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Crypto Scam पर सरकार सख्त, बिना रजिस्ट्रेशन वाले Exchange होंगे बंद

विदेशी Crypto Apps पर सख्ती! भारत बना रहा Virtual Asset Lab

देशभर में लगातार सामने आ रहे Crypto Scam में कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। अक्सर ज्यादा मुनाफे के लालच में लोग फर्जी प्लेटफॉर्म्स के झांसे में आ जाते हैं। लेकिन अब ऐसे फर्जी और अनियमित विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर सरकार सख्ती की तैयारी कर रही है। हाल ही में Financial Action Task Force (FATF) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत बिना रजिस्ट्रेशन वाले विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की पहचान करने के लिए एक स्वदेशी Virtual Asset Lab विकसित कर रहा है। इस लैब के जरिए सरकार उन प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख सकेगी जो भारतीय नियमों से बचते हुए निवेशकों को सेवाएं दे रहे हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

सोशल मीडिया और वेबसाइट्स से हटाए गए 85 URL

रिपोर्ट के अनुसार Financial Intelligence Unit-India ने Ministry of Home Affairs, India के साथ मिलकर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की है। सोशल मीडिया कंपनियों, वेब होस्टिंग सेवाओं और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को Unauthorized विदेशी Crypto scam प्लेटफॉर्म्स से जुड़े कंटेंट हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नही बल्कि अब तक करीब 85 संदिग्ध URL हटाए जा चुके हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध वित्तीय गतिविधियों या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा माना गया।

क्या होगी Crypto Scam में Virtual Asset Lab की भूमिका? 

बता दें, भारत जिस Virtual Asset Lab को विकसित कर रहा है, वह अत्याधुनिक तकनीक के जरिए डिजिटल Platforms की निगरानी करेगी।

Crypto Scam को लेकर इस लैब के प्रमुख काम होंगे:

  1. इंटरनेट और ब्लॉकचेन डेटा का विश्लेषण

  2. अनरजिस्टर्ड विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की पहचान

  3. संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की निगरान

  4. संभावित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को ट्रैक करना

  5. इस पहल का लक्ष्य भारत में क्रिप्टो इकोसिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

टैक्स लागू होने के बाद विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर झुकाव

दरअसल, भारत सरकार ने साल 2022 में क्रिप्टो संपत्तियों से होने वाली आय पर 30% टैक्स और लेनदेन पर 1% TDS लागू किया था। बस इसके बाद से ही कुछ ट्रेडर्स और निवेशक भारत में रजिस्टर्ड एक्सचेंज छोड़कर विदेशी Platforms का उपयोग करने लगे। इनमें से कई प्लेटफॉर्म भारत में आधिकारिक रूप से Registered नहीं हैं।

Crypto Scam App बिना KYC के जोड़ रहे भारतीय ग्राहक

FIU-India के अनुसार कई विदेशी क्रिप्टो Platforms भारतीय उपयोगकर्ताओं को बिना पर्याप्त KYC (Know Your Customer) जांच के ही सेवा दे रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि:

  1. कुछ प्लेटफॉर्म UPI और कार्ड नेटवर्क के माध्यम से डिपॉजिट स्वीकार करते हैं

  2. निकासी भारतीय बैंक खातों या वॉलेट में की जाती है

  3. इस मॉडल के जरिए कई कंपनियां भारतीय Anti-Money Laundering (AML) नियमों से बचने की कोशिश करती हैं

क्रिप्टो जोखिमों से निपटने के लिए मल्टी-एजेंसी प्लेटफॉर्म

बता दें, सरकार ने Crypto से जुड़े जोखिमों पर बेहतर Coordination के लिए जुलाई 2023 में एक मल्टी-एजेंसी प्लेटफॉर्म भी स्थापित किया था। इसमें शामिल हैं:

  1. कानून प्रवर्तन एजेंसियां

  2. खुफिया एजेंसियां 

  3. वित्तीय नियामक संस्थाएं

इसके अलावा FIU-India ने क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स, बैंकों और पेमेंट कंपनियों के साथ एक टास्क फोर्स बनाई है। यह समूह Suspicious लेनदेन की पहचान के लिए Red-Flag Indicators विकसित करेगा।

वर्तमान में निगरानी की जिम्मेदारी

बता दें, भारत में Virtual Digital Asset Service Providers (VDA-SPs) की निगरानी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी फिलहाल FIU-India को दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली Virtual Asset Lab इस निगरानी तंत्र को और मजबूत बना सकती है और देश के बाहर से ऑपरेट हो रहे अनियमित Platforms पर अंकुश लगाने में मदद कर सकती है।

कन्क्लूजन

कुल मिलाकर, भारत सरकार Crypto सेक्टर में Transparency and Security बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। Virtual Asset Lab जैसी पहल से अनियमित और विदेशी Crypto Scam प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखना आसान होगा। इससे निवेशकों को सुरक्षित माहौल मिल सकता है और फर्जी Crypto Scam पर भी काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल सार्वजनिक रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियम, जोखिम और निवेश से संबंधित निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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Virtual Asset Lab भारत सरकार द्वारा विकसित की जा रही एक तकनीकी प्रणाली है, जिसका उद्देश्य अनरजिस्टर्ड विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की पहचान करना और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना है।
सरकार का लक्ष्य अनधिकृत विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की पहचान करना, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जोखिमों को कम करना और क्रिप्टो इकोसिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाना है।
Financial Intelligence Unit-India (FIU-India) भारत में Virtual Digital Asset Service Providers की निगरानी करती है और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई करती है।
कुछ विदेशी प्लेटफॉर्म भारतीय ग्राहकों को बिना पर्याप्त KYC जांच के जोड़ लेते हैं और UPI या कार्ड नेटवर्क के जरिए डिपॉजिट स्वीकार करते हैं, जिससे वे स्थानीय नियमों से बचने की कोशिश करते हैं।
हाँ, भारत में 2022 से क्रिप्टो आय पर 30% टैक्स और क्रिप्टो ट्रांजेक्शन पर 1% TDS लागू है।