US Supreme Court Tariff Decision पर बना कानूनी मामला अब और लंबा खिंचता नजर आ रहा है। US Supreme Court Tariff Decision पर तुरंत फैसला देने से इनकार कर दिया है, जिससे उम्मीद थी कि यह Tariff जल्दी वापस लिए जाएंगे।
Source- Wise Advice
कोर्ट अब चार हफ्ते की छुट्टी पर जा रही है, ऐसे में यह मामला कई हफ्तों या महीनों तक लटक सकता है। यह केस ट्रंप के दोबारा US President बनने के बाद उनकी आर्थिक नीतियों की सबसे बड़ी कानूनी परीक्षा माना जा रहा है।
मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तीन अन्य मामलों पर फैसले सुनाए, लेकिन Trump Tariff Court Case से जुड़े मामले पर निर्णय को टाल दिया। जजों ने यह नहीं बताया कि फैसला कब आएगा।
अब जब कोर्ट अगले हफ्ते से लंबी छुट्टी पर जा रही है, तो साफ है कि ट्रम्प टैरिफ पर तुरंत राहत मिलना मुश्किल है।
इससे कंपनियों, निवेशकों और ट्रेड पार्टनर्स के बीच असमंजस की स्थिति और बढ़ गई है, क्योंकि अभी साफ नहीं है कि ये टैरिफ बने रहेंगे या हटाए जाएंगे।
सुनवाई के दौरान Justice Neil Gorsuch ने कहा कि इस तरह से ताकत धीरे-धीरे President के पास सिमटती जाती है, जबकि आर्थिक फैसले जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के जरिए होने चाहिए। वहीं Chief Justice John Roberts ने पूछा कि क्या यह कानून US President को किसी भी देश, किसी भी प्रोडक्ट और किसी भी समय पर टैक्स लगाने की छूट देता है।
Justice Amy Coney Barrett ने भी सरकार से पूछा कि आखिर इतने सारे देशों पर एक साथ टैरिफ लगाने की जरूरत क्यों पड़ी।
सरकार की ओर से Solicitor General D. John Sauert ने कोर्ट में दलील दी कि ये टैरिफ मुख्य रूप से विदेशी व्यापार को ज्यादा संतुलित बनाने के लिए लगाए गए हैं, न कि राजस्व बढ़ाने के लिए। उन्होंने कहा कि US के कई देशों के साथ व्यापार संबंध असंतुलित हैं और इनका मकसद उसे ठीक करना है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि टैरिफ से सरकार को पैसा जरूर मिलता है, लेकिन यह सिर्फ एक साइड इफेक्ट है, असली मकसद व्यापार में सुधार लाना है।
Polymarket जैसी साइट पर ट्रेडर्स की राय थी कि US Court on Trump Tariff पक्ष में फैसला दे सकता है या नहीं (कुछ समय पहले Odds लगभग 29% के आसपास दिख रहे थे)। इस वजह से मार्केट में थोड़ी उतार-चढ़ाव की उम्मीद थी, लेकिन फैसला टल गया।
Source- X
यह मामला IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) से जुड़ा है, जिसके तहत ट्रंप ने इमरजेंसी बताकर ये टैरिफ लगाए थे। अगर US Supreme Court इसे गलत मानता है तो कई देशों पर से US Tariff हट सकते हैं, जिससे Global Trade, Crypto Market पर असर पड़ सकता है।
Supreme Court US Tariff में फैसले की देरी से Crypto Market में अनिश्चितता बनी रह सकती है। जब Global Trade और Economy को लेकर साफ तस्वीर नहीं होती, तो निवेशक अक्सर Risk Assets से दूरी बनाते हैं, जिसका असर Bitcoin और Altcoins की कीमतों पर दिख सकता है।
हालांकि दूसरी तरफ, अगर Trump Trade Tension बढ़ती है और Dollar पर दबाव आता है, तो कुछ निवेशक Bitcoin को Digital Gold की तरह देखकर इसमें पैसा लगा सकते हैं। इससे BTC Price को सपोर्ट मिल सकता है।
साथ ही, Import-Export पर निर्भर कंपनियों में अस्थिरता बढ़ने से Stablecoins का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है, खासकर Cross Border Payments में।
October 2025 में Donald Trump द्वारा China पर टैरिफ लगाने के बाद Crypto Market Crash देखने को मिला था।
Supreme Court अब चार हफ्ते की छुट्टी पर जा रही है और अगली सुनवाई February के अंत तक तय नहीं है, इसलिए Trump Tariff पर फैसला आने में कई हफ्तों या महीनों का वक्त भी लग सकता है। तब तक टैरिफ लागू रहेंगे और मार्केट इसी माहौल में काम करते रहेंगे।
निवेशकों और कारोबारियों की नजर अब कोर्ट की अगली सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
Explore Our FAQs
Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.
Copyright 2026 All rights reserved