Sea Prime Capital Scam: BNS, FEMA और PMLA कानून क्यों लगे

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Sea Prime Capital Scam

Sea Prime Capital Scam में STF ने किन कानूनों के तहत की कार्रवाई

2026 April में उत्तर प्रदेश STF ने एक बड़े Online Investment घोटाले का खुलासा किया, जिसमें Sea Prime Capital नाम की कंपनी के माध्यम से हजारों लोगों से लगभग ₹700 - 800 करोड़ की ठगी की गई। लगे तमाम आरोपों के अनुसार कंपनी Cryptocurrency और Forex Trading में Guaranteed High Returns का झांसा देकर लोगों से पैसा निवेश करवाती थी। इस मामले का मुख्य आरोपी Jatindra Ram को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि यह सिर्फ एक साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि Money Laundering और Foreign Funds ट्रांसफर से जुड़ा बड़ा Financial Crime था। इसी वजह से इस केस में BNS, FEMA और PMLA जैसे गंभीर कानून लगाए गए हैं।

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Source: Official Website 


FIR में कौन-कौन से कानून लगाए गए

Sea Prime Capital मामले में गाजियाबाद के मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी Jatindra Ram और उसके साथियों पर तीन बड़े कानूनों के तहत कार्रवाई हुई।


सबसे पहले Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और विश्वासघात जैसी धाराएं लगाई गईं। पहले ऐसे मामलों में IPC की धारा 420, 406 और 120-B लगती थी, लेकिन जुलाई 2024 के बाद देश में नया आपराधिक कानून BNS लागू हो चुका है।


इसके अलावा Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 लगाया गया, क्योंकि जांच एजेंसियों को शक है कि ठगी से कमाए गए पैसों को Shell Companies और फर्जी खातों के माध्यम से Black Money के रूप में नहीं दिखाया गया होगा। तीसरा बड़ा कानून Foreign Exchange Management Act (FEMA), 2000 लगाया गया, क्योंकि इन्वेस्टर्स का पैसा Cryptocurrency और विदेशी खातों के जरिए विदेश भेजा गया था।


FEMA क्यों लगा, विदेशों में पैसा भेजने का खेल

इस केस में सबसे गंभीर आरोप यह है कि, इन्वेस्टर्स का पैसा भारत से बाहर भेजा गया। STF की जांच के अनुसार लोगों से जमा रकम को पहले USDT जैसी Cryptocurrency में बदला गया। इसके बाद यह पैसा Dubai और Mauritius के खातों में ट्रांसफर किया गया।


FEMA के Section 3 के तहत बिना RBI की अनुमति Foreign Currency में अवैध लेन-देन करना अपराध माना जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि विदेशों में भेजे गए पैसों से संपत्तियां खरीदी गईं और कई लेन-देन संदिग्ध खातों के जरिए किए गए।


हालांकि FEMA मुख्य रूप से civil law है और इसमें सीधे criminal punishment नहीं होती, लेकिन जब विदेशी ट्रांजैक्शन के माध्यम से अवैध रूप से की गई कमाई छिपाई जाती है, तब Enforcement Directorate (ED) PMLA के तहत बड़ी कार्रवाई कर सकती है।


PMLA और BNS के तहत कैसे चला Money Laundering नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार Sea Prime Capital का पूरा मॉडल एक Ponzi Scheme की तरह काम कर रहा था। शुरुआत में कुछ इन्वेस्टर्स को रिटर्न दिए गए ताकि लोगों का भरोसा जीता जा सके। इसके बाद हजारों लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया।


STF के अनुसार देशभर में लगभग 3,500 एजेंट इस नेटवर्क से जुड़े थे और 30,000 से ज्यादा User IDs बनाई गई थीं। लोगों को MT-5 Trading App पर नकली प्रॉफिट दिखाए जाते थे। यह ऐप भारत में Authorized नहीं है।


PMLA Section 3 के अनुसार अपराध से कमाए गए पैसे को वैध दिखाना Money Laundering कहलाता है। जांच में आरोप है कि ठगी के करोड़ों रुपये Shell Companies और फर्जी बैंक खातों के जरिए घुमाए गए ताकि उनका असली स्रोत छिपाया जा सके। वहीं BNS की धाराएं बड़े लेवल पर cheating, conspiracy और financial fraud को cover करती हैं। इसलिए यह मामला सिर्फ ऑनलाइन फ्रॉड का नहीं, बल्कि Organized Financial Crime माना जा रहा है।


STF जांच कितनी बड़ी है और आगे क्या हो सकता है?


UP STF की Agra Unit इस मामले की कई राज्यों में जांच कर रही है। Dehradun, Noida, Muzaffarnagar, Ambala, Faridabad और Haridwar समेत कई शहरों में जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल डेटा जब्त किए गए हैं। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि, विदेशों में भेजे गए पैसे कहां-कहां इस्तेमाल हुए।


Jatindra Ram के अलावा Mohit Rana, Gaurav Singh और Geeta Hazarika जैसे आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। संभावना है कि आने वाले समय में ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस केस में शामिल हो सकती हैं। यह मामला लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि, Crypto, Forex और Guaranteed Returns के नाम पर चल रहे कई प्लेटफॉर्म असल में ठगी का जाल हो सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के इन्वेस्टमेंट करने से पहले उसकी वैधता और Government Permission जरूर जांचनी चाहिए।


Expert's Opinion: Experts के अनुसार Sea Prime Capital जैसा Scam बताता है कि Crypto और Forex में Guaranteed Returns का दावा बहुत रिस्की हो सकता है। जांच एजेंसियां अब Digital Financial Crimes पर कड़ी नजर रख रही हैं, इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता जांचना बेहद जरूरी है।


Scam से बचने के लिए हमेशा तीन चीजें Check करें:

  • हमेशा ब्रोकर का SEBI Registration Number Verify करें।
  • शुरुआत में छोटा Withdrawal करके Platform की Reality Test करें।
  • Guaranteed Returns या Fixed Daily Profit जैसे Claims को तुरंत Red Flag मानें।
  • किसी भी Unregistered Forex या Crypto Platform पर Blind Trust न करें।
  • WhatsApp, Telegram या Social Media Links से मिले Investment Apps से सावधान रहें।
  • अगर प्रॉफिट सिर्फ स्क्रीन पर दिख रहा है लेकिन बैंक में नहीं आ रहा, तो तुरंत Alert हो जाएं।
  • इन्वेस्टमेंट करने से पहले हमेशा चेक करें कि platform Securities and Exchange Board of India (SEBI) से या FIU Registered है की नहीं।


कन्क्लूजन 

Sea Prime Capital Scam यह दर्शाता है कि, Crypto और Forex के नाम पर चल रहे फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म कितने खतरनाक हो सकते हैं। इस मामले में BNS, FEMA और PMLA जैसे कड़े कानूनों का इस्तेमाल हुआ है। अब एजेंसियां Financial Fraud और money laundering पर सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। 


Disclaimer: यह लेख केवल Educational और Awareness Purpose के लिए है। यह किसी भी प्रकार की Financial या Legal Advice नहीं है। 




लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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यह एक बड़ा Online Investment Fraud है जिसमें Crypto और Forex Trading के नाम पर लगभग ₹700–800 करोड़ की ठगी की गई।
इस मामले में मुख्य आरोपी Jatindra Ram है, जिसे उत्तर प्रदेश STF ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया।
इस केस में BNS 2023, PMLA 2002 और FEMA 2000 जैसे गंभीर कानून लगाए गए हैं।
BNS इसलिए लगाया गया क्योंकि इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात जैसे अपराध शामिल हैं।
PMLA इसलिए लगाया गया क्योंकि ठगी से कमाए गए पैसों को Shell Companies के जरिए छिपाने और वैध दिखाने की कोशिश की गई।