क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में WazirX को लेकर लम्बे समय से बड़े विवाद का सामना कर रहा है और अब भारत का प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज इंटरनेशनल लेवल पर लीगल इन्वेस्टिगेशन के घेरे में भी आ गया है। सिंगापुर कोर्ट ने WazirX को जरूरी सबूत और डॉक्यूमेंट प्रेजेंट करने के निर्देश दिए है। यह आदेश तब आया है जब कंपनी हाल ही में हुई एक सुनवाई में ज़रूरी डॉक्यूमेंट प्रेजेंट करने में असफल रही है।
इस मामले को क्रिप्टो एक्सपर्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Pushpendra Kumar ने उजागर किया है। उन्होंने x पर ट्वीट करके यह जानकारी दी कि WazirX की ओर से सबूत नहीं दिए जाने पर सिंगापुर कोर्ट ने नाराज़गी जताई है और डाक्यूमेंट्स को जल्द से जल्द प्रेजेंट करने के निर्देश दिए है। उनका कहना है कि कंपनी जानबूझकर लीगल प्रोसेस में देरी कर रही है, जिससे यह डाउट बढ़ रहा है कि वह इस दौरान यूज़र्स के फंड्स का गलत तरीके से फायदा उठा रही है।
WazirX पहले से ही कई विवादों में घिरा रहा है, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग और KYC नियमों का उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं और लगभग एक साल हो गया है, लेकिन WazirX Hack को लेकर यूज़र्स को अब तक रहत नहीं मिली है। वहीं अब सिंगापुर के कोर्ट में चल रहे इस मामले ने भी उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि कंपनी समय पर डॉक्यूमेंट प्रेजेंट नहीं करती है, तो यह ज्यूडिशियल प्रोसेस में बाधा मानी जाएगी।
बताया जा रहा है कि कंपनी पर आरोप है कि वह निवेशकों के पैसे का उपयोग अभी भी कर रही है, जबकि मामले की सुनवाई चल रही है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में एक बड़ा झटका माना जाएगा, खासकर भारत जैसे देश में जहां इस टेक्नोलॉजी को लेकर अभी भी भरोसे की कमी है।
क्रिप्टो एक्सपर्ट Pushpendra Kumar ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि यह मामला केवल एक कंपनी का नहीं, बल्कि पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री की साख से जुड़ा है। यदि ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी नहीं दिखाई जाती, तो फ्यूचर में इन्वेस्टर्स का विश्वास इस क्रिप्टो मार्केट से पूरी तरह उठ सकता है। उन्होंने क्रिप्टो WazirX प्लेटफॉर्म्स से अपील की कि वे रेगुलेटरी प्रोसेस को फॉलो करें और यूज़र्स के हितों को प्रयोरिटी दें। क्योंकि हाल ही में इसे लेकर चल रहे मुद्दे को लेकर कम्युनिटी में कई सवाल भी उठ रहे है, जैसे WazirX Refunds से क्या यूज़र्स को मिल जाएगा न्याय? और इन सवालों का जबाब कंपनी तब ही दे पाएगी, जब इस पर कोई ठोस क़दम उठाया जायेगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही क्रिप्टो एक्सपर्ट Pushpendra Kumar ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर टिप्पणी करते हुए इसे डिजिटल वर्ल्ड का फ्यूचर बताया था। उनका मानना है कि यदि सही रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाए और कंपनी द्वारा अपनी एक्टिविटीज को ट्रांसपेरेंट रखा जाए, तो यह टेक्नोलॉजी बैंकिंग, हेल्थ और एजुकेशन जैसे कई क्षेत्रों में रिवोल्यूशन ला सकती है।
WazirX पर सिंगापुर कोर्ट की सख्ती केवल एक लीगल प्रोसेस नहीं है, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी की परीक्षा भी है। वहीं इन्वेस्टर्स को भी यह जानने का अधिकार है कि उनके फंड्स कहां और कैसे उपयोग हो रहे हैं। क्योंकि जैसे-जैसे यह केस आगे बढ़ेगा, पूरे क्रिप्टो मार्केट की नज़र WazirX की हर एक्टिविटी पर बनी रहेगी। अगर कंपनी कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करती, तो इसके न केवल कानूनी, बल्कि बिजनेस से सम्बंधित रिजल्ट भी नेगेटिव हो सकते हैं, जिससे उसकी पहचान पर गहरा असर हो सकता है।
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