CoinDCX News: Exchange ने हैक या फण्ड चोरी की ख़बरों को नकारा
22 अक्टूबर 2026 — कल रात से भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को परेशान कर रही CoinDCX से करीब 15.99 मिलियन USDT की कथित चोरी की खबर पर अब एक्सचेंज ने सफाई दी है। CoinDCX के आधिकारिक X हैंडल ने साफ कहा है कि यूज़र्स के फंड सुरक्षित हैं और सोशल मीडिया पर घूम रहे दावे भ्रामक हैं। कंपनी का तर्क है कि जिन वॉलेट एड्रेस और ट्रांज़ैक्शन की बात हो रही है, वे असल में जनवरी 2025 में बने पुराने एड्रेस हैं, जो पिछले साल जुलाई के हैक में कम्प्रोमाइज़ हो चुके थे और जिनका इस्तेमाल CoinDCX तब से नहीं कर रहा।
हमारी पिछली रिपोर्ट में हमने इस मामले को अपुष्ट दावे की तरह रखा था, क्योंकि तब तक एक्सचेंज की तरफ से कोई जवाब नहीं आया था। अब कंपनी का पक्ष सामने है, और यह रिपोर्ट उसी का ब्यौरा है।
CoinDCX ने क्या कहा

Source: X Post
CoinDCX के आधिकारिक हैंडल की पोस्ट के मुताबिक ताज़ा गतिविधि का कंपनी से कोई संबंध नहीं है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग पहले की तरह जारी है, और अपडेट के लिए सिर्फ ऑफिशियल चैनल पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। किसी भी सवाल के लिए यूज़र्स को @CoinDCX_Cares से संपर्क करने को कहा गया है।
इसके अलावा CoinDCX के सह-संस्थापक और CEO सुमित गुप्ता ने अलग से X पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने दावा उठाने वालों का शुक्रिया तो किया, लेकिन इसे गलत बताते हुए अफवाह न फैलाने की अपील की। उनके मुताबिक Arkham पर "CoinDCX" के नाम से टैग किए गए एड्रेस पिछले साल जुलाई के हैक से पहले CoinDCX के ही थे, लेकिन अब उनके नहीं हैं।
पुराने एड्रेस का मामला क्या है
सुमित गुप्ता के बयान को आसान भाषा में समझें तो बात यह है कि ये एड्रेस जनवरी 2025 में बनाए गए थे और जुलाई 2025 के $44.2 मिलियन वाले हैक में कम्प्रोमाइज़ हो गए थे। यानी इन एड्रेस की "चाबी" हैकर्स के हाथ लग चुकी थी, और कंपनी के मुताबिक अब ऐसा लगता है कि हैकर्स उन्हीं पुराने एड्रेस का दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे उन्होंने "फॉल्स अलार्म" जैसा बताया।
कंपनी का कहना है कि उसने अपने मौजूदा सेंट्रल और यूज़र एड्रेस की जाँच की है और उनमें से किसी ने भी इन पुराने एड्रेस को पैसा नहीं भेजा। गुप्ता ने यह भी बताया कि CoinDCX के सारे एड्रेस पब्लिक हैं और कंपनी के POR लिंक पर देखे जा सकते हैं। POR यानी प्रूफ ऑफ रिज़र्व्स वह व्यवस्था है जिसमें एक्सचेंज अपने वॉलेट एड्रेस और बैलेंस सार्वजनिक करता है, ताकि कोई भी बाहर से जाँचकर देख सके कि यूज़र्स के फंड उसके पास हैं या नहीं।
दावा और जवाब, एक नज़र में
अभी क्या बाकी है
यह जवाब कंपनी का अपना पक्ष है, और जैसा कि गुप्ता ने खुद कहा है, टीम मामले की जाँच कर रही है और आगे अपडेट देगी। हमें अभी तक किसी स्वतंत्र सिक्योरिटी फर्म की ऐसी पुष्टि नहीं मिली है जो कंपनी की बात को ऑन-चेन डेटा से मिलाकर सही ठहराती हो, और इस रिपोर्ट के समय तक शुरुआती दावा करने वाले अकाउंट की तरफ से भी कोई संशोधन हमारे सामने नहीं आया है।
एक सवाल भी फिलहाल खुला है कि अगर वे एड्रेस पुराने और कम्प्रोमाइज़ हैं, तो उनसे निकली करीब $15.99 मिलियन की रकम किसकी थी और वह उन तक कैसे पहुँची। CoinDCX की सफाई इस पर कुछ नहीं कहती, और यह भी साफ नहीं है कि इसकी जाँच किसी तीसरे पक्ष से होगी या नहीं। इसलिए इसे मामला पूरी तरह बंद नहीं, बल्कि कंपनी की तरफ से "फिलहाल खंडन" के तौर पर देखना सही रहेगा।
आपके लिए इसका मतलब क्या है?
अगर आप CoinDCX यूज़र हैं, तो कंपनी के बयान के मुताबिक आपके फंड और ट्रेडिंग पर कोई असर नहीं है, लेकिन ऐसे मौकों पर सबसे भरोसेमंद जानकारी कंपनी के वेरिफाइड चैनल से ही मिलेगी। अगर आप POR पेज खुद देखना चाहते हैं, तो उसे सिर्फ CoinDCX की आधिकारिक साइट या ऐप के ज़रिए खोलें, किसी सोशल मीडिया पोस्ट के रैंडम लिंक से नहीं, क्योंकि ऐसी खबरों के दौरान नकली लिंक और फर्ज़ी "सपोर्ट" कॉल बढ़ जाते हैं। साथ ही कोई भी ऐसी साइट जो आपसे सीड फ्रेज़ या OTP माँगे, उससे दूर रहें। लंबे समय के लिए यह घटना याद दिलाती है कि किसी भी एक्सचेंज पर उतना ही पैसा रखें जितना ट्रेडिंग के लिए चाहिए, और बाकी अपने कंट्रोल वाले वॉलेट में रखने पर विचार करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश या कानूनी सलाह न माना जाए। रिपोर्ट में दी गई जानकारी CoinDCX के सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है और स्थिति बदलने पर अपडेट हो सकती है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है।