raipur crypto honey trap fraud 56 lakh

रायपुर में हनी ट्रैप स्टाइल में Crypto Scam, पहले दोस्ती, 56 लाख ठगे

फेसबुक पर महिला ने युवक का भरोसा जीतकर किया 56 लाख का Crypto Scam

रायपुर में ऑनलाइन ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जो “हनी ट्रैप” जैसी रणनीति पर आधारित है। इसमें एक युवक से 56 लाख रुपए ठग लिए गए। इस ठगी में अपराधियों ने पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर भरोसा जीता और आखिर में क्रिप्टो निवेश के नाम पर बड़ी रकम ऐंठ ली। फर्जी पहचान, भावनात्मक जुड़ाव और लालच का ऐसा जाल बुना गया कि पीड़ित को शक तक नहीं हुआ। आइए जानते हैं इस पूरे Crypto Scam के मामले को विस्तार से।

कैसे हुआ पूरा खेल?

महावीर नगर निवासी सुशील अग्रवाल को नवंबर 2025 में फेसबुक पर “श्रेया सक्सेना” नाम की महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे भरोसे में बदल गई। महिला ने खुद को लंदन निवासी और सिंगापुर में नौकरी करने वाली बताया। उसने यह भी दावा किया कि वह अपने भाई के साथ एक डिजिटल क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर काम करती है और वहां निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

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पहले भरोसा, फिर बड़ा निवेश

ये ठगी का खेल बेहद चालाकी से शुरू हुआ। पहले महिला ने सुशील को ₹15,000 का मुनाफा दिखाकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसे “हॉट बैंक इन्वेस्टमेंट” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां उसे लगातार निवेश के लिए गाइड किया जाने लगा। शुरुआत में छोटे-छोटे निवेश कराए गए, जिससे पीड़ित का विश्वास और मजबूत होता गया।

धीरे-धीरे Invest की रकम बढ़ती गई और सुशील पूरी तरह झांसे में आ गया। 16 से 26 नवंबर के बीच उससे अलग-अलग किस्तों में कुल ₹56.23 लाख ट्रांसफर करवा लिए गए। जैसे ही पूरी रकम आरोपी के पास पहुंची, उसने अचानक संपर्क तोड़ दिया और गायब हो गई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है

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ऑनलाइन निवेश से पहले ध्यान रखें ये बातें 
  • अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट तुरंत स्वीकार न करें

  • जल्दी भरोसा करने से बचें

  • “गारंटीड प्रॉफिट” वाले ऑफर से दूर रहें

  • व्हाट्सएप/टेलीग्राम निवेश ग्रुप से सावधान रहें

  • छोटे मुनाफे के लालच में न आएं

  • फर्जी प्रोफाइल की जांच जरूर करें

  • अनजान प्लेटफॉर्म पर पैसा न लगाएं, यह Crypto Scam का भाग हो सकता है

  • OTP और बैंक डिटेल कभी शेयर न करें

  • पैसे भेजने से पहले दो बार सोचें

  • ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें

कन्क्लूजन 

रायपुर का यह मामला साफ दिखाता है कि आज के साइबर अपराधी सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि भावनाओं का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। “हनी ट्रैप” अब सिर्फ ब्लैकमेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह Crypto Scam और Invest ठगी का नया हथियार बन चुका है। सतर्क रहें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको लाखों का नुकसान करा सकती है।

डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी Invest से पहले खुद रिसर्च करें और वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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यह एक प्रकार की ऑनलाइन ठगी है जिसमें पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की जाती है, फिर भावनात्मक भरोसा बनाकर क्रिप्टो निवेश के नाम पर पैसे ठगे जाते हैं।
अगर कोई अनजान व्यक्ति जल्दी भरोसा बनाकर गारंटीड प्रॉफिट का दावा करे, विदेशी प्रोफाइल दिखाए या व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर निवेश करवाए, तो सतर्क हो जाएं।
हां, कई स्कैम में शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीता जाता है, ताकि पीड़ित बाद में बड़ी रकम निवेश कर दे।
तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, साथ ही बैंक को भी सूचित करें।
नहीं, सभी प्लेटफॉर्म सुरक्षित नहीं होते। निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता, रिव्यू और रेगुलेशन की जांच जरूर करें।