Iran में पिछले 12 दिनों से जारी Protest अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। गुरुवार रात देश के कई शहरों में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और Supreme Leader of Iran Ali Khamenei के शासन के खिलाफ नारेबाज़ी की।
हालात को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए पूरे देश में Mobile Internet के साथ Broadband Internet Services भी बंद कर दी हैं। इसका असर Cryptocurrency, खासकर Bitcoin पर भी देखने को मिल सकता है।
Source- BBC News X Post
Iran की भूमिका Bitcoin Mining Network में पहले जैसी बड़ी नहीं रही, लेकिन अब भी वह Global Bitcoin Mining का एक हिस्सा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस Internet Blackout से Bitcoin Mining Network को कोई खतरा है या फिर यह सिर्फ एक लोकल समस्या है।
साल 2021 के आसपास ईरान का ग्लोबल Bitcoin Hashrate में अच्छा खासा योगदान था। इसकी सबसे बड़ी वजह थी सस्ती और सब्सिडी वाली बिजली।
ईरान में Electricity Cost काफी कम हैं, क्योंकि Iran Government सब्सिडी देती है। यही कारण है कि बिटकॉइन माइनर्स के लिए यह देश आकर्षक बना।
ईरान Arms Deal के लिए Crypto यूज कर रहा है इसके अलावा, US और EU के प्रतिबंधों के कारण कई बिजनेस Crypto की तरफ आए, ताकि वे ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम से बाहर ट्रांजैक्शन कर सकें। हालांकि, समय के साथ सरकार ने माइनिंग पर कई बार सख्ती बढ़ाई।
यूजर्स को लगता है कि जैसे ही इंटरनेट बंद हुआ, बिटकॉइन माइनिंग भी रुक जाएगी। लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है।
Top Bitcoin Mining Firm लगातार High Speed Internet पर निर्भर नहीं होते। उन्हें स्टेबल इलेक्ट्रिसिटी और सीमित इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है। Bitcoin Network पर हर 10 मिनट में एक नया ब्लॉक बनता है और माइनर्स उस दौरान भी काम कर सकते हैं, भले ही इंटरनेट पूरी तरह फुल स्पीड पर न हो।
हालांकि, अगर इंटरनेट लंबे समय तक स्टेबल नहीं रहता है, तो दिक्कतें जरूर आ सकती हैं। माइनिंग पूल से कनेक्शन में परेशानी होती है, पेमेंट मिलने में देरी हो सकती है और सॉफ्टवेयर अपडेट भी रुक जाते हैं। छोटे माइनर्स के लिए यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
अगर मान भी लिया जाए कि Iran की पूरी Bitcoin Mining क्षमता बंद हो जाए, तब भी ग्लोबल हैशरेट का कम हिस्सा ही प्रभावित होगा। BTC का सिस्टम खुद को ऑटोमैटिक तरीके से एडजस्ट करता है। जैसे ही माइनिंग पावर घटती है, नेटवर्क की डिफिकल्टी भी एडजस्ट हो जाती है।
साल 2021 में जब China ने बिटकॉइन माइनिंग पर पूरी तरह बैन लगा दिया था, तब एक झटके में 40% से ज्यादा हैशरेट गायब हो गई थी। इसके बावजूद बिटकॉइन नेटवर्क न सिर्फ सुरक्षित रहा, बल्कि कुछ महीनों में पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा।
ईरान की स्थिति China के मुकाबले बहुत छोटी है। इसलिए इसे बिटकॉइन के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं माना जा सकता।
एक तरफ इस तरह की घटनाएं BTC के सबसे बड़े विचार को मजबूत करती हैं जो है Decentralization। कोई भी सरकार, देश पूरी दुनिया में फैले इसके नेटवर्क को बंद नहीं कर सकता। अगर एक जगह माइनिंग रुकती है, तो दूसरी जगह बढ़ जाती है।
दूसरी तरफ, यह भी सच है कि माइनिंग सस्ती ऊर्जा की वजह से ज्यादा आसान होती है और सस्ती ऊर्जा अक्सर राजनीतिक रूप से अस्थिर देशों में मिलती है। इससे समय-समय पर ऐसे झटके आते रहते हैं, जो Short Term में अन्सर्तिनिटी बढ़ा सकते हैं।
यह खबर से पता चलता है कि Internet Blackout, राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट जैसे मुद्दे लोकल लेवल पर असर डाल सकते हैं, लेकिन ग्लोबल लेवल पर बिटकॉइन सिस्टम खुद को संभाल लेता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
Long Term में बिट कॉइन के सामने रियल चुनौती इंटरनेट आउटेज नहीं, बल्कि ऊर्जा नीति, Crypto Regulation और माइनर्स की तेजी से खुद को ढालने की क्षमता है।
Iran Internet Shutdown होना वहां के माइनर्स के लिए जरूर एक बड़ी समस्या है। कई ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं और कुछ को बंद भी करना पड़ सकता है।
लेकिन इससे BTC को कोई खतरा नहीं है। नेटवर्क चलता रहेगा, माइनिंग शिफ्ट होती रहेगी और सिस्टम खुद को एडजस्ट करता रहेगा।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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