Stellar News:Protocol 30 Upgrade की तारीखें तय, 23 नवंबर को वोट
Stellar News की सबसे बड़ी खबर यह है कि नेटवर्क के अगले बड़े अपडेट की तारीखें फिक्स हो गई हैं। Stellar Development Foundation (SDF) ने Bell नाम के Protocol 30 का अपग्रेड गाइड जारी किया है, जिसके मुताबिक टेस्टनेट पर वैलिडेटर्स का वोट 3 नवंबर को और मेननेट पर 23 नवंबर को होगा। Stellar Protocol 30 Upgrade में तीन बदलाव आ रहे हैं: स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट-कई कस्टमर्स वाला एड्रेस, क्वांटम-सेफ सिग्नेचर का वेरिफिकेशन और मिलीसेकंड वाली लेजर क्लॉक। इस Stellar News में हम तारीखें, तीनों फीचर्स, किस पर क्या असर पड़ेगा और XLM इन्वेस्टर्स के लिए इसका मतलब, सब एक-एक करके देखेंगे। सबसे पहले जान लेते हैं कि घोषणा में असल में क्या हुआ।

Source : X Post
Stellar News: Bell अपग्रेड की घोषणा में क्या हुआ?
SDF ने Bell को ऐसा अपग्रेड बताया है जो स्मार्ट अकाउंट्स को बिज़नेस के स्केल के लिए तैयार करता है, और साथ ही क्वांटम-सेफ सिग्नेचर और फास्टर लेजर्स जैसे लंबे टारगेट्स पर काम शुरू करता है। Stellar Core v30.0.0 का स्टेबल रिलीज़ 16 अक्टूबर को आ चुका है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर और SDK के बाकी स्टेबल रिलीज़ 16 से 23 अक्टूबर के बीच आने हैं। दोनों वोट 1700 UTC पर होंगे, यानी भारतीय समय में रात 10:30 बजे। Stellar Protocol 30 Upgrade की ये तारीखें अभी प्रपोज़्ड हैं और SDF के मुताबिक बदल भी सकती हैं, जबकि अपग्रेड तभी लागू होगा जब वैलिडेटर्स इसे मंज़ूर करेंगे। तारीखें समझ आ गईं, अब देखते हैं कि पैकेज में नया क्या है।
Stellar Protocol 30 Upgrade में तीन बड़े बदलाव
इस Stellar News का सार तीन CAP (Core Advancement Proposal) में है, जिनकी पूरी डिटेल SDF के Introducing Bell, Protocol 30 ब्लॉग में है और जिन्हें नीचे टेबल में देखा जा सकता है:
टेबल से तस्वीर साफ है, अब तीनों बदलावों को एक-एक करके खोलते हैं, और शुरुआत स्मार्ट अकाउंट्स से होती है।
CAP-84: एक कॉन्ट्रैक्ट, कई कस्टमर्स
कम ट्रांज़ैक्शन फीस के लिए जाने जाने वाले Stellar पर एक्सचेंज, रैंप और कस्टोडियल प्रोडक्ट्स आमतौर पर म्यूक्स्ड अकाउंट्स इस्तेमाल करते हैं। म्यूक्स्ड अकाउंट यानी एक ही अकाउंट के साथ एक आईडी जुड़ी होती है, ताकि हर कस्टमर को डिपॉज़िट के लिए अलग एड्रेस मिले और पैसा एक ही अकाउंट में जाए। स्मार्ट अकाउंट, यानी जो अकाउंट कीपेयर की जगह खुद एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट हो, में यह सुविधा अब तक नहीं थी। इसलिए कस्टमर्स के पैसे को अलग पहचानना मुश्किल था और अक्सर एक कस्टमर के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट बनाना पड़ता था। दस कस्टमर्स तक यह चल जाता है, पर दस लाख के लिए नहीं।
CAP-84 कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस के साथ 64-बिट आईडी जोड़ने देता है, और इसका नया एड्रेस फॉर्मेट W से शुरू होता है। टोकन भेजने पर वह कॉन्ट्रैक्ट में ही पहुंचता है और ट्रांसफर इवेंट में आईडी रिकॉर्ड हो जाती है, जिससे ऐप को पता चलता है कि पैसा किस कस्टमर का है। उदाहरण के लिए, कोई एक्सचेंज हर यूज़र के लिए अलग कॉन्ट्रैक्ट डिप्लॉय किए बिना एक ही स्मार्ट अकाउंट में सबके डिपॉज़िट ट्रैक कर सकेगा। Stellar Protocol 30 Upgrade का पहला और सबसे प्रैक्टिकल बदलाव यही है। स्मार्ट अकाउंट्स के बाद अगला बदलाव सिक्योरिटी से जुड़ा है।
CAP-87: क्वांटम-सेफ सिग्नेचर की तरफ पहला कदम
Stellar समेत ज़्यादातर बड़े ब्लॉकचेन Ed25519, secp256k1 और secp256r1 जैसे सिग्नेचर इस्तेमाल करते हैं। आज के कंप्यूटर इन्हें नहीं तोड़ सकते, पर काफी बड़ा क्वांटम कंप्यूटर तोड़ सकता है। फिलहाल ऐसा कोई पब्लिक कंप्यूटर मौजूद नहीं है, पर पब्लिक की ब्लॉकचेन पर खुली रहती हैं और नई क्रिप्टोग्राफी पर माइग्रेट करने में सालों लगते हैं, इसलिए इंडस्ट्री अभी से तैयारी कर रही है। अमेरिकी संस्था NIST ने 2024 में पोस्ट-क्वांटम सिग्नेचर स्टैंडर्ड्स फाइनल किए थे, जिनमें ML-DSA भी शामिल है।
Stellar News में क्वांटम वाला हिस्सा सबसे ज़्यादा चर्चा में है। CAP-87 से स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स ML-DSA सिग्नेचर वेरिफाई कर सकेंगे, और यह काम कॉन्ट्रैक्ट कोड की जगह Stellar Core के अंदर होगा, ताकि कॉल सस्ता रहे और हर डेवलपर को इसे अलग से न लिखना पड़े। हालांकि Stellar Protocol 30 Upgrade से Stellar पूरी तरह पोस्ट-क्वांटम नहीं बनता, क्योंकि नेटवर्क के ट्रांज़ैक्शन सिग्नेचर अभी Ed25519 ही रहेंगे। क्लासिक अकाउंट्स के लिए नेटिव पोस्ट-क्वांटम सिग्नर आगे किसी प्रोटोकॉल बदलाव में आएगा। यह Stellar के Quantum Preparedness Plan का पहला ऑनचेन हिस्सा है। सिक्योरिटी के बाद तीसरा बदलाव स्पीड की दिशा में है।
CAP-88: मिलीसेकंड क्लॉक और फास्टर लेजर्स
सितंबर में Protocol 28 (Adapter) ने मेननेट का लेजर क्लोज़ टाइम करीब 5.7 सेकंड से घटाकर 5 सेकंड किया था। यह Stellar का Protocol 28 है, जबकि एक अलग नेटवर्क का Pi Network Protocol 28 अपग्रेड भी 16 अक्टूबर को मेननेट पर लाइव हुआ है। अभी Stellar हर लेजर का क्लोज़ टाइम पूरे सेकंड में रिकॉर्ड करता है, इसलिए दो लेजर्स के बीच कम से कम एक सेकंड का फ्लोर बना रहता है। CAP-88 क्लॉक को मिलीसेकंड में कर देता है, जिससे आगे के प्रोटोकॉल बदलाव इससे बारीक क्लोज़ टाइम टारगेट कर सकेंगे।
Stellar News में स्पीड वाला हिस्सा सबसे ज़्यादा गलत समझे जाने वाला है, इसलिए साफ कर दें कि Bell अपने आप क्लोज़ टाइम 5 सेकंड से कम नहीं करता, यह सिर्फ रास्ता खोलता है। Stellar Protocol 30 Upgrade में स्पीड का असली फायदा आगे के बदलावों से आएगा, और Stellar Core टीम एक्सपेरिमेंटल ब्रांचेस पर फास्टर क्लोज़ टाइम की टेस्टिंग कर रही है। एक ज़रूरी तकनीकी बात यह है कि इससे लेजर हेडर का फॉर्मेट बदलता है। जो इंडेक्सर, एक्सप्लोरर या एनालिटिक्स टूल बिना SDK के रॉ लेजर डेटा पढ़ते हैं, उन्हें अपग्रेड से पहले XDR डेफिनिशन्स अपडेट करनी होंगी, वरना डिकोडर रुक जाएगा। पुराना closeTime फील्ड पूरे सेकंड ही दिखाता रहेगा। तकनीकी बदलाव समझ आ गए, अब देखते हैं कि किसे क्या करना है।
Stellar Protocol 30 Upgrade का असर किस पर पड़ेगा?
इस Stellar News का असर बहुत से हितधारको पर एक साथ पड़ेगा !
वैलिडेटर्स: Stellar Core v30.0.0 इंस्टॉल करना होगा। 23 नवंबर के वोट की आर्मिंग कमांड वैलिडेटर चैनल्स से पहले शेयर की जाएगी।
SDK यूज़र्स: टेस्टनेट इंटीग्रेशन के लिए 3 नवंबर से पहले और मेननेट इंटीग्रेशन के लिए 23 नवंबर से पहले लेटेस्ट SDK पर जाना होगा। जैसे, अपना वॉलेट ऐप बनाने वाली टीम को SDK अपडेट के साथ W एड्रेस टाइप हैंडल करना होगा।
वॉलेट, एक्सचेंज, इश्यूअर और रैंप: अपग्रेड के बाद म्यूक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस मिंट या ट्रांसफर इवेंट का डेस्टिनेशन बन सकता है, इसलिए W एड्रेस को टाइप चेक्स में जोड़ना होगा।
इंडेक्सर और एक्सप्लोरर: रॉ लेजर डेटा पढ़ने वाले टूल्स को XDR डेफिनिशन्स अपडेट करनी होंगी।
आम XLM होल्डर्स को अपने वॉलेट या एक्सचेंज ऐप के अपडेट्स पर नज़र रखनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि इन सबका XLM प्राइस से क्या रिश्ता है।
Stellar News: XLM प्राइस पर क्या असर पड़ सकता है?
प्रोटोकॉल अपग्रेड और टोकन के प्राइस का सीधा रिश्ता नहीं होता। ऑफिशियल घोषणा में किसी प्राइस टारगेट या मार्केट असर का ज़िक्र नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने अपग्रेड के बाद नेटवर्क एक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद जताई है, जबकि एक रिपोर्ट में XLM पर प्राइस प्रेशर का भी ज़िक्र है। ये अनुमान हैं, गारंटी नहीं। Stellar News पढ़ने वाले इन्वेस्टर्स के लिए ज़्यादा काम की बात यह है कि Stellar Protocol 30 Upgrade की असली कसौटी यह होगी कि बिज़नेस और वॉलेट्स इन फीचर्स को कितनी जल्दी अपनाते हैं। लाइव प्राइस के लिए XLM का INR में प्राइस, Crypto Hindi News पर देखे । आखिर में पूरी तस्वीर समेट लेते हैं।
आखिरी बात: Stellar News में अगली नज़र 3 और 23 नवंबर पर
संक्षेप में, Bell तीन काम करता है: स्मार्ट अकाउंट्स को कई कस्टमर्स के लिए तैयार करता है, कॉन्ट्रैक्ट्स को क्वांटम-सेफ सिग्नेचर वेरिफाई करने देता है और लेजर क्लॉक को मिलीसेकंड में ले जाता है। Stellar News फॉलो करने वालों के लिए अब देखने वाली चीज़ें हैं: 3 नवंबर के टेस्टनेट वोट का नतीजा, 23 नवंबर का मेननेट वोट, वॉलेट्स और एक्सचेंजेस में W एड्रेस का सपोर्ट और आगे फास्टर क्लोज़ टाइम वाले प्रोटोकॉल बदलाव। इसी बीच 28-29 अक्टूबर को लिस्बन में Stellar का Meridian 2026 इवेंट भी है। Stellar Protocol 30 Upgrade की ताज़ा जानकारी के लिए SDF की ऑफिशियल गाइड देखते रहें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ एजुकेशनल जानकारी के लिए है, इसे इन्वेस्टमेंट, टैक्स या लीगल एडवाइस न मानें। क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट जोखिम भरा है और पूरा पैसा डूब सकता है। कोई भी फैसला लेने से पहले अपना रिसर्च करें और ज़रूरत हो तो रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें।