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Sea Prime Capital Scam, ₹800 करोड़ केस की पूरी टाइमलाइन

Research Analyst
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Sea Prime Capital Scam केस की टाइमलाइन और कानूनी धाराएं
Sea Prime Capital Scam केस की टाइमलाइन और कानूनी धाराएं

अप्रैल 2026 में उत्तर प्रदेश Special Task Force (STF) ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश घोटाले का खुलासा किया, जिसे Sea Prime Capital Scam के नाम से जाना जा रहा है। शुरुआती जांच के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए लगभग ₹700 से 800 करोड़ का लेनदेन हुआ।


महत्वपूर्ण: इस लेख में नामित सभी व्यक्ति आरोपी हैं। किसी भी अदालत ने अभी तक किसी को दोषी नहीं ठहराया है। भारतीय कानून के तहत हर व्यक्ति तब तक निर्दोष है जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।

Sea Prime Capital Scam, मामला एक नजर में

बिंदुविवरण
खुलासाअप्रैल 2026, उत्तर प्रदेश STF
कथित रकमलगभग ₹700 से 800 करोड़
मुख्य आरोपीJatindra Ram, उम्र 41 (कुछ रिपोर्टों में नाम Jitendra Ram)
गिरफ्तारीसहारनपुर, दिल्ली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट से
सह-आरोपीMohit Rana, Gaurav Singh, Geeta Hazarika
मुकदमामसूरी थाना, गाजियाबाद
कथित नेटवर्क3,500 से ज्यादा एजेंट, 30,000 से ज्यादा यूजर आईडी
इस्तेमाल किया गया ऐपMT-5, जो भारत में अधिकृत नहीं है
लगाए गए कानूनBNS 2023, PMLA 2002, FEMA

क्या हुआ, सिलसिलेवार

निवेश का लालच

STF के अनुसार आरोपियों ने Sea Prime Capital नाम की ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के जरिए लोगों को Cryptocurrency और USDT में ऊँचे रिटर्न का भरोसा दिया। इसके लिए विज्ञापन, सोशल मीडिया कैंपेन और सेमिनार का इस्तेमाल किया गया।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि सेमिनार और ऑफलाइन कार्यक्रम इस्तेमाल हुए। यह पूरी तरह ऑनलाइन ठगी नहीं थी, इसमें आमने-सामने भरोसा बनाने का हिस्सा भी था। इसी वजह से पीड़ितों की संख्या इतनी बड़ी हुई।

एजेंट नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और उसके साथियों ने देश भर में 3,500 से ज्यादा एजेंट का नेटवर्क खड़ा किया था, और 30,000 से ज्यादा यूजर आईडी बनाई गईं।

MT-5 ऐप की भूमिका

STF के मुताबिक गिरोह ने MT-5 नाम के ट्रेडिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया, जो भारत में अधिकृत नहीं है। इस पर फर्जी यूजर अकाउंट बनाकर बढ़ा-चढ़ाकर मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि निवेशक यह मान लें कि उनका पैसा बढ़ रहा है।

शुरुआती भुगतान से भरोसा

कुछ निवेशकों को शुरुआत में रिटर्न दिया गया। यह किसी वास्तविक मुनाफे से नहीं, बल्कि भरोसा बनाने और और पैसा लगवाने के लिए किया गया। यह पैटर्न लगभग हर बड़े निवेश घोटाले में दिखता है।

पैसा कहाँ गया

जांच के अनुसार जमा की गई रकम को Cryptocurrency में बदला गया और फिर Dubai तथा Mauritius के खातों में भेजा गया, जहाँ उससे संपत्तियाँ खरीदी गईं। भारत में शेल कंपनियाँ बनाकर इस पैसे को वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।

तीन कानून क्यों लगे और उनका मतलब क्या है

BNS 2023, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र

Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और विश्वासघात से जुड़ी धाराएं लगाई गईं। जुलाई 2024 से पहले ऐसे मामलों में IPC की धाराएं 420, 406 और 120-B लगती थीं। BNS लागू होने के बाद अब उन्हीं अपराधों के लिए नई धाराएं इस्तेमाल होती हैं।

PMLA 2002, मनी लॉन्ड्रिंग

Prevention of Money Laundering Act, 2002 तब लगता है जब अपराध से कमाई गई रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई हो। इस मामले में शेल कंपनियों और खातों के इस्तेमाल के आरोप के कारण यह कानून लगाया गया।

PMLA का व्यावहारिक महत्व यह है कि इसके तहत संपत्ति कुर्क की जा सकती है, और जमानत की शर्तें सामान्य आपराधिक मामलों से ज्यादा सख्त होती हैं।

FEMA, विदेशी मुद्रा

Foreign Exchange Management Act के तहत कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि निवेशकों का पैसा कथित रूप से Cryptocurrency के जरिए विदेशी खातों में भेजा गया।

एक तथ्यात्मक स्पष्टीकरण

कई रिपोर्टों में इसे "FEMA, 2000" लिखा गया है। असल में यह अधिनियम 1999 में पारित हुआ था और जून 2000 से लागू हुआ। दोनों तारीखें एक ही कानून की ओर इशारा करती हैं।

स्रोतों में जो विरोधाभास हैं

पत्रकारिता की ईमानदारी के लिए यह दर्ज करना जरूरी है कि सभी रिपोर्टें एक जैसी नहीं हैं।

  • नाम — ज्यादातर रिपोर्टों में "Jatindra Ram", कुछ में "Jitendra Ram"।
  • निवास — कुछ रिपोर्टों में यमुनानगर, हरियाणा का निवासी बताया गया है; एक समाचार एजेंसी रिपोर्ट में सहारनपुर के रामपुर कंबोइयां गांव का।
  • रकम — ₹700 करोड़ से ₹800 करोड़ के बीच के आँकड़े अलग-अलग रिपोर्टों में हैं।

ये अंतर शुरुआती रिपोर्टिंग में सामान्य हैं। जांच पूरी होने पर आधिकारिक आँकड़े बदल सकते हैं। हम इस पेज को अपडेट करते रहेंगे।

अभी तक क्या पुष्ट नहीं है

जुलाई 2026 तक हमें इन बिंदुओं पर भरोसेमंद, स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली:

  • क्या Enforcement Directorate ने अलग से PMLA मामला दर्ज किया है
  • कितनी संपत्ति कुर्क या बरामद हुई है
  • चार्जशीट दाखिल हुई या नहीं, और कब
  • सह-आरोपियों की गिरफ्तारी की मौजूदा स्थिति
  • पीड़ितों को कोई रकम वापस मिली या नहीं

जहाँ जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहाँ हम अनुमान नहीं लगाते। यह पेज तभी अपडेट होगा जब आधिकारिक पुष्टि मिलेगी।

इस केस का बड़ा संदर्भ

यह कोई अकेली घटना नहीं है। इसी कार्रवाई में STF ने एक दूसरे मामले में Rupesh Bhardwaj को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया, जिस पर शेयर बाजार और IPO में ऊँचे रिटर्न का झांसा देने का आरोप है। वह मामला SEBI की शिकायत पर दर्ज हुआ था।

भारत में इस तरह के मामलों की संख्या बढ़ रही है। हमने गुजरात पुलिस की कार्रवाई, सूरत के मामले और हरियाणा के व्यवसायी से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग की है। पैटर्न लगभग हर बार एक जैसा रहता है, गारंटीड रिटर्न का वादा, अनधिकृत ऐप, और एजेंट नेटवर्क।

राज्य स्तर पर जांच क्षमता भी बढ़ रही है। ठाणे में शुरू हुआ Crypto Research and Investigation Cell इसका उदाहरण है। ठगी के तरीके की विस्तृत मैकेनिक्स हमने एक अलग रिपोर्ट में खोली है। मुख्यधारा कवरेज के लिए Business Standard की रिपोर्ट देखें।

अगर आप प्रभावित हुए हैं तो क्या करें

  1. तुरंत 1930 पर कॉल करें — वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की राष्ट्रीय हेल्पलाइन। पहले कुछ घंटे सबसे अहम होते हैं।
  2. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें — cybercrime.gov.in पर।
  3. मसूरी थाना, गाजियाबाद में दर्ज मुकदमे का हवाला दें — इससे आपकी शिकायत मौजूदा जांच से जुड़ सकती है।
  4. सारे सबूत सुरक्षित रखें — बैंक स्टेटमेंट, UPI रसीदें, ऐप स्क्रीनशॉट, एजेंट के साथ चैट, सेमिनार के फोटो या रसीदें।
  5. किसी "रिकवरी एजेंट" को पैसा न दें — बड़े घोटालों के बाद दूसरी लहर आती है, जिसमें पैसा वापस दिलाने के नाम पर फिर ठगी होती है। कोई भी वैध एजेंसी पहले फीस नहीं माँगती।

ध्यान रखें, पैसा विदेश जा चुका होने के कारण वसूली मुश्किल और लंबी होती है। टैक्स रिकॉर्ड और लेनदेन के दस्तावेज ही आपकी सबसे मजबूत स्थिति हैं।

Glossary, केस समझने के जरूरी शब्द

BNS
Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023। जुलाई 2024 से IPC की जगह लागू भारत का आपराधिक कानून।
PMLA
Prevention of Money Laundering Act, 2002। अपराध की कमाई को वैध दिखाने पर लगने वाला कानून।
FEMA
Foreign Exchange Management Act, 1999 (जून 2000 से लागू)। विदेशी मुद्रा लेनदेन को नियंत्रित करता है।
Shell Company
कागज पर मौजूद कंपनी जिसका कोई वास्तविक कारोबार नहीं होता, अक्सर पैसे का रास्ता छिपाने के लिए।
USDT
डॉलर से जुड़ा एक stablecoin, जो सीमा पार पैसा भेजने में तेज होने के कारण दुरुपयोग में भी आता है।
MT-5
MetaTrader 5, एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म। भारत में यह अधिकृत नहीं है, इसलिए इस पर कोई नियामक सुरक्षा नहीं मिलती।
STF
Special Task Force, राज्य पुलिस की विशेष इकाई जो संगठित अपराध देखती है।
कुर्की
जांच के दौरान संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर देना, ताकि उसे बेचा न जा सके।

अस्वीकरण

यह लेख केवल सूचना उद्देश्य के लिए है और इसे कानूनी या निवेश सलाह न समझें। इसमें नामित सभी व्यक्ति आरोपी हैं और किसी अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है। सभी तथ्य प्रकाशन के समय उपलब्ध आधिकारिक बयानों और स्थापित समाचार रिपोर्टिंग पर आधारित हैं, और जांच आगे बढ़ने पर बदल सकते हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वयं जाँच करें और योग्य सलाहकार से परामर्श लें।

लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

यह एक कथित ऑनलाइन निवेश घोटाला है जिसका खुलासा अप्रैल 2026 में उत्तर प्रदेश STF ने किया। आरोप है कि Sea Prime Capital नाम की कंपनी के जरिए Cryptocurrency और Forex में ऊँचे रिटर्न का झांसा देकर लगभग ₹700 से 800 करोड़ जुटाए गए।

STF के अनुसार मुख्य आरोपी Jatindra Ram हैं, उम्र 41 वर्ष, जिन्हें सहारनपुर में दिल्ली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार किया गया। कुछ रिपोर्टों में नाम Jitendra Ram भी लिखा गया है। वे आरोपी हैं, दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं।

जांच के अनुसार 30,000 से ज्यादा यूजर आईडी बनाई गई थीं और देश भर में 3,500 से ज्यादा एजेंट का नेटवर्क सक्रिय था। प्रभावित लोगों की सटीक संख्या जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट होगी।

तीन प्रमुख कानून लगाए गए हैं, Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र, Prevention of Money Laundering Act 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग, और Foreign Exchange Management Act के तहत विदेशी मुद्रा से जुड़े आरोप।

PMLA के तहत जांच एजेंसियाँ आरोपी की संपत्ति कुर्क कर सकती हैं ताकि उसे बेचा न जा सके। साथ ही इस कानून में जमानत की शर्तें सामान्य आपराधिक मामलों की तुलना में काफी सख्त होती हैं।

आरोप है कि निवेशकों का पैसा Cryptocurrency में बदलकर Dubai और Mauritius के खातों में भेजा गया। चूँकि इसमें विदेशी मुद्रा और सीमा पार लेनदेन शामिल है, इसलिए Foreign Exchange Management Act के प्रावधान लागू किए गए।

MT-5 यानी MetaTrader 5 एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। STF के अनुसार यह भारत में अधिकृत नहीं है। इसका मतलब है कि इस पर होने वाले लेनदेन पर भारतीय नियामकों की कोई सुरक्षा या निगरानी नहीं मिलती।

आरोप के अनुसार ऐप पर फर्जी यूजर अकाउंट बनाकर बढ़ा-चढ़ाकर मुनाफा दिखाया जाता था। कुछ निवेशकों को शुरुआत में रकम भी दी गई, जो वास्तविक कमाई से नहीं बल्कि भरोसा बनाने के लिए थी।

जांच के अनुसार जुटाई गई रकम को Cryptocurrency में बदलकर Dubai और Mauritius के खातों में भेजा गया, जहाँ उससे संपत्तियाँ खरीदी गईं। भारत में शेल कंपनियों के जरिए इसे वैध आय दिखाने की कोशिश का भी आरोप है।

जुलाई 2026 तक किसी वसूली या पुनर्भुगतान की पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। चूँकि रकम कथित रूप से विदेश भेजी जा चुकी है, वसूली की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। शिकायत दर्ज कराना और दस्तावेज सुरक्षित रखना पहला कदम है।

राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। गाजियाबाद के मसूरी थाने में दर्ज मौजूदा मुकदमे का हवाला देना उपयोगी हो सकता है।

बैंक स्टेटमेंट, UPI या ट्रांसफर की रसीदें, ऐप के स्क्रीनशॉट, एजेंट के साथ हुई चैट, सेमिनार की रसीद या फोटो, और कोई भी लिखित वादा। जितना ज्यादा रिकॉर्ड होगा, आपकी स्थिति उतनी मजबूत होगी।

बहुत सावधानी बरतें। बड़?? घोटालों के बाद दूसरी लहर आती है जिसमें पैसा वापस दिलाने के नाम पर फिर ठगी होती है। कोई भी वैध सरकारी एजेंसी पहले फीस नहीं माँगती।

Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 जुलाई 2024 से भारत का नया आपराधिक कानून है, जिसने Indian Penal Code की जगह ली। पहले धोखाधड़ी में IPC की धाराएं 420, 406 और 120-B लगती थीं, अब उन्हीं अपराधों के लिए BNS की धाराएं लागू होती हैं।

जुलाई 2026 तक हमें चार्जशीट, संपत्ति कुर्की या Enforcement Directorate द्वारा अलग मामला दर्ज करने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। जैसे ही आधिकारिक जानकारी आएगी, यह पेज अपडेट किया जाएगा।

शुरुआती रिपोर्टिंग में यह सामान्य है। आरोपी का नाम, निवास स्थान और रकम को लेकर स्रोतों में मामूली अंतर हैं। हमने वे अंतर लेख में स्पष्ट रूप से दर्ज किए हैं ताकि पाठक खुद तुलना कर सकें।

गारंटीड रिटर्न का वादा सबसे बड़ा संकेत है, क्योंकि कोई भी वैध निवेश रिटर्न की गारंटी नहीं दे सकता। साथ ही देखें कि प्लेटफॉर्म भारत में अधिकृत है या नहीं, और एजेंट के जरिए निवेश करने से पहले कंपनी का पंजीकरण जाँचें।