DAO क्या है

DAO क्या है, यह कैसे ब्लॉकचेन गवर्नेंस को बेहतर बनाता है? 

Updated Date:

DAO कैसे बदल रहा है ब्लॉकचेन गवर्नेंस सिस्टम, जानिए

वर्तमान में जहाँ एक और पब्लिक सर्विस और गवर्नेंस में डेमोक्रेटिक सिस्टम पूरी तरह से अपनाया जा चुका है, वहीं दूसरी ओर कंपनियाँ, एनजीओ या ऑर्गनाइजेशन अब भी सेंट्रलाइज्ड मॉडल पर ही काम कर रहे हैं। इनमें डिसिजन कुछ ही चुनिन्दा लोगों द्वारा लिए जाते हैं, जैसे CEO, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या फिर बड़े इन्वेस्टर्स। 

दूसरे स्टैक होल्डर्स को ना तो डिसिजन मेकिंग प्रोसेस में भागीदारी करने का मौका मिलता है, ना ही उन्हें डिसिजन के पीछे के तर्क के बारे में बताया जाता है। इस सिस्टम में कई बार पक्षपातपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं और कई बार यह प्रोसेस भ्रष्टाचार को भी जन्म देती है।

हालांकि अभी तक यही सिस्टम बेस्ट माना जाता रहा है लेकिन Blockchain Technology के विस्तार ने इस क्षेत्र में DAO के रूप में एक नया आयाम खोला है, इसने एक ऐसा डिसिजन मेकिंग सिस्टम हमारे सामने रखा है, जहाँ शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के पास नहीं रही बल्कि कलेक्टिव रूप से इस्तेमाल की जाती है, इस डिसेंट्रलाइज्ड डिसिजन मेकिंग सिस्टम को DAO कहा जाता है।

DAO क्या होता है?

Blockchain पर चलने वाला ऐसा संगठन जिसमे सभी निर्णय स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में लिखे गए नियमों के अनुसार ब्लॉकचेन के गवर्नेंस टोकन होल्डर्स द्वारा कलेक्टिव रूप से डेमोक्रेटिक तरीके से लिए जाते हैं,  यह संगठन DAO (Decentralized Autonomous Organization) कहा जाता है। 

इसमें कोई सेंट्रल लीडरशिप नहीं होती है, बल्कि इसके वे सभी सदस्य जिनके पास गवर्नेंस टोकन होता है वोटिंग के माध्यम से कोई भी निर्णय लेते हैं। इसमें होने वाली प्रत्येक गतिविधि जैसे फंड डिस्ट्रीब्यूशन, वोट ओन प्रपोजल, अपग्रेड या पालिसी चैंज स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में लिखी प्रोसेस के अनुसार होता है और यह पूरी प्रोसेस ब्लॉकचेन पर पब्लिक डोमेन में होती है, जिसके कारण ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है। 

इसका संगठन का उद्देश्य एक ऐसा स्ट्रक्चर तैयार करना है जो ट्रांसपेरेंट हो, सेंसरशिप और भ्रष्टाचार से मुक्त हो।

DAO कैसे काम करता है?

यह स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में लिखी गयी शर्तें निर्धारित करती है की DAO कैसे काम करेगा। Smart Contracts इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन की तरह होते हैं। इन कॉन्ट्रैक्ट में पूरे संगठन के रूल्स और अपनाई जाने वाली प्रोसेस पहले से लिखी होती है और इस संविधान का किसी भी हालत में उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। 

इसमें कोई भी सदस्य कोई प्रस्ताव रख सकता है इसके बाद बचे हुए टोकन होल्डर्स उस प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोटिंग करते हैं। प्रस्ताव को जैसे ही निर्धारित संख्या में वोट मिलते है, Smart Contract अपने आप पहले से निर्धारित एक्शन ले लेता है। इस तरह से इसमें किसी तरह के मैनीपुलेशन या करप्शन की सम्भावना ख़त्म हो जाती है।

DAO के प्रकार और उदाहरण

चूँकि यह विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बनाए जाते हैं और इसी आधार पर उन्हें अलग-अलग प्रकारों में बांटा जा सकता है। नीचे इसके कुछ प्रमुख प्रकार दिए गए हैं:

  • Protocol DAOs: यह किसी स्पेसिफिक ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल की एक्टिविटी, उनमे सुधार और नियम तय करने के लिए बनाए जाते हैं।  जैसे Uniswap DAO, जो की एक Ethereum आधारित DEX है, एक गवर्नेंस DAO का काम करता है, इस पर टोकन होल्डर्स लिक्विडिटी इंसेंटिव, फीस स्ट्रक्चर और फ्यूचर रोडमैप को वोटिंग के द्वारा तय करते हैं।

  • Finance DAOs: यह फाइनेंस से जुड़ी गतिविधियों जैसे उधार देना, लोन लेना और स्टेबलकॉइन इशू करना जैसी एक्टिविटी को नियंत्रित करते हैं। MakerDAO इसका उदाहरण है, जो DAI नामक स्टेबलकॉइन को मैनेज करता है। इसमें टोकन होल्डर यह तय करते हैं कि किस कोलैटरल पर कितना DAI मिंट किया जा सकता है और उस पर दी जाने वाले ब्याज की दर क्या होगी।

  • Investment DAOs: ये कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट के लिए बनाए जाते हैं जहाँ मेम्बर्स मिलकर फंड जमा करते हैं और कंसेंसस के आधार पर स्टार्टअप्स, NFT या प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट करते हैं। Polychain Capital, Delphi Digital, Avocado DAO आदि इसके उदाहरण हैं जो Web3 प्रोजेक्ट में निवेश करते हैं और उसका सभी निर्णय वोटिंग से लेते हैं।

  • Grant DAOs: यह डेवलपर, रिसर्चर या कम्युनिटी बिल्डर्स को फंड उपलब्ध करवाने काम पर फोकस रहते हैं। Gitcoin DAO इस मॉडल का बेहतरीन उदाहरण है, जहाँ कंट्रीब्यूटर को उनके काम की यूटिलिटी के आधार पर फंडिंग और कम्युनिटी वोटिंग के आधार पर ग्रांट्स दिए जाते हैं।

  • Social DAOs: ये कॉमन इंटरेस्ट या मिशन पर बेस्ड कम्युनिटी होती हैं। इसमें सदस्य न केवल गवर्नेंस में भागीदारी करते हैं बल्कि एक-दूसरे के साथ कोलेबोरेट भी करते हैं। Friends With Benefits (FWB) एक ऐसा Social DAO है जो क्रिएटिव लोगों की कम्युनिटी को साथ लेकर आता है, इसमें मेम्बरशिप टोकन-आधारित होती है।

  • AI DAOs: यह इसका सबसे नया और उभरता हुआ रूप है, जो भविष्य की और भी नयी संभावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है, इस मॉडल में डिसिजन मेकिंग में AI Models या AI Agents का उपयोग किया जाता है। इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण, SingularityDAO है जो एक ऐसा प्रोटोकॉल है जिसमे AI की मदद से एसेट मैनेजमेंट किया जाता है, इसके अलावा Autonolas जैसे प्रोजेक्ट AI और DAO को जोड़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं।

DAO का Blockchain Ecosystem में क्या महत्व है?

यह ब्लॉकचेन में केवल डिसिजन मेकिंग बॉडी के रूप में नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को गवर्नेंस लेयर की तरह काम करते हैं। इसका ब्लॉकचेन इकोसिस्टम में महत्त्व इस प्रकार है:

  • यह Blockchain में Governance Layer को डेमोक्रेटिक करता है: DAO, ब्लॉकचेन को सिर्फ लेन-देन और डाटा स्टोरेज तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे सामूहिक निर्णय लेने का मंच भी बनाता है। 

  • कम्युनिटी ओनरशिप के कांसेप्ट को इम्प्लीमेंट करता है: यह ऐसे मॉडल को बढ़ावा देता है जिसमें ओनरशिप किसी एक संस्था या व्यक्ति के बजाय पूरी कम्युनिटी के पास होती है। इससे पूरी प्रोसेस, प्रोजेक्ट, इकोसिस्टम और नेटवर्क में ट्रस्ट डेवलप होता है।

  • Decentralization को मजबूत करता है: डिसेंट्रलाइजेशन Blockchain की आधारभूत विशेषता है। DAO इसे टेक्नोलॉजी और कागजी बातों से आगे ले जाकर मूर्त रूप देता है।

  • Smart Contracts की सम्भावनाओं का प्रसार करता है: यह दिखाता है कि Smart Contracts केवल ट्रांजैक्शन ही नहीं, बल्कि पूरी आर्गेनाइजेशन को भी चला सकते हैं। जिससे भविष्य में इनके E-Governance में उपयोग की संभावनाओं को बल मिलता है।

  • Trust और Transparency: इसमें सारे डिसिजन और ट्रांजैक्शन पब्लिक डोमेन में होते हैं जिन्हें कोई भी कभी भी वेरीफाई कर सकता है। इससे धोखाधड़ी की संभावना न के बराबर रह जाती है और यूजर का पुरे इकोसिस्टम पर विश्वास बढ़ता है।

  • Scalable और Sustainable Ecosystem बनाना: इस पर आधारित सिस्टम चूँकि किसी एक व्यक्ति या संस्था पर डिपेंड नहीं रहते, इसलिए इनके पास लंबे समय तक चलने वाले, self-sustained और resilient नेटवर्क बनाने की क्षमता होती है जो कई पीढ़ियों तक काम कर सकते हैं। 

DAO के लाभ

यह पारंपरिक संगठनों की तुलना में कई लाभ उपलब्ध करवाता है। 

  • इसके सभी निर्णय ब्लॉकचेन पर रिकॉर्ड होते हैं, जिससे विश्वास और जवाबदेही दोनों स्थापित होती है। यह सही अर्थो में ट्रांसपेरेंसी और कलेक्टिव डिसिजन के कांसेप्ट को लागू करता है।

  • DAO ग्लोबल पार्टिसिपेशन को बढ़ावा देता है। कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने से केवल वॉलेट और गवर्नेंस टोकन के ज़रिए इसका हिस्सा बन सकता है । 

  • कोड और बॉट्स की दुनिया में DAO कम्युनिटी की सोच, वैल्यूज़ और प्रायोरिटीज़ का प्रतिनिधित्व करता है, यानी फैसले सिर्फ एल्गोरिद्म की बजाय लोगों की collective इच्छा के अनुसार लिए जाते हैं।

  • कॉर्पोरेट डिसिजन मेकिंग में डेमोक्रेटिक प्रैक्टिस को बढ़ावा देता है। 

DAO की लिमिटेशन

जहाँ यह कई संभावनाओं को जन्म दे रहा है, वहीं इसमें कुछ व्यावहारिक चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। वोटर्स का डिसिजन मेकिंग में कम पार्टिसिपेशन यानी अधिकतर टोकन होल्डर्स वोटिंग प्रोसेस में सक्रिय रूप से पार्टिसिपेट नहीं करते, जिससे निर्णय प्रभावित होते हैं।

  • हजारों की संख्या में वोटर्स को किसी एक साझा निर्णय पर लाना कठिन चुनौती होती है। 

  • Smart Contracts में छोटी सी गलती या बग भी पूरे DAO को अस्थिर कर सकते हैं। 2016 में Ethereum में हुआ The DAO Hack इसका बड़ा उदाहरण है, जहाँ स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में छुपे एक “reentrancy bug” के कारण ऐसा बवाल मचा की Ethereum Chain ही दो भागों में विभाजित हो गयी।

  • अधिकतर देशों में इसकी लीगल आइडेंटिटी को लेकर रेगुलेशन का अभाव है, जिससे डिस्प्यूट रेजोल्यूशन में मुश्किलें आ सकती हैं।

DAO का भविष्य

यह अपने आप में बड़ी सम्भावनाएं समेटे हुए हैं, आने वाले समय में यह केवल Web3 तक सीमित नहीं रहेगा। धीरे-धीरे ट्रेडिशनल कंपनियाँ, स्टार्टअप्स और स्वयंसेवी संगठन भी DAO मॉडल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 

USA के Vermont, Wyoming और Tennessee जैसे कुछ राज्यों ने सीमित दायरे में DAO को एक विधिक संस्था के रूप में मान्यता देना शुरू किया है, जबकि बाकी दुनिया में अभी भी इस मॉडल को लेकर रेगुलेशन डेवलपमेंट के शुरुआती स्टेज में है।

JP Morgan जैसी पारंपरिक वित्तीय संस्थाएँ और ONDO Finance जैसे Web3 प्रोजेक्ट पहले ही ब्लॉकचेन आधारित नए-नए गवर्नेंस और फाइनेंस मॉडल पर एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं, जिनमें कई जगह DAO-inspired स्ट्रक्चर भी दिखाई देते हैं। आने वाले समय में हम AI-powered DAOs को बड़ी संख्यां में विकसित होता देख सकते हैं, जो की डिसिजन मेकिंग प्रोसेस को पूरी तरह ऑटोमेटेड और इंटेलीजेंट बनाएगा।

DAO सिस्टम ओनरशिप और गवर्नेंस को डेमोक्रेटिक करके इस दुनिया को एक नए तरीके से ऑर्गनाइज करने के टूल के रूप में तेजी से उभर रहा है।

डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की फाइनेंशियल सलाह, निवेश सुझाव या लीगल गाइडेंस नहीं है। आप किसी भी निवेश से पहले रिसर्च करें और एक्सपर्ट्स की सलाह अवश्य लें।

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

Leave a comment
faq Explore Our FAQs

Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.

DAO एक ब्लॉकचेन आधारित संगठन होता है, जहाँ फैसले गवर्नेंस टोकन होल्डर्स वोटिंग के जरिए लेते हैं और नियम स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में पहले से तय होते हैं।
पारंपरिक कंपनियाँ सेंट्रलाइज्ड होती हैं, जबकि DAO में कोई सेंट्रल बॉस नहीं होता और सभी बड़े फैसले कम्युनिटी वोटिंग से लिए जाते हैं।
कोई भी मेंबर प्रस्ताव रख सकता है, टोकन होल्डर्स वोट करते हैं और तय वोट मिलते ही स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट खुद फैसला लागू कर देता है।
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट DAO के नियम, फंड रिलीज और वोटिंग प्रोसेस को ऑटोमैटिक तरीके से लागू करते हैं।
Protocol DAO नेटवर्क के नियम और अपग्रेड तय करता है, जबकि Finance DAO लोन, उधार और स्टेबलकॉइन जैसी फाइनेंस सर्विस संभालता है।