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Polymarket News: भारत में X अकाउंट पर रोक, जानिए वजह

Hindi News Writer
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Polymarket क्या है और क्यों है चर्चा में?
Polymarket क्या है और क्यों है चर्चा में?

22 अक्टूबर 2026 — दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट Polymarket का आधिकारिक X अकाउंट अब भारत में देखा नहीं जा सकता। भारत से @Polymarket खोलने पर "Account Withheld" का नोटिस दिखता है, जिसमें लिखा है कि अकाउंट "कानूनी माँग" के जवाब में भारत में रोक दिया गया है। यह खबर इसलिए अहम है कि यह सिर्फ एक सोशल मीडिया अकाउंट का मामला नहीं, बल्कि भारत सरकार की उस मुहिम की अगली कड़ी लगती है जो इस साल Polymarket जैसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चल रही है। इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि Polymarket क्या है, कैसे काम करता है और भारत में इसकी स्थिति क्या है।

Polymarket news

Source: X Post

चर्चा में क्यों: भारत में X अकाउंट withheld

Crypto India के X हैंडल ने इस बदलाव की जानकारी दी, और उसके साथ लगे स्क्रीनशॉट में वही नोटिस दिखता है। X की अपनी हेल्प पॉलिसी के मुताबिक "withheld" का मतलब है कि प्लेटफॉर्म को किसी वैध कानूनी माँग, जैसे कोर्ट का आदेश या स्थानीय कानून, के चलते उस अकाउंट को किसी खास देश में रोकना पड़ा। यह रोक सिर्फ उसी देश के लिए होती है, यानी अकाउंट डिलीट नहीं हुआ है और बाकी दुनिया में दिखता रहेगा।

अभी तक हमें इस कदम पर Polymarket, X या सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और यह भी सार्वजनिक नहीं है कि माँग किसने की और किस आधार पर। इसलिए इसे अभी "भारत में रोका गया" भर कहना सही रहेगा। हाँ, इसका संदर्भ ज़रूर साफ है, जिसकी चर्चा हम आगे "भारत में स्थिति" वाले हिस्से में करेंगे।

Polymarket क्या है

Polymarket एक प्रेडिक्शन मार्केट है, यानी ऐसा प्लेटफॉर्म जहाँ लोग भविष्य की किसी घटना के नतीजे पर पैसा लगाकर ट्रेड करते हैं। सवाल कुछ भी हो सकते हैं, जैसे "क्या अमेरिकी फेड ब्याज दर घटाएगा?", "क्या कोई टीम चैंपियनशिप जीतेगी?" या "क्या कोई चुनाव इस पार्टी के नाम जाएगा?" इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत 2020 में हुई और 2024 के अमेरिकी चुनाव के दौरान यह बहुत मशहूर हुआ।

कंपनी का कहना है कि वह दुनिया का सबसे बड़ा प्रेडिक्शन मार्केट है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Intercontinental Exchange (NYSE की पैरेंट कंपनी) ने अक्टूबर 2025 में इसमें निवेश करते हुए इसकी वैल्यूएशन करीब $9 बिलियन आँकी थी, और अप्रैल 2026 में निवेशकों ने इसे लगभग $15 बिलियन का आँका। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि मार्च 2026 में इसका मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम पहली बार $10 बिलियन के पार गया।

Polymarket कैसे काम करता है

हर मार्केट एक "हाँ या ना" वाला सवाल होता है, और उसके दोनों जवाबों के "शेयर" $0.01 से $0.99 के बीच बिकते हैं। इस कीमत को उस घटना के होने की संभावना (प्रतिशत) की तरह पढ़ा जाता है। एक काल्पनिक उदाहरण से समझें: अगर "क्या Bitcoin साल के अंत तक $100,000 पार करेगा?" वाले सवाल पर "हाँ" का शेयर $0.40 में मिल रहा है, तो बाज़ार इसकी संभावना करीब 40% मान रहा है। अगर आप वह शेयर खरीदते हैं और नतीजा "हाँ" निकलता है, तो हर शेयर के $1 मिलते हैं। नतीजा "ना" निकले तो शेयर की कीमत शून्य हो जाती है।

इसके पीछे का ढाँचा कुछ ऐसा है:

हिस्सा

भूमिका

Polygon Blockchain

ट्रांज़ैक्शन और सेटलमेंट तेज़ी से और बहुत कम फीस में होता है

USDC स्टेबलकॉइन

डॉलर से जुड़ी डिजिटल करेंसी, जिसमें पैसा जमा होता और निकलता है (नए वर्ज़न में USDC-बैक्ड pUSD)

ऑर्डर बुक

खरीदार और बेचने वाले आपस में कीमत तय करते हैं, लिक्विडिटी यूज़र्स ही देते हैं

UMA ऑरेकल

असली नतीजा तय करता है, और विवाद होने पर UMA टोकन होल्डर्स वोट करते हैं

ऑरेकल यानी वह सिस्टम जो असली दुनिया का नतीजा ब्लॉकचेन तक पहुँचाता है। Polymarket के मुताबिक नतीजे का फैसला कंपनी खुद अकेले नहीं करती, बल्कि UMA के सिस्टम से होता है, जहाँ कोई भी नतीजा प्रस्तावित कर सकता है और कोई भी उसे चुनौती दे सकता है। क्रिप्टो की भाषा में कहें तो इसका अंतरराष्ट्रीय वर्ज़न वॉलेट और USDC के ज़रिए चलता है, जबकि अमेरिका वाला अलग वर्ज़न फिएट पैसे और पहचान सत्यापन के साथ चलता है।

भारत में Polymarket की स्थिति

भारत में Polymarket पर कार्रवाई इस साल के कई चरणों में हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर समयरेखा कुछ ऐसी है:

तारीख

क्या हुआ

25 अप्रैल 2026

MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) ने VPN कंपनियों और इंटरमीडियरीज़ को एडवाइज़री भेजी कि वे आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत भारत में ब्लॉक किए गए प्रेडिक्शन मार्केट और बेटिंग प्लेटफॉर्म, जिनमें Polymarket का नाम शामिल था, तक पहुँच न दें

मई 2026

रिपोर्ट्स के मुताबिक MeitY के एक अधिकारी ने कहा कि Polymarket के खिलाफ ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी हो चुका है, और Kalshi के खिलाफ भी ऑर्डर आने वाला था

अप्रैल-मई के बाद

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार एडवाइज़री के बाद भी दोनों प्लेटफॉर्म कुछ समय तक भारतीय ग्राहकों को साइन-अप और ट्रेडिंग करने दे रहे थे, और मिरर साइट्स के ज़रिए पहुँच की भी रिपोर्ट्स थीं

22 अक्टूबर 2026

Polymarket का X अकाउंट भारत में withheld

सरकार का तर्क यह है कि ऐसे प्लेटफॉर्म 2025 के ऑनलाइन गेमिंग कानून (Promotion and Regulation of Online Gaming Act) के तहत "ऑनलाइन मनी गेम" की श्रेणी में आते हैं, जिसमें असली पैसा लगाकर अनिश्चित नतीजे पर दांव खेला जाता है। MeitY ने यह चिंता भी जताई थी कि भारतीय यूज़र रुपये को USDC जैसे स्टेबलकॉइन में बदलकर इन प्लेटफॉर्म तक पहुँच रहे थे। वहीं Polymarket और उसके समर्थक इसे अनुमान और सूचना का बाज़ार बताते हैं, सट्टेबाज़ी नहीं।

कानूनी तौर पर आज की तस्वीर यही है कि भारत में कोई लाइसेंस प्राप्त प्रेडिक्शन मार्केट मौजूद नहीं है और Polymarket के पास भारत में कोई मंज़ूरी नहीं है। इसके अलावा VPN कंपनियों को सेफ हार्बर (कानूनी सुरक्षा) खोने की चेतावनी भी दी गई है। हम वकील नहीं हैं, इसलिए यूज़र्स पर कानूनी कार्रवाई की सीमा के बारे में कुछ दावा नहीं कर सकते, पर यह साफ है कि यह एक उच्च कानूनी और नियामकीय जोखिम वाला क्षेत्र है।

भारत अकेला नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार इंडोनेशिया ने भी हाल में Polymarket को ऑनलाइन जुए की श्रेणी में रखते हुए ब्लॉक किया है, जबकि अमेरिका में कंपनी एक अलग, नियामक की निगरानी वाले वर्ज़न के साथ मौजूद है।

क्रिप्टो यूज़र्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

ऐसे मौकों पर सबसे बड़ा खतरा स्कैम का बढ़ना होता है। "Polymarket India", "VIP प्रेडिक्शन ग्रुप" या "बैन के बाद नया लिंक" जैसे नामों से Telegram और सोशल मीडिया पर नकली साइट और ग्रुप आ जाते हैं, जो वॉलेट कनेक्ट करवाकर या सीड फ्रेज़ माँगकर पैसा उड़ा देते हैं। जो प्लेटफॉर्म भारत में रोका गया है, उसके नाम पर मिला कोई भी "वैकल्पिक लिंक" ख़ास तौर पर संदिग्ध मानें। इसके अलावा ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म पर किसी भी विवाद या फंड अटकने की स्थिति में आपके पास कोई स्थानीय कानूनी सहारा नहीं होगा, और रुपये को स्टेबलकॉइन में बदलकर भेजने की गतिविधि पर नियामकों की नज़र पहले से बताई जा चुकी है।

आपके लिए इसका मतलब क्या है?

कुल मिलाकर यह खबर बताती है कि भारत में प्रेडिक्शन मार्केट पर सरकार का रुख सख्त है और अब कार्रवाई सिर्फ वेबसाइट तक सीमित न रहकर सोशल मीडिया तक पहुँच रही है। अगर आप सिर्फ जानकारी के लिए Polymarket की संभावनाएँ देखते थे, तो अब वह पहुँच भी सीमित हो सकती है। और अगर आपने इस पर पैसा लगाने के बारे में सोचा है, तो पहले इसके कानूनी, टैक्स और फंड सुरक्षा के जोखिमों को समझ लें। भारत में क्रिप्टो गेन पर 30% टैक्स और 1% TDS का नियम है, लेकिन ऐसे बैन प्लेटफॉर्म की गतिविधि पर टैक्स और कानून कैसे लागू होंगे यह साफ नहीं, इसलिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या वकील से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है और इसे कानूनी, टैक्स या निवेश सलाह न माना जाए। रिपोर्ट में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित है और स्थिति बदलने पर अपडेट हो सकती है। प्रेडिक्शन मार्केट और क्रिप्टो में पैसा गँवाने का जोखिम है।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Polymarket के आधिकारिक X अकाउंट @Polymarket पर भारत से पहुँचने पर Account Withheld का नोटिस दिखाई दे रहा है। इस नोटिस के मुताबिक, कानूनी माँग के जवाब में अकाउंट को भारत में रोक दिया गया है। हालांकि, अभी तक Polymarket, X या भारत सरकार की ओर से इस विशिष्ट कार्रवाई के कारण और कानूनी आधार पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।

Account Withheld का अर्थ है कि किसी अकाउंट या उसकी सामग्री को कानूनी माँग अथवा स्थानीय कानून के कारण किसी विशेष देश में प्रतिबंधित किया गया है। ऐसी रोक आम तौर पर उस क्षेत्र तक सीमित होती है और इसका मतलब यह नहीं है कि अकाउंट पूरी दुनिया से डिलीट हो गया है। Polymarket के मामले में रिपोर्ट के अनुसार, यह नोटिस भारत में दिखाई दे रहा है।

Polymarket एक प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म है, जहाँ यूज़र्स चुनाव, आर्थिक घटनाओं, खेल और क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों जैसी भविष्य की घटनाओं के परिणामों पर ट्रेड करते हैं। इसके पारंपरिक मार्केट में हाँ और ना के शेयरों की कीमत आम तौर पर $0.01 से $0.99 के बीच होती है, जो बाजार द्वारा अनुमानित संभावना का संकेत देती है। सही परिणाम आने पर विजेता शेयर का भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार होता है, जबकि गलत परिणाम वाले शेयर का मूल्य शून्य हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में Polymarket को सरकारी ब्लॉकिंग कार्रवाई का सामना करना पड़ा है और इसे भारत में इस्तेमाल करने की कोई विशिष्ट मंजूरी प्राप्त नहीं है। सरकार ऐसे प्लेटफॉर्म को ऑनलाइन मनी गेमिंग और सट्टेबाज़ी से जुड़े कानूनों के दायरे में देखती है। किसी व्यक्तिगत यूज़र पर कौन-से कानूनी प्रावधान लागू होंगे, यह परिस्थितियों और संबंधित कानूनों पर निर्भर करता है, इसलिए इस्तेमाल करने से पहले योग्य कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

लेख में दी गई समयरेखा के अनुसार, अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने VPN कंपनियों और इंटरनेट इंटरमीडियरीज़ को भारत में ब्लॉक किए गए प्रेडिक्शन मार्केट और बेटिंग प्लेटफॉर्म तक पहुँच रोकने से संबंधित एडवाइज़री जारी की थी। मई 2026 में रिपोर्ट्स में Polymarket के खिलाफ ब्लॉकिंग ऑर्डर का उल्लेख किया गया। 22 अक्टूबर 2026 को इसके आधिकारिक X अकाउंट पर भारत में Account Withheld का नोटिस दिखाई देने की खबर सामने आई।

भारत सरकार की प्रमुख चिंता यह है कि वास्तविक पैसे से भविष्य की अनिश्चित घटनाओं पर दांव लगाने वाले प्लेटफॉर्म ऑनलाइन मनी गेमिंग या सट्टेबाज़ी से संबंधित कानूनों के दायरे में आ सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय यूज़र्स द्वारा रुपये को USDC जैसे स्टेबलकॉइन में बदलकर इन प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने को लेकर भी नियामकीय चिंताएँ रही हैं। Polymarket समर्थक इसे भविष्य की घटनाओं से जुड़ी जानकारी और संभावनाओं का बाजार बताते हैं, लेकिन इसका वर्गीकरण और कानूनी स्थिति लागू भारतीय कानूनों पर निर्भर करती है।

Polymarket के अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म में Polygon ब्लॉकचेन ट्रांज़ैक्शन और सेटलमेंट के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि USDC डॉलर से जुड़ा स्टेबलकॉइन है जिसका उपयोग संबंधित क्रिप्टो लेन-देन में किया जाता है। UMA ऑरेकल सिस्टम वास्तविक दुनिया की घटनाओं के परिणामों को निर्धारित करने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है और विवाद होने पर चुनौती तथा निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध कराता है। इन तकनीकों के इस्तेमाल से प्लेटफॉर्म ब्लॉकचेन आधारित ट्रेडिंग कर सकता है, लेकिन इससे भारत में इसकी कानूनी स्थिति अपने आप वैध नहीं हो जाती।

नहीं, Account Withheld का नोटिस अपने आप में वैश्विक प्रतिबंध या अकाउंट डिलीट होने का प्रमाण नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, Polymarket का आधिकारिक X अकाउंट भारत में रोका गया है, जबकि अन्य देशों में इसकी उपलब्धता अलग हो सकती है। प्लेटफॉर्म की वेबसाइट, ट्रेडिंग सेवाओं और विभिन्न देशों में इसकी कानूनी स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

VPN का इस्तेमाल करके किसी प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुँचने की कोशिश करने से पहले लागू भारतीय कानूनों और संबंधित सरकारी आदेशों को समझना जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में VPN कंपनियों और इंटरमीडियरीज़ को ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म तक पहुँच के संबंध में चेतावनी दी गई थी। VPN इस्तेमाल करने से किसी प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग स्वतः कानूनी नहीं हो जाती और न ही इससे फंड की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

Polymarket से संबंधित प्रतिबंधों या खबरों के दौरान नकली वेबसाइट, Telegram ग्रुप, VIP प्रेडिक्शन चैनल और फर्जी सपोर्ट अकाउंट सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे लिंक वॉलेट कनेक्ट करवाकर, निजी कुंजी चुराकर या सीड फ्रेज़ और OTP माँगकर फंड चोरी करने की कोशिश कर सकते हैं। किसी भी अनधिकृत लिंक पर भरोसा न करें, सीड फ्रेज़ किसी के साथ साझा न करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।

यदि किसी प्लेटफॉर्म तक पहुँच प्रतिबंधित हो जाए, तो भारतीय यूज़र्स को अकाउंट एक्सेस, निकासी या विवाद के समाधान में कठिनाई हो सकती है। वास्तविक जोखिम इस बात पर निर्भर करेगा कि यूज़र का अकाउंट किस क्षेत्र में है, संबंधित सेवाएँ उपलब्ध हैं या नहीं और प्लेटफॉर्म के नियम क्या हैं। इसलिए किसी भी ऐसे प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले कानूनी स्थिति, निकासी की शर्तों और फंड सुरक्षा के जोखिमों को समझना चाहिए।

लेख में उद्धृत रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्मों पर नियामकीय कार्रवाई की चर्चा Polymarket और Kalshi दोनों के संदर्भ में हुई थी। मई 2026 की रिपोर्ट्स में Polymarket के खिलाफ ब्लॉकिंग ऑर्डर और Kalshi के खिलाफ संभावित कार्रवाई का उल्लेख किया गया था। दोनों प्लेटफॉर्म की मौजूदा स्थिति और किसी विशिष्ट आदेश की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी सूचनाओं तथा आधिकारिक बयानों की जाँच करना आवश्यक है।

भारत में पात्र वर्चुअल डिजिटल एसेट से होने वाली आय पर सामान्यतः लागू प्रावधानों के तहत 30% टैक्स और कुछ निर्दिष्ट ट्रांज़ैक्शन पर 1% TDS का नियम हो सकता है। हालांकि, Polymarket जैसी प्रेडिक्शन मार्केट गतिविधियों का कर वर्गीकरण और उन पर विशिष्ट प्रावधानों की प्रयोज्यता लेन-देन की प्रकृति तथा लागू कानूनों पर निर्भर कर सकती है। ऐसे मामलों में किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य कर विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

Polymarket का मामला दिखाता है कि ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफॉर्म की वैश्विक उपलब्धता और किसी देश में उसकी कानूनी स्वीकार्यता अलग-अलग हो सकती है। भारतीय यूज़र्स को किसी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी नियामकीय स्थिति, निकासी की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित कानूनी जोखिमों की जाँच करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल खबरों या वैकल्पिक लिंक के आधार पर निर्णय लेने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी पर भरोसा करना बेहतर है।