India AI Impact Summit 2026 में Mukesh Ambani ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी कंपनी Reliance Industries और Jio मिलकर अगले 7 वर्षों में Artificial Intelligence के क्षेत्र में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगी। यह निवेश 2026 से शुरू होगा और इसका मकसद भारत को सस्ती, सुलभ और मजबूत AI ताकत देना है।
2016 में Jio ने Mobile Data को सस्ता बनाकर Telecom Sector में बड़ा बदलाव किया था। उसी तरह अब कंपनी एआई को सस्ता बनाने का लक्ष्य रख रही है।
Source- X Post
उन्होंने साफ कहा कि यह देश निर्माण के लिए किया जा रहा Long Term निवेश है।
India AI Impact Summit 2026 में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया इस समय एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। एक रास्ता ऐसा है जहां Artificial Intelligence महंगी और सीमित रहेगी, कुछ गिने-चुने देशों और कंपनियों के पास ही इसकी ताकत होगी।
दूसरा रास्ता वह है जहां एआई हर व्यक्ति और हर क्षेत्र तक सस्ती दर पर पहुंचेगी। उनके अनुसार, भारत को दूसरे रास्ते पर चलना चाहिए जहां Artificial Intelligence सबके लिए हो, सिर्फ कुछ लोगों के लिए नहीं।
Mukesh Ambani ने बताया कि यह निवेश तीन बड़े हिस्सों में किया जाएगा जो कि इस प्रकार हैं
1. गीगावॉट स्तर के बड़े डेटा सेंटर
Jio भारत में बड़े स्तर पर एआई-तैयार डेटा सेंटर बनाएगी। इसकी शुरुआत Gujarat के जामनगर में हो चुकी है।
2026 में 120 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता शुरू हो जाएगी। आगे चलकर इसे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा।
2. ग्रीन एनर्जी से AI को ताकत
रिलायंस ने दावा किया कि उसके पास लगभग 10 गीगावॉट ग्रीन पावर उपलब्ध है। इसमें कच्छ और आंध्र प्रदेश में सोलर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
AI को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है। ऐसे में अगर यह बिजली Natural स्रोतों से मिले तो पर्यावरण पर कम असर पड़ेगा।
3. देशभर में Edge Compute Network
Jio अपने नेटवर्क के जरिए पूरे देश में एक Edge Compute Layer बनाएगी। इसका मतलब है कि एआई सेवाएं उपयोगकर्ता के पास ही प्रोसेस होंगी, जिससे:
स्पीड तेज होगी
लेटेंसी कम होगी
खर्च कम रहेगा
Reliance Jio का कहना है कि उसका नेटवर्क पहले ही देश के दूरदराज इलाकों तक पहुंच चुका है। इसलिए Artificial Intelligence सेवाएं सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी।
Tech Experts के अनुसार, Artificial Intelligence infrastructure में Investment किसी भी देश की Digital Independence के लिए जरूरी होता है।
AI Summit 2026 में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को दूसरे देशों से एआई टेक्नोलॉजी किराए पर नहीं लेनी चाहिए। उनका मानना है कि एआई के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती टैलेंट की कमी नहीं, बल्कि कंप्यूट की ऊंची लागत है। Reliance Industries भारत की सबसे बड़ी Private Companies में से एक है।
मुकेश अंबानी ने भारत की मौजूदा डिजिटल ताकत का जिक्र भी किया
लगभग 1 अरब इंटरनेट यूजर
दुनिया में सबसे सस्ता मोबाइल डेटा
1.4 अरब आधार आईडी
हर महीने 12 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन
1 लाख से ज्यादा स्टार्टअप
100 से ज्यादा यूनिकॉर्न
TRAI के अनुसार, Jio के 48 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। कंपनी का कहना है कि इसी मजबूत डिजिटल ढांचे के आधार पर Artificial Intelligence को तेज़ी से फैलाया जा सकता है।
अपने भाषण में मुकेश अंबानी ने Artificial Intelligence की तुलना महाभारत के “अक्षय पात्र” से की। उनके अनुसार, जैसे अक्षय पात्र से भोजन खत्म नहीं होता था, वैसे ही एआई ज्ञान, उत्पादकता और काम की गति को बढ़ाने का असीम साधन बन सकता है।
उन्होंने कहा कि अभी Artificial Intelligence का असली दौर शुरू ही हुआ है और आने वाले सालों में इसका असर और ज्यादा दिखाई देगा।
अंबानी का दावा है कि 21वीं सदी में India दुनिया की बड़ी एआई ताकत बन सकता है। उनका तर्क है कि भारत के पास
युवा आबादी
मजबूत लोकतंत्र
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
बड़ा डिजिटल डेटा बेस
ये सभी चीजें मिलकर भारत को Artificial Intelligence के लिए अनुकूल वातावरण देती हैं।
अगर यह योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो इसका असर कई क्षेत्रों में दिख सकता है:
शिक्षा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग
स्वास्थ्य में तेज जांच और सलाह
खेती में स्मार्ट सलाह
उद्योग में ऑटोमेशन
सरकारी सेवाओं में तेज और पारदर्शी काम
हालांकि, Tech Experts मानते हैं कि इतनी बड़ी योजना को सफल बनाने के लिए लगातार निवेश, नीति समर्थन और Cyber Security पर खास ध्यान देना होगा।
इतने बड़े निवेश के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं जो कि इस प्रकार हैं
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता
एआई के गलत उपयोग का खतरा
स्किल ट्रेनिंग की जरूरत
छोटे कारोबारियों को जोड़ना
भारत सरकार और निजी कंपनियों को मिलकर इन मुद्दों पर काम करना होगा।
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India AI Summit में ₹10 लाख करोड़ का यह निवेश भारत के Artificial Intelligence क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी निजी पहल में से एक माना जा रहा है।
अगर Jio और Reliance अपनी योजना के अनुसार डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और Edge Network तैयार कर लेते हैं, तो भारत में एआई सर्विस सस्ती और व्यापक हो सकती हैं।
मुकेश अंबानी का कहना है कि जैसे जियो ने मोबाइल डेटा को आम लोगों तक पहुंचाया, वैसे ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हर नागरिक तक पहुंचाया जाएगा। आने वाले 7 साल तय करेंगे कि यह सपना कितनी तेजी से हकीकत में बदलता है।
डिस्क्लेमर- यह लेख केवल सामान्य जानकारी और समाचार उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों, आधिकारिक घोषणाओं और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। इस लेख का उद्देश्य किसी प्रकार की निवेश, तकनीकी या व्यावसायिक सलाह देना नहीं है। Artificial Intelligence या संबंधित किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश या निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोतों और योग्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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