जब आप किसी को ईमेल भेजते हैं, तो आप उनका उनका IP Address नहीं टाइप करते बल्कि उसकी यूजर ID जैसे: user@gmail.com टाइप करते हैं। ब्लॉकचेन और Web3 एडॉप्शन को बढ़ाने के लिए भी इसी प्रकार की सुविधा की मांग की गयी, जिसके आधार में था की Ethereum पर भी टोकन भेजना किसी e-mail को भेजने जितना ही आसान हो। इसका सॉल्यूशन Ethereum Name Service (ENS) के रूप में सामने आया है, इस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके क्रिप्टो वर्ल्ड को ज़्यादा सुलभ और यूज़र-फ्रेंडली बनाने का काम किया जा रहा है।
Ethereum Network पर हर यूज़र का वॉलेट एड्रेस एक लंबे और काम्प्लेक्स हेक्साडेसिमल स्ट्रिंग जैसा होता है, जैसे:
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ऐसे एड्रेस को याद रखना या किसी को टोकन भेजने के लिए उपयोग करते समय टाइपिंग मिस्टेक से बचना मुश्किल हो जाता है। Ethereum Name Service इसी कोम्प्लेक्सिटी को सोल्व करता है, यह इस एड्रेस को एक आसान नाम से बदल देता है जैसे: coingabbar.eth
अब कोई भी टोकन या एनएफटी भेजने के लिए काम्प्लेक्स हेक्साडेसिमल स्ट्रिंग की जगह यह सरल नाम टाइप कर सकता है, जैसे हम वेबसाइट के लिए DNS का प्रयोग करते हैं।
Ethereum Name Service एक डिसेंट्रलाइज़्ड नेमिंग सिस्टम है जो Ethereum Network पर डिप्लॉय हुआ है। इसका काम है, Ethereum एड्रेस को रीडेबल नामों से मैप करना।
यह दो प्रमुख हिस्सों से मिलकर बना है:
जब कोई ENS Name जैसे: coingabbar.eth को रिसॉल्व किया जाता है, नेटवर्क पहले रजिस्ट्री से रजिस्ट्रार को ढूंढता है, फिर रिसॉल्वर से असोसिएटेड डेटा निकालता है।
ENS डोमेन को आप ens.domains वेबसाइट या अन्य इंटरफेस के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस कुछ इस तरह से काम करती है:
रजिस्ट्रेशन के दौरान Ethereum Name Service सिस्टम डोमेन नेम को एक NFT के रूप में अलॉट करता है, जिसे ट्रांसफर भी किया जा सकता है।
ENS सिर्फ Ethereum एड्रेस से नहीं, बल्कि कई अन्य प्रकार की जानकारी से भी लिंक किया जा सकता है:
उदाहरण के लिए आप अपने coingabbar.eth नाम को इस तरह सेट कर सकते हैं कि यह Ethereum वॉलेट को रिप्रेजेंट करे, आपकी Web3 वेबसाइट को लिंक करे और X प्रोफाइल @coingabbarxyz से भी जुड़ा हो।
ENS सिस्टम पूरी तरह Smart Contract पर आधारित है, जो Ethereum Network पर डिप्लॉयड हैं। ENS Name भी एक प्रकार का ERC-721 NFT होता है, जिसके कारण यह ट्रान्सफरेबल होता है, इसका ट्रांज़ैक्शन किया जा सकता है और इसके साथ ही ब्लॉकचेन पर होने के कारण इसकी ओनरशिप को ट्रैक भी किया जाना संभव होता है।
इससे ENS ना सिर्फ एक टूल, बल्कि एक Web3 Identity Asset भी बन जाता है।
Ethereum Name Service, Web3 के एडॉप्शन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके द्वारा यूज़र के लिए डिजिटल आइडेंटिफिकेशन आसान हो जाता है, इसके साथ ही ENS नेम को हर Ethereum dApp में भी इन्टीग्रेट किया जा सकता है। ENS नेम एक Web3 Username की तरह काम करता है, जो Web3 के उपयोग को बहुत ही आसान बना सकता है।
आने वाले समय में ENS नेम आपके वॉलेट, सोशल प्रोफाइल, ऑन-चेन एक्टिविटी और एनएफटी गैलरी सबका गेटवे बन सकता है।
| आस्पेक्ट्स | ENS (Web3) | DNS (Web2) |
| Control | यूज़र के पास | Centralized Authorities (e.g., ICANN) |
| डेटा | ऑन-चेन | ऑफ-चेन |
| Ownership | स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट आधारित | सर्वर-रेजिस्ट्री आधारित |
| ट्रांसफर | NFT ट्रांसफर की तरह | रजिस्ट्रार के ज़रिए |
ENS में आइडेंटिटी की ओनरशिप वास्तव में आपके पास होती है, जो आपके वॉलेट से कनेक्ट रहती है। जबकि DNS में सिर्फ आइडेंटिटी का रजिस्ट्रेशन होता है, जिस पर हमेशा रिन्यूअल और थर्ड पार्टी डिपेंडेंसी बनी रहती है।
ENS का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी हैं:
संभावनाएँ:
लिमिटेशन:
ENS ब्लॉकचेन वर्ल्ड को आम यूज़र्स के लिए पढ़ने, पहचानने और इंटरैक्ट करने के लायक बनाता है। जैसे इंटरनेट के शुरुआती दौर में DNS ने वेबसाइट्स को आइडेंटिटी दिलाई थी, वैसे ही ENS Web3 में आपकी आइडेंटिटी का सेंटर बनता जा रहा है। Web3 की ओर बढ़ते हुए ENS एक ऐसा टूल है जो न सिर्फ टेक्निकल जरूरतें पूरी करता है, बल्कि डिजिटल Self-sovereign Identity को भी संभव बनाता है।
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