Pi Network से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। Pi Network Community ने एक ऐसे Scam को लेकर चेतावनी दी है, जिसमें अब तक 44 लाख से ज्यादा Pi Coins यूजर्स के Wallets से निकल चुके हैं।
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए टीम को Payment Request Feature को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
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यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि क्रिप्टो में खतरा सिर्फ Technology से नहीं, बल्कि यूजर्स की खुद की गलती और Social Engineering से भी हो सकता है।
Pi Blockchain पूरी तरह Transparent है, यानी कोई भी Wallet Address और उसका Balance देख सकता है। Scammers इसी का गलत फायदा उठा रहे हैं। वे पहले ऐसे Wallets की पहचान करते हैं जिनमें ज्यादा Pi Coin मौजूद होते हैं।
इसके बाद Scammer सीधे उस Wallet पर Payment Request भेज देता है। अगर Wallet Holder बिना जांचे Approve बटन पर क्लिक कर देता है, तो Pi Coins तुरंत Scammer के Wallet में Transfer हो जाते हैं। एक बार Transaction Approve हो गया, तो उसे वापस पाना लगभग नामुमकिन होता है।
Community के कई जानकारों का कहना है कि यह कोई System bug या Technical Problem नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, Wallet बिल्कुल उसी तरह काम कर रहा है जैसा उसे Design किया गया है।
असल समस्या तब होती है जब यूजर खुद Transaction को Approve कर देता है। यानी यह पूरा स्कैम Social Engineering पर आधारित है, जहां Scammer भरोसा जीतने या धोखा देने की कोशिश करता है।
Scammers अक्सर Payment Request इस तरह भेजते हैं कि वह बिल्कुल रियल लगे, ताकि सामने वाला आसानी से धोखे में आ जाए। वे Bank, Company या Known Service जैसा नाम, Logo और Language इस्तेमाल करते हैं।
कई बार वे खुद को जान-पहचान वाला, Community Member दिखाने की कोशिश करते हैं ताकि यूजर बिना सोचे अप्रूव कर दे।
नए Users, जिन्हें On-chain Transactions का ज्यादा अनुभव नहीं होता, वे इस तरह के रिक्वेस्ट को आसानी से एक्सेप्टकर लेते हैं।
Community द्वारा साझा किए गए Blockchain Data के अनुसार, एक खास Wallet Address को इस Scam का मुख्य केंद्र माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह Wallet हर महीने 7 से 8 लाख PI Token इकट्ठा कर रहा था।
डेटा के अनुसार जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच इस PI Wallet में लगातार बड़ी मात्रा में Pi Coin आए। दिसंबर महीने में चोरी की रफ्तार और तेज हो गई, जिससे यह साफ हो गया कि यह कोई नार्मल घटना नहीं बल्कि एक लगातार चलने वाला Organized Scam है।
अब तक इस स्कैम से टोटल नुकसान 4.4 मिलियन Pi Coin से ज्यादा का बताया जा रहा है।
Scam के बढ़ते मामलों के बाद PI Network Core Team ने Send Payment Request Feature को Temporary Suspend कर दिया है। Community Alerts के मुताबिक यह फैसला तब लिया गया जब Scam Control से बाहर जाता नजर आने लगा।
हालांकि Team ने साफ किया है कि यह एक Temporary Solution है। आगे चलकर Feature को दोबारा Enable किया जा सकता है, लेकिन उससे पहले User Safety को लेकर नए फीचर्स जोड़े जाएंगे।
यह मामला Pi Network तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे Crypto Ecosystem के लिए एक सीख है। Blockchain की Transparency जहां एक ताकत है, वहीं गलत हाथों में यह रिस्क भी बन सकती है।
जब तक यूजर्स खुद अलर्ट नहीं रहेंगे, तब तक कोई भी सिस्टम उन्हें पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता। PI Network का यह कदम दिखाता है कि Project Security को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन User Awareness सबसे जरूरी कड़ी है।
Pi Network और Community दोनों ने साफ कहा है कि जब तक Feature बंद है, Users को किसी भी तरह के Payment Request को Accept नहीं करना चाहिए। चाहे Request किसी दोस्त, जानने वाले या Official Account के नाम से ही क्यों न आए।
Crypto में एक नियम यही है कि कोई भी Transaction Approve करने से पहले पूरी जांच जरूरी है। Scammers अक्सर पहचान छिपाकर भरोसे का फायदा उठाते हैं।
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Pi Network Scam की यह घटना एक बड़ा Reminder है कि Crypto में सबसे कमजोर कड़ी Technology नहीं, बल्कि Human Behavior है। Payment Request Feature को बंद करना सही कदम है, लेकिन असली सुरक्षा यूजर की समझ और सावधानी से ही आएगी।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।
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