Crypto Market के Digital एसेट सेक्टर में तेजी से वायरल होने वाले प्लेटफॉर्म्स Nova NFT जो TreasureNFT का अपग्रेडेड वर्जन है, फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह पॉजिटिव नहीं है। बल्कि बड़ी संख्या में Nova NFT Withdrawal में देरी, ट्रांजेक्शन फेल और अकाउंट संबंधी दिक्कतों की शिकायत के कारण चर्चा में है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई यूजर्स को फंड निकालते समय बार-बार एरर का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में रिक्वेस्ट Cancelled या Temporarily Declined हो रही है, जबकि कुछ को दोबारा प्रयास करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। TreasureNFT से Nova प्लेटफॉर्म पर डेटा शिफ्ट होने के बाद सिस्टम को अपडेट किया गया है। कुछ लोग एक ही IP से कई अकाउंट चला रहे थे, उसे रोकने के लिए भी बदलाव किए गए हैं। इसी वजह से Withdrawal में देरी हो रही है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स नई Withdrawal रिक्वेस्ट डालें और करीब 96 घंटे तक इंतजार करें।
बता दे कि इस तरह की दिक्कतें और शिकायतें पहली बार 2025 के दौरान सामने आई थीं। इसके बाद प्लेटफॉर्म में बदलाव और डेटा माइग्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। 2026 की शुरुआत में नए नाम और सिस्टम के साथ दोबारा लॉन्च के बाद उम्मीद थी कि स्थिति सुधरेगी, लेकिन हाल के महीनों में फिर से टेक्निकल समस्याएं सामने आने लगी हैं।
जनवरी 2026 में TreasureNFT का पूरा डेटा Nova प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया गया और सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए लंबा अपडेट किया गया। मार्च–अप्रैल 2026 में जब Withdrawal शुरू हुआ, तो सिस्टम अपग्रेड के कारण नई समस्याएं सामने आने लगीं। 8–10 अप्रैल 2026 के लेटेस्ट अपडेट में कंपनी ने इसे “Temporary System Delay” यानी अस्थायी तकनीकी देरी बताया।
Nova NFT की वेबसाइट (novanft.xyz) और ऐप पर यह समस्या देखी जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर India समेत दुनियाभर के यूजर्स पर पड़ा है। इस मुद्दे को लेकर Instagram, YouTube और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर खूब चर्चा हो रही है।
अभी कुछ समय के लिए सिस्टम में देरी है, इसलिए Nova NFT Withdrawal नही हो पा रहा है। अपग्रेड पूरा होने के बाद सभी रिक्वेस्ट करीब 96 घंटे में प्रोसेस कर दी जाएंगी। सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाने, AI फीचर्स जोड़ने और रिस्क कंट्रोल बेहतर बनाने के लिए यह अपग्रेड किया जा रहा है। डेटा माइग्रेशन के दौरान ज्यादा ट्रैफिक और कुछ असामान्य एक्टिविटी की वजह से सिस्टम पर दबाव पड़ा था, जिससे Withdrawal में देरी आ रही है।
Nova NFT Withdrawal में आ रही इन परेशानियों का असर मुख्य रूप से उन इन्वेस्टर्स पर पड़ा है जिन्होंने प्लेटफॉर्म के द्वारा डिजिटल एसेट्स में निवेश किया था। India सहित कई देशों के यूजर्स ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन फोरम्स पर अपने अनुभव बताए हैं। कुछ इन्वेस्टर्स ने बताया है कि उन्होंने बड़ी रकम जमा की थी, जो फिलहाल प्लेटफॉर्म पर अटकी हुई है। लेकिन इन दावों की अभी तक कोई भी स्पष्ट जानकारी सामने नही आई है।
इस मुद्दे को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। लेकिन पब्लिक रूप से चर्चा में कुछ ओर भी कारण सामने आए है
लिक्विडिटी से जुड़ी चिंता: कुछ यूजर्स का मानना है कि बड़ी संख्या में पूंजी निकालने कि रिक्वेस्ट आने से दबाव बढ़ सकता है।
हाई ट्रांजेक्शन वॉल्यूम: एक साथ ज्यादा इतनी ज्यादा रिक्वेस्ट आने पर सिस्टम स्लो हो सकता है।
कम्युनिटी में उठते सवाल: सोशल प्लेटफॉर्म्स पर कुछ लोग इसे रिस्क भरा बता रहे हैं, हालांकि इस तरह के दावों की आधिकारिक जानकारी सामने नही आई है।
रेगुलेटरी या कंप्लायंस फैक्टर्स: कुछ मामलों में KYC या अन्य नियम भी देरी का कारण बन सकते हैं, लेकिन इस पर स्पष्ट जानकारी सीमित है।
आधिकारिक अपडेट्स में यह कहा गया है कि Nova NFT Withdrawal अस्थायी टेक्निकल समस्याओं के कारण प्रभावित हुए हैं। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपनी रिक्वेस्ट दोबारा सबमिट करें और निर्धारित समय तक इंतजार करें। लेकिन, यूजर्स की लगातार शिकायतें इस मुद्दे को चिंता का विषय बना रही हैं।
डिजिटल एसेट्स से जुड़े मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार-
किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
ट्रांजेक्शन से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
अनजान स्रोतों से मिले निर्देशों या ऑफर्स पर भरोसा न करें।
अतिरिक्त भुगतान या “फीस” के नाम पर मांगी गई राशि से सावधान रहें।
जरूरत पड़ने पर संबंधित साइबर अथॉरिटी से संपर्क करें।
Nova NFT Marketplace क्यों बना चर्चा का विषय, जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
कन्क्लूजन
डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म्स में ट्रांसपेरेंसी और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। मौजूदा स्थिति में Nova NFT Withdrawal से जुड़ी समस्याओं ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ाई है। जहां प्लेटफॉर्म इसे टेक्निकल समस्या बता रहा है, वहीं यूजर अनुभव अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी निर्णय से पहले पूरी जानकारी और जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और यूजर रिपोर्ट्स पर आधारित है। डिजिटल एसेट्स में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च अवश्य करें और आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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