Updated Date: March 13, 2026
NFT (Non-Fungible Token) और डिजिटल एसेट्स की दुनिया पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। लेकिन जैसे-जैसे इस सेक्टर में निवेश के अवसर बढ़े हैं, वैसे-वैसे फर्जी प्रोजेक्ट्स और स्कैम प्लेटफार्म्स भी सामने आए हैं। हाल के समय में Treasure NFT नाम एक Scam Platform काफी चर्चा समय से चर्चा में है। जिसे West Bengal Police Ponzi Scheme बता चुकी है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है, Treasure NFT is Real or Scam? इस लेख में हम इस प्लेटफार्म की कार्यप्रणाली, टीम, रिव्यूज़, और संभावित जोखिमों को विस्तार से समझेंगे।
Treasure NFT एक डिजिटल प्लेटफार्म बताया जाता है, जो Non-Fungible Tokens की खरीद-फरोख्त और मैनेजमेंट की सुविधा देने का दावा करता है।
प्लेटफार्म के अनुसार, इसमें AI-based ट्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जो एनएफटी एसेट्स की कीमत और लिक्विडिटी को मैनेज करने में मदद करता है।
इसके प्रमुख फीचर्स के रूप में आमतौर पर निम्न बातें बताई जाती हैं:
Non Fungible Token खरीदने और बेचने का मार्केटप्लेस
AI आधारित ट्रेडिंग मॉडल
एनएफटी फ्रैक्शनलाइजेशन (एक Non-Fungible Tokens को छोटे हिस्सों में बांटना)
रिवॉर्ड और रेफरल सिस्टम
फ्रैक्शनलाइजेशन की वजह से छोटे निवेशक भी किसी महंगे एनएफटी में छोटा हिस्सा खरीद सकते हैं, जिससे एंट्री बैरियर कम हो जाता है।
इस प्लेटफार्म का दावा है कि यह एल्गोरिदमिक प्राइसिंग मॉडल पर काम करता है।
इस मॉडल का उद्देश्य एनएफटी मार्केट में एक आम समस्या को हल करना है - कम लिक्विडिटी। कई बार मांग कम होने पर उसे बेच पाना मुश्किल हो जाता है।
प्लेटफार्म का कहना है कि उसका एल्गोरिदम एनएफटी की कीमत और ट्रेडिंग गतिविधि को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके अलावा कुछ मामलों में प्लेटफार्म यूजर्स को ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर रिवॉर्ड देने का भी दावा करता है।
TreasureNFT में ट्रेडिंग करने वाले यूजर्स को उनके ट्रेडिंग अमाउंट के आधार पर कुछ प्रतिशत रिवॉर्ड मिलने की बात कही जाती है। साथ ही इसमें Referral Program भी शामिल बताया जाता है, जिसमें यूजर्स नए लोगों को प्लेटफार्म से जोड़कर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं।
हालांकि, क्रिप्टो इंडस्ट्री में कई बार अत्यधिक रिवॉर्ड या रेफरल आधारित कमाई मॉडल को लेकर विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि ऐसे मॉडल कुछ मामलों में Ponzi Scheme जैसे भी हो सकते हैं।
किसी भी क्रिप्टो या एनएफटी प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता का एक बड़ा आधार उसकी टीम की पारदर्शिता होती है।
इसके मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
Steven Alexander को प्लेटफार्म का CEO बताया जाता है
Bob Steven को CTO बताया गया है
लेकिन कई क्रिप्टो विश्लेषकों का कहना है कि इन व्यक्तियों की ऑनलाइन उपस्थिति और सत्यापन योग्य जानकारी सीमित है।
जब किसी प्रोजेक्ट की टीम, अनुभव और बैकग्राउंड के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध न हो, तो निवेशकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
“Treasure NFT” नाम के कारण इंटरनेट पर काफी भ्रम देखने को मिलता है।
असल में Treasure Market एक अलग और वैध एनएफटी मार्केटप्लेस है, जो ब्लॉकचेन गेमिंग से जुड़ा है।
यह प्लेटफार्म:
Treasure DAO Ecosystem का हिस्सा है
Arbitrum नेटवर्क पर चलता है
गेमिंग एनएफटी और डिजिटल एसेट्स की ट्रेडिंग पर फोकस करता है
इस वजह से कई बार लोग Treasure Market और संदिग्ध Treasure NFT प्लेटफार्म्स को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग हो सकते हैं।
किसी भी डिजिटल प्लेटफार्म की विश्वसनीयता समझने के लिए यूजर रिव्यू और कम्युनिटी फीडबैक महत्वपूर्ण होते हैं। TreasureNFT के मामले में कुछ प्लेटफार्म्स पर अच्छी रेटिंग दिखाई देती है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने इन रिव्यूज़ की ऑथेंटिसिटी पर सवाल भी उठाए हैं।
कुछ कम्युनिटी चर्चाओं में निम्न चिंताएं सामने आई हैं:
बहुत अधिक पॉजिटिव और एक जैसी भाषा वाले रिव्यू
वास्तविक यूजर अनुभव की कमी
सोशल मीडिया पर प्रमोशनल कंटेंट की अधिकता
हालांकि, किसी भी प्लेटफार्म के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले विभिन्न स्रोतों से जानकारी जांचना जरूरी होता है।
कुछ ऑनलाइन फोरम्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में यूजर्स ने निम्न समस्याओं का जिक्र किया है:
Withdrawal में देरी
अकाउंट फ्रीज होने की शिकायत
कस्टमर सपोर्ट से जवाब न मिलना
यह जरूरी नहीं कि हर यूजर को ऐसी समस्या हो, लेकिन ऐसे संकेत मिलने पर निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। इन शिकायतों के चलते Treasure NFT ने Nova NFT Platform पर डाटा ट्रान्सफर करके Withdrawal देने की बात कही है।
भारत में एनएफटी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को लेकर नियम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
हालांकि:
इन एसेट्स पर सीधा प्रतिबंध नहीं है
लेकिन ये पूरी तरह रेगुलेटेड भी नहीं हैं
टैक्स नियमों के अनुसार:
वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाले मुनाफे पर 30% टैक्स लागू है
कुछ ट्रांजेक्शन्स पर 1% TDS भी लागू हो सकता है
इसलिए किसी भी एनएफटी प्लेटफार्म पर निवेश करने से पहले टैक्स और कानूनी पहलुओं को समझना जरूरी है।
क्रिप्टो और एनएफटी सेक्टर में स्कैम से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण संकेतों पर ध्यान देना चाहिए:
1. गारंटीड या असामान्य रिटर्न का वादा: अगर कोई प्लेटफार्म रोजाना या महीने में बहुत ज्यादा निश्चित मुनाफे का दावा करता है, तो यह बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है।
2. टीम की जानकारी का अभाव: विश्वसनीय प्रोजेक्ट्स में टीम और डेवलपर्स के बारे में स्पष्ट जानकारी होती है।
3. अत्यधिक रेफरल आधारित कमाई: अगर प्लेटफार्म की कमाई का मुख्य आधार नए लोगों को जोड़ना है, तो यह पिरामिड स्कीम का संकेत हो सकता है।
4. विड्रॉल में समस्या: फंड निकालने में बार-बार देरी या ब्लॉकिंग भी जोखिम का संकेत हो सकता है।
उपलब्ध जानकारी और कम्युनिटी चर्चाओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि:
TreasureNFT से जुड़े कुछ दावे और मॉडल स्पष्ट नहीं हैं
टीम और ऑपरेशन के बारे में सीमित जानकारी उपलब्ध है
कुछ यूजर शिकायतें भी सामने आई हैं
इसलिए इसे हाई-रिस्क प्लेटफार्म माना जा सकता है, और किसी भी निवेश से पहले गहन रिसर्च करना जरूरी है।
Treasure NFT को लेकर इंटरनेट पर काफी मिश्रित जानकारी मौजूद है। कुछ लोग इसे एनएफटी ट्रेडिंग प्लेटफार्म बताते हैं, जबकि कई विशेषज्ञ इसकी पारदर्शिता और बिजनेस मॉडल पर सवाल उठाते हैं।
इसके अलावा, Treasure Market जैसे वैध एनएफटी मार्केटप्लेस से इसका नाम मिलता-जुलता होने के कारण भी भ्रम पैदा होता है।
इसलिए अगर आप Non-Fungible Tokens या किसी डिजिटल एसेट में निवेश करना चाहते हैं, तो हमेशा:
आधिकारिक स्रोतों से जानकारी जांचें
प्रोजेक्ट की टीम और टेक्नोलॉजी को समझें
अत्यधिक रिटर्न के दावों से सावधान रहें
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। एनएफटी और क्रिप्टो एसेट्स में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च अवश्य करें।
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