Presale Stage, दर्जनों चरण चलने का असल में क्या मतलब होता है
अधिकांश presale कुछ चरणों में पूरे होते हैं, हर चरण में थोड़ी ऊँची कीमत पर। पर कुछ presale बीस, तीस या उससे भी ज़्यादा चरणों तक चलते रहते हैं, और लॉन्च की तारीख आगे खिसकती रहती है। Presale Stage की यह संख्या अपने आप में एक जानकारी है, और इसे पढ़ना सीखना उपयोगी है।
यह पेज किसी एक परियोजना के बारे में नहीं है। यह उस ढाँचे के बारे में है जो कई जगह दोहराया जाता है।
Presale Stage, यह ढाँचा है क्या
बहुचरणीय बिक्री में टोकन एक ही कीमत पर नहीं बेचे जाते। पहले चरण की कीमत सबसे कम रखी जाती है, फिर हर अगले चरण में वह थोड़ी बढ़ा दी जाती है, और यह क्रम लॉन्च तक चलता है।
इसका घोषित उद्देश्य शुरुआती भागीदारों को इनाम देना होता है। पर इसका एक व्यावहारिक असर भी है, हर चरण एक तात्कालिकता पैदा करता है, क्योंकि खरीदार को लगता है कि अगली बार महँगा मिलेगा। यही कारण है कि चरणों की गिनती प्रचार का हिस्सा बन जाती है।
चरण दर चरण कीमत बढ़ने का असली अर्थ
यहाँ एक बात साफ करना ज़रूरी है। यह बढ़त बाज़ार की माँग का नतीजा नहीं है, यह विक्रेता की तय की हुई अनुसूची है। किसी बाज़ार में कीमत तब बढ़ती है जब खरीदार ऊँचे भाव पर खरीदने को तैयार हों। यहाँ कीमत इसलिए बढ़ती है क्योंकि दस्तावेज़ में ऐसा लिखा था।
इसका मतलब यह नहीं कि यह ढाँचा अपने आप में गलत है, कई वैध परियोजनाएँ भी इसका उपयोग करती हैं। मतलब यह है कि बढ़ी हुई कीमत को प्रमाण मत मानिए, क्योंकि वह किसी स्वतंत्र मूल्यांकन से नहीं आई, जिसका पूरा गणित presale पेज पर है।
चरण संख्या और उससे निकलने वाले संकेत
| स्थिति | सामान्य presale में | बहुत लंबे presale में | क्या पूछें |
|---|---|---|---|
| चरणों की संख्या | कुछ चरण, तय अवधि | दर्जनों चरण, बढ़ती अवधि | कुल कितने चरण घोषित थे |
| लॉन्च तारीख | एक बार घोषित | बार-बार खिसकती है | पहली घोषित तारीख क्या थी |
| कीमत | चरणों में सीमित बढ़त | पहले चरण से कई गुना ऊपर | पहले चरण की कीमत क्या थी |
| उत्पाद | साथ-साथ बनता दिखता है | अक्सर वैसा ही रहता है | इस बीच क्या बना |
| नया खरीदार | जल्दी लिस्टिंग तक पहुँचता है | अनिश्चित काल तक इंतज़ार | मेरा पैसा कब तक बँधा रहेगा |
बहुत लंबे presale में क्या बदल जाता है
सबसे बड़ा बदलाव खरीदार की स्थिति में आता है। शुरुआती चरण में आने वाले के लिए कीमत कम थी और इंतज़ार भी सीमित लग रहा था। तीसवें चरण में आने वाले के लिए दोनों बदल चुके हैं, कीमत कई गुना ऊपर है और इंतज़ार अनिश्चित।
दूसरा बदलाव यह कि जिस तर्क पर पूरी बिक्री टिकी है, वह कमज़ोर पड़ जाता है। presale का मूल आकर्षण यही है कि आप बाज़ार से पहले और सस्ते में आ रहे हैं। पर अगर कीमत पहले चरण से कई गुना हो चुकी है, तो आप न सबसे पहले हैं और न सबसे सस्ते में, जबकि जोखिम वही बना हुआ है जो पहले दिन था।
देरी अपने आप में जानकारी है
लॉन्च तारीख का खिसकना सामान्य माना जाता है, और कभी-कभी वह वाजिब भी होता है। तकनीकी काम में देरी होती है, किसी मंच के साथ शर्तें तय नहीं हो पातीं, या नियामकीय स्थिति साफ नहीं होती।
पर एक फर्क ध्यान देने लायक है
वाजिब देरी के साथ आम तौर पर एक स्पष्टीकरण आता है और नई तारीख भी। जहाँ तारीख बार-बार खिसके और कारण कभी न बताया जाए, वहाँ यह निष्पादन की क्षमता के बारे में कुछ कहता है। सबसे उपयोगी जाँच यह है कि परियोजना की पुरानी घोषणाएँ खोजिए और उनकी तारीखें एक क्रम में रखिए, क्योंकि वह क्रम किसी भी दावे से ज़्यादा बताता है। आगामी चरण की सीमाएँ इस पेज पर दर्ज हैं।
खरीदार के लिए इसका व्यावहारिक मतलब
तीन बातें सीधे असर डालती हैं। पहली, आपका पैसा तब तक बँधा रहता है जब तक लॉन्च नहीं होता, और उस अवधि की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं होती।
दूसरी, जितनी देर होती है, उतनी बड़ी raise जमा हो जाती है, और लिस्टिंग पर उतने ही ज़्यादा टोकन बाज़ार में आने को तैयार होते हैं। तीसरी, इस पूरी अवधि में आपके पास कोई कीमत नहीं होती जिससे आप अपनी स्थिति आँक सकें, इसलिए बीच में निकलने का विकल्प भी नहीं रहता। unlock और उसके बाद के दबाव की व्याख्या vesting पेज पर और गुणा वाले दावों का गणित यहाँ दिया गया है।
raise का आकार भी देखिए
लंबे चलने वाले presale में एक आँकड़ा और उपयोगी होता है, अब तक कुल कितनी राशि जुट चुकी है। यह अक्सर बिक्री पेज पर ही दिखाया जाता है, क्योंकि उसे प्रगति के प्रमाण की तरह पेश किया जाता है।
पर उसे दूसरी तरह भी पढ़ा जा सकता है। जुटी हुई राशि यह बताती है कि लिस्टिंग के समय कितने लोगों के टोकन बाहर आने को तैयार होंगे, और उनकी औसत लागत क्या थी। अगर बड़ा हिस्सा शुरुआती सस्ते चरणों में बिका है, तो उन खरीदारों के लिए लिस्टिंग पर बेचना तब भी लाभदायक रहेगा जब कीमत बाद के चरणों से नीचे हो। यानी बाद के चरण में आने वाले पर दबाव पहले से ही बना हुआ है, और यह बात raise के आँकड़े से निकाली जा सकती है।
क्या-क्या जाँचना चाहिए
पहला, कुल कितने चरण घोषित किए गए थे और अभी कौन सा चल रहा है, क्योंकि यह अनुपात बहुत कुछ बता देता है। दूसरा, पहले चरण की कीमत क्या थी और आज क्या है, यानी आप कितने गुना ऊपर आ रहे हैं।
तीसरा, पहली घोषित लॉन्च तारीख क्या थी और वह कितनी बार बदली। चौथा, इस पूरी अवधि में उत्पाद में क्या ठोस जुड़ा, जिसे आप कोड या परीक्षण संस्करण के रूप में देख सकें। पूरा जोखिम ढाँचा risk analysis पेज पर, मंच की भूमिका यहाँ और रेड फ्लैग की सूची इस पेज पर उपलब्ध है।
यह पैटर्न पहचानना क्यों आसान है
इस ढाँचे की एक अच्छी बात यह है कि इसे पहचानने के लिए किसी तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं। आपको न कोड पढ़ना है, न ब्लॉकचेन देखनी है, न किसी दस्तावेज़ का विश्लेषण करना है।
आपको केवल तीन संख्याएँ चाहिए, अभी कौन सा चरण चल रहा है, पहले चरण की कीमत क्या थी, और पहली घोषित लॉन्च तारीख क्या थी। ये तीनों आम तौर पर बिक्री पेज और पुरानी घोषणाओं में मिल जाती हैं। इन्हें एक साथ रखते ही तस्वीर साफ हो जाती है, और यही इस जाँच को सबसे सुलभ बनाता है, क्योंकि इसमें न विशेषज्ञता चाहिए न ज़्यादा समय।
Glossary
- Multi-stage Sale
- बहुचरणीय बिक्री, जिसमें हर चरण में कीमत बढ़ाई जाती है।
- Scheduled Price
- विक्रेता की तय की हुई कीमत, जो बाज़ार की माँग से नहीं आती।
- TGE
- Token Generation Event, यानी वह क्षण जब टोकन वास्तव में जारी होते हैं।
- Launch Delay
- घोषित तारीख का आगे खिसकना, जिसका क्रम अपने आप में जा??कारी होता है।
- Locked Capital
- वह पूँजी जो लॉन्च तक बँधी रहती है और जिस पर कोई कीमत उपलब्ध नहीं होती।
अगर आप पहले से किसी लंबे presale में हैं
तो पहले यह देखिए कि आपने किस चरण में और किस कीमत पर लिया था, और आज कौन सा चरण चल रहा है। यह अंतर आपको बताता है कि आपकी स्थिति बाद में आने वालों के मुकाबले कहाँ है।
दूसरा, अपनी उम्मीद को उस समय की जानकारी से अलग कीजिए। जब आपने भाग लिया था तब जो तारीख और शर्तें बताई गई थीं, वे अब बदल चुकी हो सकती हैं, इसलिए मौजूदा दस्तावेज़ दोबारा पढ़िए। तीसरा, आगे और राशि लगाने का फैसला उसी तरह कीजिए जैसे आप आज पहली बार आ रहे हों, यानी पहले से लगी रकम को उस फैसले में मत जोड़िए। यह आखिरी बात सबसे कठिन है, क्योंकि दिमाग स्वाभाविक रूप से पुराने निवेश को बचाने की कोशिश करता है, और यही वह जगह है जहाँ नुकसान बढ़ता है।
निष्कर्ष
चरणों की गिनती को उपलब्धि की तरह पेश किया जाता है, जबकि वह अक्सर उसका उल्टा बताती है। जितने ज़्यादा चरण बीत चुके हैं, उतना ही आप उस मूल तर्क से दूर हैं जिस पर presale बेचा जाता है। इसलिए Presale Stage की संख्या देखते ही दो सवाल पूछिए, पहली घोषित लॉन्च तारीख क्या थी, और इस बीच उत्पाद में क्या ठोस जुड़ा।
अस्वीकरण
यह लेख शैक्षिक उद्देश्य से है और किसी परियोजना पर आरोप नहीं लगाता। बहुचरणीय बिक्री अपने आप में गलत नहीं है और वैध परियोजनाएँ भी इसका उपयोग करती हैं। यहाँ केवल यह समझाया गया है कि इस ढाँचे को कैसे पढ़ा जाए।