Iran ने International Arms Trade में एक नया रास्ता अपनाने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अब Crypto के जरिए विदेशी देशों को हथियार बेचने के लिए तैयार है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब Iran पर US और Europe के कड़े Sanctions लगे हुए हैं।

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Financial Times की रिपोर्ट्स के अनुसार, Iran का Ministry of Defence Export Center (Mindex) अब ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम के अलावा Crypto Payment, Barter System और Iranian Rial को भी एक्सेप्ट कर रहा है।
ईरान लंबे समय से Sanctions की वजह से Global Banking System से काफी हद तक कट चुका है। SWIFT जैसे Payment Network और US Treasury की निगरानी के चलते ईरानी संस्थानों के लिए Dollar या Euro में ट्रांजैक्शन करना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में Bitcoin, USDT और अन्य Cryptocurrency ईरान के लिए एक वैकल्पिक रास्ता बनकर उभरी हैं। क्रिप्टो के जरिए Cross Border Payment बिना ट्रेडिशनल बैंकों के किया जा सकता है, जिससे Transaction Block होने का खतरा कम हो जाता है।
Mindex, ईरान के रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाला एक सरकारी Export Center है, जो विदेशों में हथियारों की बिक्री संभालता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Mindex का दावा है कि उसके 35 देशों के साथ कारोबारी संबंध हैं।
Mindex के Catalog में शामिल हथियार में से कुछ इस प्रकार हैं
Ballistic Missiles
Drones
Warships
Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, Mindex की एक Multilingual Website है, जहां हथियारों की जानकारी दी गई है।
इस वेबसाइट पर एक Online Portal और Virtual Chatbot भी मौजूद है, जो संभावित Buyers को प्रोसेस समझाता है।

Source- Mindex Website
FAQ सेक्शन में सीधे Sanctions से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए हैं और बताया गया है कि भुगतान और डिलीवरी के तरीके आपसी सहमति से तय किए जा सकते हैं।
हालांकि वेबसाइट पर हथियारों की कीमतें नहीं बताई की गई हैं, लेकिन Buyers को ईरान में जाकर सामान देखने का विकल्प भी दिया गया है, वो भी सुरक्षा मंजूरी के बाद।
CryptoHindiNews के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कोई देश खुले तौर पर क्रिप्टो में हथियार बेचने लगता है, तो यह Global Security के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
Crypto Transactions को ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब Privacy Tools का इस्तेमाल किया जाए। इससे
Sanctions Enforcement कमजोर हो सकती है।
हथियारों का गलत हाथों में पहुंचना आसान हो सकता है।
Global Security Risks बढ़ सकते हैं।
इसी वजह से US और Europe पहले से ही Crypto based Networks पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
सितंबर 2025 में, US Treasury ने ऐसे Financial Networks पर Sanctions लगाए थे, जो ईरान की Military Funding में मदद कर रहे थे।
इन Networks पर Cryptocurrency और Shadow Banking Structures के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि अगर Crypto Transactions को सीधे Sanctioned Entities से जोड़ा जा सका, तो Wallet Addresses को Blacklist किया जा सकता है और Centralized Exchanges पर भी दबाव बढ़ सकता है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि Mindex Website पर Cryptocurrency Payment से जुड़ी जानकारी करीब एक साल से मौजूद थी, लेकिन अब जाकर इस पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान गया है।
इसका मतलब यह है कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं, बल्कि धीरे-धीरे अपनाई गई स्ट्रैटेजी हो सकती है।
Iran में सिर्फ Arms Trade ही नहीं, बल्कि National Level पर भी Cryptocurrency का यूज तेजी से बढ़ा है।
ऐसा अनुमान है कि 50 लाख से ज्यादा ईरानी Crypto Trading में एक्टिव हैं
2025 में Inbound Crypto Volume में 11.8% की बढ़ोतरी हुई।
Nobitex, Bit24 और Excoino जैसे Local Exchanges काम कर रहे हैं।
हालांकि जून 2025 में $80 से 90 Million का Nobitex Hack हुआ था, फिर भी क्रिप्टो एडॉप्शन रुका नहीं।
Iran का Crypto को हथियार बिक्री के भुगतान विकल्प के रूप में स्वीकार करना क्रिप्टो और Geopolitics के टकराव का बड़ा उदाहरण है। यह कदम Sanctions से बचने की कोशिश दिखाता है, लेकिन साथ ही Global Security और Regulation से जुड़े कई सवाल भी खड़े करता है। अब देखने वाली बात होगी कि दुनिया किस तरह से इस स्थिति का सामना करती है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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