcoin का पीयर-टू-पीयर नेटवर्क और क्रिप्टोग्राफी-आधारित सिस्टम मिडलमैन को हटाता है, जो भारतीय निवेशकों को डिजिटल फ्रीडम की भावना देता है।
मोबाइल और इंटरनेट पेनेट्रेशन: भारत में सस्ते डेटा और स्मार्टफोन की उपलब्धता ने क्रिप्टो ट्रेडिंग को आसान बनाया है।
भले ही भारत Bitcoin Holding के मामले में दुसरे नंबर पर है लेकिन रेगुलेशन की कमी अभी भी एक बड़ा सवाल है। आइए, अब इस पहलू पर गौर करते हैं।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर रेगुलेशन का अभाव एक दोधारी तलवार है। एक तरफ, यह निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ाता है, इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड का खतरा भी लगातार बना रहता है। दूसरी तरफ, सख्त नियमों की कमी ने रिटेल निवेशकों को बिना किसी रोक-टोक के निवेश करने की आजादी दी है।
वर्तमान स्थिति: भारत में क्रिप्टो पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू है, लेकिन कोई स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं है। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने RBI के क्रिप्टो बैन को हटा दिया था, लेकिन नए नियम अभी तक लागू नहीं हुए। हालांकि, हाल ही में X पर पोस्ट्स के अनुसार, भारत की सत्तारूढ़ पार्टी BJP के कुछ नेताओं ने Bitcoin रिजर्व पायलट प्रोग्राम शुरू करने की मांग की है।
रेगुलेशन की जरूरत: भारत की 5.1% Bitcoin Holding रेगुलेशन की तत्काल जरूरत को दर्शाती है। यह निवेशकों को सुरक्षा देगा और क्रिप्टो मार्केट को और मजबूत करेगा।
रेगुलेशन न केवल निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक क्रिप्टो हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। लेकिन क्या भारत इस अवसर का लाभ उठा पाएगा?
भारत की Bitcoin Holding और क्रिप्टो मार्केट की बढ़ती लोकप्रियता एक बात साफ करती है, यहां डिजिटल एसेट्स का भविष्य उज्ज्वल है। अगर सरकार एक संतुलित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लाती है, तो भारत न केवल होल्डिंग में, बल्कि ब्लॉकचेन इनोवेशन और क्रिप्टो स्टार्टअप्स में भी अग्रणी बन सकता है।
भारत का Bitcoin Holding में दूसरा स्थान हासिल करना केवल एक आंकड़ा नहीं है, यह देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में शुरू हो चुके एक ट्रेंड की गवाही है। रिटेल निवेशकों की ताकत, टेक-सैवी युवा आबादी, और मजबूत क्रिप्टो एक्सचेंजों ने भारत को इस मुकाम तक पहुंचाया है। लेकिन अब समय है कि सरकार एक स्पष्ट रेगुलेटरी ढांचा लाए जिससे भारत Web3 में नए नए इनोवेशन के साथ अपनी स्थिति और मजबूत कर पाए।
Copyright 2026 All rights reserved