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इंस्टाग्राम के झांसे में बुजुर्ग, AI Crypto Trading पर ₹1.89 करोड़ ठगी

इंस्टाग्राम Ads से बुजुर्ग को फंसाकर ₹1.89 करोड़ ठगे, जानें मामला

डिजिटल निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के बढ़ते चलन के बीच साइबर फ्रॉड नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 69 वर्षीय रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को AI Crypto Trading के नाम पर करीब ₹1.89 करोड़ की ठगी का शिकार बना लिया गया। यह पूरी ठगी सिर्फ एक सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुई और धीरे-धीरे पीड़ित की पूरी जीवन भर की बचत खत्म हो गई। आइए जानते हैं इससे जुड़ा पूरा मामला

AI Crypto Trading इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुई 

पुलिस के अनुसार यह घटना 20 नवंबर को शुरू हुई, जब पीड़ित को Instagram पर “AI Crypto Trading” का एक विज्ञापन दिखाई दिया। इस विज्ञापन में कम समय में भारी मुनाफे का दावा किया गया था। कुछ ही समय बाद एक महिला ने पीड़ित से संपर्क किया। उसने अपना नाम “महेश्वरी” बताया और खुद को एक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के रूप में पेश किया। महिला ने पीड़ित को एक मोबाइल ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने और शुरुआती निवेश करने के लिए कहा।

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शुरुआत में दिखाया गया छोटा प्रॉफिट

महिला के कहने पर पीड़ित ने App डाउनलोड किया और शुरुआत में ₹23,000 का निवेश किया। ऐप पर कुछ ही समय में छोटा मुनाफा दिखाया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित ने ₹276 तक की राशि सफलतापूर्वक निकाल भी ली। यही वह चरण था जहां ठगों ने पीड़ित का विश्वास पूरी तरह जीत लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठगी के कई मामलों में शुरुआत में छोटा प्रॉफिट दिखाकर लोगों को भरोसा दिलाया जाता है।

धीरे-धीरे बढ़ता गया निवेश

AI Crypto Trading में विश्वास बनने के बाद पीड़ित लगातार बड़े निवेश करते गए। दिसंबर तक ऐप में ₹83 लाख से ज्यादा का प्रॉफिट दिखाया जाने लगा। इस बढ़ते मुनाफे को देखकर पीड़ित ने कुल मिलाकर ₹1.89 करोड़ तक जमा कर दिए। लेकिन असली धोखाधड़ी तब सामने आई जब उन्होंने लगभग ₹74 लाख निकालने की कोशिश की।

निकासी के समय मांगी गई अलग-अलग फीस

जैसे ही बुजुर्ग ने पैसे निकालने की कोशिश की, ऐप ने अलग-अलग तरह की फीस मांगना शुरू कर दिया। इनमें शामिल थे:

  • 8% कन्वर्जन फी

  • कैपिटल गेन टैक्स

  • ट्रांजेक्शन फीस

  • गैस फीस

  • क्रिप्टो टैक्स

  • सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स

  • स्वैप चार्ज

  • ओवरसीज ट्रांजेक्शन फीस

बुजुर्ग हर बार यह फीस भरते गए, लेकिन हर भुगतान के बाद एक नई फीस का बहाना सामने आ जाता था।

बैंक अकाउंट खाली होने के बाद खुला राज

लगातार भुगतान करते-करते आखिरकार पीड़ित का बैंक अकाउंट लगभग खाली हो गया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह AI Crypto Trading से जुड़ा पूरा प्लेटफॉर्म और ऐप एक सुनियोजित साइबर ठगी का हिस्सा था। कुछ समय बाद ऐप पूरी तरह बंद हो गया और “महेश्वरी” नाम से संपर्क करने वाली महिला भी गायब हो गई।

पुलिस की जांच जारी

AI Crypto Trading से जुड़े इस मामले को लेकर बुजुर्ग ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। जांच एजेंसियां अब ऐप के डेवलपर, सर्वर लोकेशन और संबंधित IP एड्रेस की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कई फर्जी प्लेटफॉर्म विदेशों से ऑपरेट किए जाते हैं, जिससे जांच और भी जटिल हो जाती है।

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विशेषज्ञों की चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे कई AI Crypto Trading प्लेटफ़ॉर्म वास्तव में फर्जी होते हैं। इन ऐप्स में दिखाई देने वाला मुनाफा केवल स्क्रीन पर दिखाया गया नंबर होता है। असल में कोई वास्तविक ट्रेडिंग नहीं होती।

AI Crypto Trading जैसे फ्रॉड से कैसे बचें?

विशेषज्ञों ने निवेशकों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:

  • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर दिखने वाले निवेश ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें

  • किसी भी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वैधता पहले जांच लें

  • निवेश से पहले नियामक संस्थाओं की वेबसाइट पर जानकारी देखें

  • अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें

  • “जल्दी अमीर बनने” वाले वादों से सतर्क रहें

कन्क्लूजन 

AI Crypto Trading की यह घटना दिखाती है कि डिजिटल दुनिया में जल्दी और आसान मुनाफे का लालच कितना खतरनाक हो सकता है। खासकर बुजुर्ग नागरिक सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए आसानी से ठगों के निशाने पर आ सकते हैं। ₹1.89 करोड़ की इस ठगी ने न केवल एक व्यक्ति की जीवन भर की कमाई खत्म कर दी, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी गहरा झटका दिया है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी क्रिप्टो या ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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AI Crypto Trading स्कैम में ठग फर्जी ऐप या वेबसाइट बनाकर लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देते हैं। असल में इनमें कोई वास्तविक ट्रेडिंग नहीं होती, सिर्फ स्क्रीन पर नकली प्रॉफिट दिखाया जाता है।
पीड़ित को इंस्टाग्राम पर AI Crypto Trading का एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसके बाद एक महिला ने खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर संपर्क किया और एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाकर निवेश करने के लिए कहा।
इस मामले में पीड़ित ने अलग-अलग निवेश और फीस के नाम पर कुल लगभग ₹1.89 करोड़ जमा कर दिए, जो बाद में साइबर ठगी का हिस्सा निकले।
सोशल मीडिया विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले प्लेटफॉर्म की जांच करें, अनजान ऐप डाउनलोड न करें और किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की पुष्टि करें।
तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं ताकि जांच शुरू हो सके।