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DAI Stablecoin क्या है: crypto से बना डॉलर और उसकी बदली हुई हकीकत

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DAI Stablecoin क्या है: crypto से बना डॉलर और उसकी बदली हुई हकीकत
DAI Stablecoin क्या है: crypto से बना डॉलर और उसकी बदली हुई हकीकत

DAI Stablecoin क्या है: crypto से बना डॉलर और उसकी बदली हुई हकीकत

DAI stablecoin भी लगभग $1 पर रहने के लिए बना है, लेकिन इसका तरीका USDT जैसे stablecoins से बुनियादी रूप से अलग है।

USDT के पीछे एक कंपनी है जो बैंक में डॉलर रखने का दावा करती है। DAI के पीछे कोई कंपनी नहीं — smart contracts और गिरवी रखी crypto संपत्ति है।

यह अंतर आकर्षक है, पर तस्वीर उ???नी सरल नहीं जितनी बताई जाती है। यह लेख दोनों हिस्से देता है।

DAI बनता कैसे है

यह हिस्सा उल्टा लगता है, इसलिए ध्यान से।

DAI किसी कंपनी द्वारा जारी नहीं किया जाता। इसे उपयोगकर्ता खुद बनाते हैं, कर्ज़ लेकर।

  1. आप एक vault में crypto संपत्ति गिरवी रखते हैं
  2. उसके बदले आप DAI बना (mint) सकते हैं
  3. गिरवी हमेशा बनाए गए DAI से अधिक मूल्य की होनी चाहिए
  4. DAI लौटाने और शुल्क चुकाने पर आपकी गिरवी वापस मिल जाती है, और वह DAI नष्ट हो जाता है

यानी हर DAI किसी न किसी के लिए गया कर्ज़ है, जिसके पीछे उससे अधिक मूल्य की संपत्ति पड़ी है।

कीमत $1 पर टिकी कैसे रहती है

कोई कंपनी इसकी गारंटी नहीं देती। कीमत तीन तरीकों से संभलती है:

  • Over-collateralisation — हर DAI के पीछे अधिक मूल्य की संपत्ति
  • शुल्क की दर — DAI बनाने का शुल्क घटा-बढ़ाकर आपूर्ति नियंत्रित होती है
  • Liquidation — गिरवी की कीमत गिरने पर वह अपने आप बिक जाती है

Liquidation का ढांचा वैसा ही है जैसा Aave में — बिना नोटिस, बिना ग्रेस पीरियड, और जुर्माने के साथ।

अब वह हिस्सा जो कम बताया जाता है

DAI को अक्सर "विकेंद्रीकृत stablecoin" कहा जाता है। यह विवरण समय के साथ कम सटीक होता गया है, और यह ईमानदारी से कहना ज़रूरी है।

शुरुआत में गिरवी सिर्फ crypto संपत्ति थी। बाद में स्थिरता बढ़ाने के लिए गिरवी में केंद्रीकृत stablecoins और असली दुनिया की संपत्तियां भी जोड़ी गईं।

इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि DAI का एक हिस्सा अब उन्हीं केंद्रीकृत संपत्तियों पर निर्भर है जिनसे बचना उसका मूल उद्देश्य था। अगर कोई केंद्रीकृत जारीकर्ता किसी पते को फ्रीज़ कर दे, तो उसका असर DAI के भंडार तक पहुंच सकता है।

यह कोई घोटाला नहीं है — यह एक जानबूझकर लिया गया समझौता है, स्थिरता के पक्ष में। लेकिन "पूरी तरह विकेंद्रीकृत" मानकर इसे रखना अब सटीक नहीं होगा।

तीनों की तुलना

पहलूUSDT जैसेDAI
पीछे क्या हैकंपनी का भंडारगिरवी रखी संपत्ति
कौन जारी करता हैकंपनीउपयोगकर्ता, contract के ज़रिए
पारदर्शितासमय-समय पर attestationगिरवी ब्लॉकचेन पर देखी जा सकती है
पता फ्रीज़जारीकर्ता कर सकता हैसीधे नहीं, पर गिरवी के ज़रिए अप्रत्यक्ष असर
मुख्य जोखिमजारीकर्ता पर निर्भरतागिरवी की कीमत में तेज़ गिरावट

असली जोखिम

  • तेज़ बाज़ार गिरावट — अगर गिरवी की कीमत इतनी तेज़ी से गिरे कि liquidation समय पर न हो सके
  • Smart contract — पूरी व्यवस्था कोड पर टिकी है
  • गिरवी में केंद्रीकृत संपत्ति — ऊपर बताया गया समझौता
  • Depeg — DAI भी अतीत में कुछ समय के लिए $1 से हटा है

भारत में DAI भी VDA माना जाएगा — 30% कर और 1% TDS। यह मानना गलत होगा कि stablecoin में रखने से कर नहीं लगता।

Glossary

  • Vault: वह smart contract जिसमें गिरवी रखकर DAI बनाया जाता है।
  • Mint: नया टोकन बनाना।
  • Stability Fee: DAI बनाने पर लगने वाला शुल्क।
  • Depeg: कीमत का $1 से हट जाना।
  • Collateral: गिरवी रखी गई संपत्ति।

संबंधित guides — what-is-dai

आगे की पढ़ाई: ठगी-रोकथाम guidecrypto-tax hubrecords-guide

Disclaimer

यह लेख सिर्फ जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं। Cryptocurrency की कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव होता है और पूंजी डूबने का जोखिम रहता है। भारत में Virtual Digital Assets से हुए मुनाफे पर 30% कर और लेन-देन पर 1% TDS लागू है। किसी भी project में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च (DYOR) करें और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से बात करें।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

यह एक ऐसा stablecoin है जो लगभग $1 पर रहने के लिए बना है, पर इसके पीछे कोई कंपनी नहीं बल्कि smart contracts और गिरवी रखी crypto संपत्ति है।

इसे उपयोगकर्ता खुद बनाते हैं। एक vault में crypto संपत्ति गिरवी रखकर उसके बदले DAI mint किया जाता है, और गिरवी हमेशा बनाए गए DAI से अधिक मूल्य की होनी चाहिए।

DAI लौटाने और शुल्क चुकाने पर आपकी गिरवी वापस मिल जाती है और वह DAI नष्ट हो जाता है।

तीन तरीकों से — हर DAI के पीछे अधिक मूल्य की गिरवी, DAI बनाने के शुल्क को घटा-बढ़ाकर आपूर्ति नियंत्रित करना, और गिरवी की कीमत गिरने पर अपने आप liquidation।

यह विवरण समय के साथ कम सटीक हुआ है। शुरुआत में गिरवी सिर्फ crypto थी, पर बाद में स्थिरता के लिए केंद्रीकृत stablecoins और असली दुनिया की संपत्तियां भी जोड़ी गईं।

DAI का एक हिस्सा अब उन्हीं केंद्रीकृत संपत्तियों पर निर्भर है जिनसे बचना उसका मूल उद्देश्य था। किसी केंद्रीकृत जारीकर्ता की कार्रवाई का असर DAI के भंडार तक पहुंच सकता है।

USDT एक कंपनी जारी करती है और उसका भंडार बैंक में होने का दावा है। DAI उपयोगकर्ता contract के ज़रिए बनाते हैं और उसकी गिरवी ब्लॉकचेन पर देखी जा सकती है।

सीधे नहीं, क्योंकि इसका कोई केंद्रीय जारीकर्ता नहीं। लेकिन गिरवी में शामिल केंद्रीकृत संपत्तियों के ज़रिए अप्रत्यक्ष असर संभव है।

तेज़ बाज़ार गिरावट, जिसमें गिरवी की कीमत इतनी तेज़ी से गिरे कि liquidation समय पर न हो सके। साथ में smart contract जोखिम और गिरवी में केंद्रीकृत संपत्ति का समझौता।

यह गलत धारणा है। भारत में DAI भी Virtual Digital Asset माना जाएगा, इसलिए 30% कर और 1% TDS का ढांचा लागू होता है।