Bitcoin नेटवर्क पर लौटेगा USDT: Utexo Mint का अर्ली एक्सेस खुला
23 अक्टूबर 2026 — दुनिया का सबसे बड़ा स्टेबलकॉइन USDT अब Bitcoin नेटवर्क पर नए रूप में लौटने की तैयारी में है। Utexo नाम की कंपनी ने 22 अक्टूबर को Utexo Mint का अर्ली एक्सेस खोल दिया है, जिसके ज़रिए प्रोफेशनल ऑपरेटर्स Bitcoin पर USDT का एक "ब्रिज्ड" वर्ज़न टेस्ट कर सकते हैं। इसका पब्लिक लॉन्च 28 नवंबर को तय है। यह Tether USDT News और Bitcoin News दोनों के लिए अहम है, क्योंकि अब तक डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन की ज़्यादातर लिक्विडिटी Ethereum और TRON जैसे नेटवर्क पर रही है, Bitcoin पर नहीं।
(स्टेबलकॉइन वह क्रिप्टो है जिसकी कीमत डॉलर जैसी किसी असली करेंसी से जुड़ी रहती है। ब्रिज्ड वर्ज़न का मतलब है कि टोकन किसी दूसरे नेटवर्क पर रखी रकम के बदले Bitcoin पर जारी किया जाता है।)
Utexo Mint क्या है
Utexo Mint एक खास प्लेटफॉर्म है, जो वेरिफाइड प्रोफेशनल ऑपरेटर्स, यानी एक्सचेंज, वॉलेट, मार्केट मेकर, OTC डेस्क और ट्रेडिंग फर्म, को Utexo का ब्रिज्ड USDT मिंट और रिडीम करने देता है। इसके सैंडबॉक्स, यानी टेस्टिंग माहौल में ऑपरेटर्स मिंटिंग, कॉन्फिडेंशियल ट्रांसफर और रिडेम्पशन को परख सकते हैं।
यह टेस्टिंग Bitcoin Signet पर हो रही है, जो Bitcoin का टेस्ट नेटवर्क है और जिसमें असली पैसा नहीं लगता। मकसद यह है कि ऑपरेटर्स लॉन्च से पहले अपने सिस्टम तैयार कर लें। Utexo के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म में फिएट और ब्रिज्ड USDT के बीच बदलने और अलग-अलग नेटवर्क पर लिक्विडिटी संभालने के टूल भी होंगे।
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यह कैसे काम करेगा
यह टोकन RGB प्रोटोकॉल पर बनेगा, जिसका इस्तेमाल Bitcoin पर एसेट जारी करने और ट्रांसफर करने के लिए होता है। Utexo के मुताबिक RGB पर ट्रांसफर प्राइवेट होंगे, यानी लोग अपनी ट्रांज़ैक्शन डिटेल सार्वजनिक किए बिना फंड रख और भेज सकेंगे, जबकि कारोबार नियामकीय नियमों के हिसाब से कंट्रोल बनाए रख सकेंगे।
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वर्ज़न के पीछे की रकम Tether के USDT0 प्रोटोकॉल के ज़रिए Arbitrum पर लॉक रखी जाएगी। यानी यह Bitcoin पर "नया USDT" बनाने जैसा नहीं, बल्कि दूसरे नेटवर्क पर रखे USDT के बदले जारी किया गया ब्रिज्ड टोकन है।
लॉन्च दो चरणों में होगा:
28 नवंबर 2026: Bitcoin पर पब्लिक लॉन्च, पार्टनर वॉलेट और एक्सचेंज के ज़रिए, जिसमें स्वैप प्रोवाइडर्स और लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए लिक्विडिटी आएगी।
2027 की पहली तिमाही: Lightning Network पर सपोर्ट, जिससे लगभग तुरंत पेमेंट संभव होगा।
Tether से क्या रिश्ता है, और क्या नहीं
यहाँ एक बात साफ रहनी चाहिए। Utexo ने खुद कहा है कि Bitcoin पर यह USDT Utexo लॉन्च कर रहा है, Tether नहीं, और Utexo Mint का मालिक या संचालक Tether नहीं है। इसके बावजूद The Defiant जैसी कुछ रिपोर्ट्स Utexo को "Tether-backed" प्रोजेक्ट बताती हैं, और बैकिंग Tether के USDT0 पर टिकी है। यानी जुड़ाव है, लेकिन यह Tether का सीधा प्रोडक्ट नहीं है।
कंपनी के मुताबिक USDT पहली बार 2014 में Bitcoin पर ही लॉन्च हुआ था, और यह नया वर्ज़न उसी की वापसी है। (RGB और Utexo की भूमिका पर विस्तार से जानने के लिए Bitcoin Magazine की यह रिपोर्ट पढ़ें)।
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प्राइवेसी और कम्प्लायंस
प्राइवेसी वाला हिस्सा सवाल भी खड़े करता है, इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि Utexo इस पर क्या कहता है। कंपनी के मुताबिक वह आने वाले सभी USDT के स्रोत पर नज़र रखेगा, AML स्कोर जाँचेगा और RGB की तरफ के जोखिम भी मॉनिटर करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए वह Crystal Intelligence के साथ काम कर रहा है। साथ ही कंपनी का दावा है कि RGB पर एड्रेस दोबारा इस्तेमाल नहीं होते, जो EVM नेटवर्क पर आम चलन है और प्राइवेसी के लिए कमज़ोर कड़ी माना जाता है।
सावधानी की बातें
अभी आम यूज़र्स के लिए कुछ उपलब्ध नहीं है। फिलहाल सिर्फ वेरिफाइड प्रोफेशनल ऑपरेटर्स टेस्टनेट पर काम कर सकते हैं। पब्लिक एक्सेस 28 नवंबर से शुरू होगा।
ब्रिज का जोखिम बना रहता है। प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंटेशन के आधार पर रिपोर्ट्स कहती हैं कि यह वर्ज़न USDT0 पर टिका है, यानी ब्रिज से जुड़ी निर्भरताएँ खत्म नहीं होतीं।
फर्ज़ी साइट्स से बचें। ऐसी खबरों के बीच "USDT on Bitcoin अर्ली एक्सेस" या "फ्री मिंट" के नाम पर नकली लिंक आ जाते हैं। किसी को सीड फ्रेज़ या प्राइवेट की न दें, और जानकारी सिर्फ Utexo की आधिकारिक वेबसाइट या आपके वॉलेट-एक्सचेंज की घोषणा से लें।
भारतीय यूज़र्स के लिए इसका मतलब क्या है?
भारतीय यूज़र्स के लिए फिलहाल यह एक आने वाली टेक्नोलॉजी की खबर है, कोई सीधा ट्रेडिंग मौका नहीं। हमें अब तक किसी भारतीय एक्सचेंज की तरफ से इस वर्ज़न को सपोर्ट करने की कोई घोषणा नहीं मिली है, इसलिए 28 नवंबर के बाद भी यह अपने-आप भारत में उपलब्ध होगा, ऐसा मानना जल्दबाज़ी होगी। दिलचस्प बात यह है कि अगर यह कामयाब हुआ तो Bitcoin के नेटवर्क पर सीधे डॉलर-स्टेबलकॉइन से लेंडिंग और पेमेंट जैसी सुविधाएँ बन सकती हैं। भारत में क्रिप्टो गेन पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू है, और स्टेबलकॉइन की खरीद-बिक्री पर भी ये नियम लागू होंगे। इसलिए कोई भी नई सुविधा इस्तेमाल करने से पहले सोच लें कि वह आपके एक्सचेंज पर वाकई सपोर्टेड है और भरोसेमंद है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह न माना जाए। रिपोर्ट Utexo की आधिकारिक घोषणा और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और स्थिति बदलने पर अपडेट हो सकती है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है।