CoinDCX News: मामले में मोड़, एक्सचेंज ने माना डिपॉज़िट स्वीप हुआ फेल
23 अक्टूबर 2026 — CoinDCX से जुड़े वॉलेट्स से करीब 16 मिलियन डॉलर के USDT निकलने की जो खबर दो दिन पहले "अफवाह" बताई गई थी, उसमें अब कंपनी का रुख बदला दिख रहा है। CoinDCX ने साफ कहा है कि यह नया हैक नहीं है और उसके मौजूदा वॉलेट्स सुरक्षित हैं, लेकिन अब वह यह भी मान रहा है कि पुराने एड्रेस पर आए डिपॉज़िट इकट्ठा करने वाली उसकी स्वीपिंग प्रक्रिया कुछ समय के लिए फेल हो गई थी। कंपनी के मुताबिक इससे हुआ नुकसान उसने खुद उठाया और प्रभावित यूज़र्स के अकाउंट में पैसा क्रेडिट कर दिया गया है। दूसरी तरफ ऑन-चेन इन्वेस्टिगेटर ZachXBT का कहना है कि ये एड्रेस "पुराने और बंद" नहीं थे, और उन्होंने यूज़र्स को फंड निकालने की सलाह दी है।
इस CoinDCX News में हम क्रम से बताते हैं कि क्या हुआ, दोनों पक्ष क्या कह रहे हैं, कौन-से सवाल अब भी खुले हैं और यूज़र्स को क्या ध्यान रखना चाहिए।
अब तक की पूरी टाइमलाइन
CoinDCX का पक्ष: पहले "कोई संबंध नहीं", फिर "स्वीपिंग फेल"

Source: X Post
CoinDCX के शुरुआती बयान में कहा गया था कि जिन एड्रेस और ट्रांज़ैक्शन की बात हो रही है, उनका CoinDCX से कोई संबंध नहीं है और ये एड्रेस जुलाई 2025 के बाद उसने इस्तेमाल नहीं किए। कंपनी ने यह भी कहा था कि उसके मौजूदा सेंट्रल और यूज़र एड्रेस प्रभावित नहीं हुए।
बाद के अपडेट में तस्वीर थोड़ी अलग हुई। कंपनी के प्रवक्ता ने CoinDesk से कहा कि जुलाई 2025 की घटना के बाद CoinDCX ने यूज़र्स को इन कम्प्रोमाइज़ हुए एड्रेस पर डिपॉज़िट न भेजने को कहा था, फिर भी कुछ यूज़र्स भेजते रहे। इन डिपॉज़िट को पकड़ने के लिए जो स्वीपिंग प्रक्रिया थी, वह कुछ समय के लिए फेल हुई।
स्वीपिंग का मतलब है कि एक्सचेंज यूज़र्स के बनाए डिपॉज़िट एड्रेस में आया पैसा अपने कंट्रोल वाले मुख्य वॉलेट में खींच लेता है, और फिर ज़्यादातर रकम ऑफलाइन कोल्ड वॉलेट में भेज देता है। कंपनी का कहना है:
प्रभावित यूज़र्स के डिपॉज़िट बैलेंस क्रेडिट कर दिए गए, भले ही वह रकम सफलतापूर्वक इकट्ठा नहीं हो पाई थी।
नुकसान कंपनी ने खुद उठाया, जिसकी रकम उसने नहीं बताई।
मौजूदा एक्टिव वॉलेट प्रभावित नहीं हुए और कस्टमर एसेट अलग कोल्ड वॉलेट में सुरक्षित हैं।
ट्रेडिंग पहले की तरह चल रही है।
सुमित गुप्ता ने ZachXBT के जवाब में कहा कि जाँच जारी है और किसी यूज़र को नुकसान नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ZachXBT की बात को माना कि वह एड्रेस इस्तेमाल में था।
जाँचकर्ताओं के सवाल
ZachXBT का तर्क है कि अगर एड्रेस वाकई छोड़ा जा चुका होता, तो वह अप्रैल-मई 2026 तक डिपॉज़िट आगे नहीं भेज रहा होता और उसे गैस फीस भी नहीं मिल रही होती। उनके मुताबिक इसका मतलब है कि करीब 15.8 मिलियन डॉलर के यूज़र डिपॉज़िट का हिसाब CoinDCX की टीम के पास नहीं था। यह आँकड़ा उनका अनुमान है, और 15.99 मिलियन USDT के रिपोर्ट किए गए ट्रांसफर के कुल आँकड़े से अलग है।
Darcy ने यह भी कहा कि CoinDCX की ताज़ा प्रूफ ऑफ रिज़र्व्स (PoR) रिपोर्ट में दिखे दो एड्रेस ने उस TRON एड्रेस को पैसा भेजा, जिसे वे हैकर का बता रहे हैं। यह उनका दावा है, और हमें इस पर CoinDCX का अलग से कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला। PoR वह व्यवस्था है जिसमें एक्सचेंज अपने वॉलेट एड्रेस और बैलेंस सार्वजनिक करता है, ताकि कोई भी बाहर से जाँच सके।
दोनों पक्षों में क्या मेल खाता है और क्या नहीं
दोनों पक्ष इस पर सहमत दिखते हैं कि पैसा पुराने, जुलाई 2025 में कम्प्रोमाइज़ हुए एड्रेस से निकला और कुल रकम करीब 16 मिलियन डॉलर के आसपास है। विवाद इन बातों पर है:
क्या एड्रेस सचमुच बंद थे? कंपनी कहती है कि वे रिटायर थे और यूज़र्स ने गलती से उनमें पैसा भेजा। ZachXBT कहते हैं कि वे महीनों तक CoinDCX के अपने सिस्टम का हिस्सा बने रहे।
नुकसान किसका? कंपनी के मुताबिक पैसा यूज़र्स का था, पर उसे क्रेडिट करके नुकसान उसने उठाया। कितना नुकसान हुआ, यह उसने नहीं बताया।
पहले इनकार, अब स्वीकार? आलोचक कहते हैं कि शुरुआती "कोई संबंध नहीं" वाला बयान बाद की स्वीकारोक्ति से मेल नहीं खाता। कंपनी का कहना है कि वह जाँच के आधार पर अपडेट दे रही है।
अभी क्या बाकी है
कुछ सवालों के जवाब अभी सार्वजनिक नहीं हैं। CoinDCX ने नुकसान की रकम नहीं बताई है। ZachXBT के 15.8 मिलियन डॉलर और रिपोर्ट हुए 15.99 मिलियन USDT के आँकड़े का मिलान किसी स्वतंत्र स्रोत ने नहीं किया है। यह भी साफ नहीं है कि PoR में दिखे एड्रेस वाला दावा सही है या नहीं, और कंपनी ने किसी स्वतंत्र ऑडिट या फोरेंसिक रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं कहा है। इसलिए फिलहाल इस मामले को "हैक की पुष्टि नहीं, पर ऑपरेशनल चूक की आंशिक स्वीकारोक्ति" कहना सबसे सही रहेगा।
यूज़र्स क्या करें
सिर्फ ऑफिशियल चैनल पर भरोसा करें। CoinDCX का वेरिफाइड X हैंडल, ऐप नोटिस और वेबसाइट देखें। @CoinDCX_Cares सपोर्ट के लिए है।
हर बार नया डिपॉज़िट एड्रेस ऐप से कॉपी करें। पुराने सेव किए एड्रेस या पुरानी ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री से एड्रेस न उठाएँ, क्योंकि यही गलती इस मामले की जड़ बताई जा रही है।
अपना बैलेंस और ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री खुद जाँचें। कोई डिपॉज़िट गायब दिखे तो स्क्रीनशॉट के साथ आधिकारिक सपोर्ट को बताएँ।
फंड निकालने का फैसला सोच-समझकर लें। ZachXBT ने निकालने की सलाह दी है और कंपनी कहती है कि फंड सुरक्षित हैं। दोनों बातें अभी स्वतंत्र रूप से परखी नहीं गई हैं, इसलिए अपने जोखिम और ज़रूरत के हिसाब से तय करें, और घबराहट में बार-बार ट्रांज़ैक्शन करने से बचें, क्योंकि भारत में हर ट्रांज़ैक्शन पर 1% TDS कटता है।
फर्ज़ी कॉल और लिंक से सावधान रहें। "रिफंड" या "अकाउंट सुरक्षित करें" के बहाने कोई OTP, पासवर्ड या सीड फ्रेज़ माँगे तो न दें।
आपके लिए इसका मतलब क्या है?
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि विवाद पैसे के "चोरी हुआ या नहीं" से ज़्यादा इस पर है कि कंपनी ने कितनी पारदर्शिता से बताया। कंपनी के मुताबिक यूज़र्स का कोई नुकसान नहीं हुआ और उसने भरपाई कर दी है, जो यूज़र्स के लिए राहत की बात है। लेकिन दो दिन में बयान बदलना, नुकसान की रकम न बताना और स्वतंत्र जाँच का अभाव यह सवाल छोड़ता है कि भविष्य में ऐसी चूक कैसे रोकी जाएगी। इसलिए एक्सचेंज पर उतना ही पैसा रखें जितना ट्रेडिंग के लिए ज़रूरी है, और बाकी अपने कंट्रोल वाले वॉलेट में रखने पर विचार करें। जैसे ही कंपनी या कोई स्वतंत्र एजेंसी नई जानकारी देती है, हम इस रिपोर्ट को अपडेट करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश या कानूनी सलाह न माना जाए। रिपोर्ट सार्वजनिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और स्थिति बदलने पर अपडेट हो सकती है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है।