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आज क्रिप्टो मार्केट क्यों गिर रहा है? Bitcoin गिरने की बड़ी वजहें

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आज Crypto Market क्यों गिरा? ये हैं 5 बड़े कारण
आज Crypto Market क्यों गिरा? ये हैं 5 बड़े कारण



आज क्रिप्टो मार्केट क्यों गिर रहा है? Inflation, Oil Prices और Liquidation का दबाव

सुबह पोर्टफोलियो खोलते ही अगर ज्यादातर क्रिप्टो एसेट्स लाल रंग में दिखाई दे रहे हैं और आपके मन में सवाल है कि why crypto market down today, तो इसकी वजह किसी एक खबर में नहीं छिपी है। इस समय Crypto Market पर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों, बढ़ती Oil Prices, ETF से निकलते पैसे और बड़े पैमाने पर हुई Liquidation का एक साथ दबाव है। ऐसे माहौल में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और छोटी अवधि में बिकवाली बढ़ी है।

आज Crypto Market में गिरावट की वजह क्या है?

CoinGecko के अनुसार, Global Crypto Market Cap करीब $2.72 Trillion पर है और पिछले 24 घंटों में इसमें लगभग 1.6% की गिरावट आई है। Daily Trading Volume करीब $87.9 Billion रहा, जबकि Bitcoin की Market Dominance लगभग 57% और Ethereum की करीब 11.1% रही।

जब लगभग पूरे बाजार में एक साथ कमजोरी दिखाई देती है, तो यह संकेत मिलता है कि दबाव केवल किसी एक Coin या Project तक सीमित नहीं है। आज के crypto market down reason में सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और बढ़ती Risk Aversion का है।

यहीं से सवाल उठता है कि इस गिरावट का असर सबसे ज्यादा किन Coins पर पड़ा है।

आज सबसे ज्यादा नुकसान किन Coins को हुआ?

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CoinGecko के आंकड़ों के अनुसार, आज कुछ छोटे और कम Liquidity वाले Tokens में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इनमें Hunter Biden's Laptop यानी LAPTOP करीब 42.4%, 4Stock करीब 24.2% और GreenHood करीब 11.8% नीचे रहे।

ऐसे छोटे Tokens में Trading Volume कम होने के कारण थोड़ी बड़ी Selling भी Price को तेजी से नीचे ले जा सकती है। इसलिए इनकी गिरावट को सीधे Bitcoin या पूरे Crypto Market की दिशा का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

अभी Crypto ETFs में क्या हो रहा है?

crypto etf current situtation

10 सितंबर को Bitcoin और Ethereum से जुड़े Spot ETFs में Capital Outflow देखा गया। Bitcoin ETFs से करीब $282.56 Million और Ethereum ETFs से करीब $29.76 Million बाहर निकले। Solana ETFs में भी हल्का Outflow रहा, जबकि XRP ETFs में करीब $5.14 Million का Inflow आया।

ETF से लगातार पैसा निकलने पर बाजार में Institutional Demand को लेकर चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि बड़े निवेशकों की खरीदारी कमजोर होने पर पहले से दबाव में चल रहे बाजार में अतिरिक्त Selling आ सकती है।

आज Crypto Liquidations कितनी बड़ी रहीं?

CoinGlass के अनुसार, पिछले 24 घंटों में करीब 94,103 Traders की Positions Liquidate हुईं और कुल Liquidation Value लगभग $450.28 Million रही। इसमें Long Positions की Liquidation करीब $353.24 Million थी, जबकि Short Positions में लगभग $97.04 Million की Liquidation हुई।

इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में Traders ने बाजार में तेजी की उम्मीद में Positions ली थीं, लेकिन Price नीचे आने के बाद उनकी Positions जबरन बंद हो गईं। ऐसी Liquidation आगे की Selling को भी बढ़ा सकती है।

आज Crypto Market क्यों गिर रहा है? प्रमुख खबरें

US PPI Data ने Crypto को इतना प्रभावित क्यों किया?

US Bureau of Labor Statistics के अनुसार, अगस्त में Producer Price Index यानी PPI में 0.4% की बढ़ोतरी हुई। पिछले 12 महीनों में Final Demand Prices 5.4% बढ़ीं और Goods Prices में 1.1% की तेजी रही।

महंगाई से जुड़े ये आंकड़े बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अगर Inflation लंबे समय तक ऊंचा रहता है तो Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती को लेकर ज्यादा सावधानी बरत सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर Bitcoin और दूसरे Risk Assets के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनातीं।


बढ़ती Oil Prices ने दबाव क्यों बढ़ाया?producer price index summary

Oil Prices में तेज उछाल ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। महंगा Oil Transport, Production और दूसरे खर्चों को बढ़ा सकता है, जिससे आगे Inflation का दबाव बढ़ने की आशंका पैदा होती है।

यही कारण है कि Inflation Data के साथ Oil Prices पर भी Crypto Traders की नजर बनी हुई है। अगर दोनों संकेत लंबे समय तक ऊंचे रहते हैं, तो Risk Assets पर दबाव बना रह सकता है।

$3 Billion Options Expiry का क्या असर है?

Bitcoin और Ethereum के करीब $3 Billion के Options Expire होने की खबर भी बाजार में चर्चा में है। ऐसे समय में बड़े Traders अपनी Positions को Adjust कर सकते हैं, जिससे छोटी अवधि में Price Volatility बढ़ सकती है।

हालांकि Options Expiry को आज की गिरावट की अकेली वजह मानना सही नहीं होगा। यह पहले से कमजोर बाजार में Volatility बढ़ाने वाला एक अतिरिक्त Factor है।

CLARITY Act का Crypto Market पर क्या असर हो सकता है?

अमेरिका में CLARITY Act के तहत Crypto और DeFi से जुड़े Rules में बदलाव को लेकर भी बाजार की नजर बनी हुई है। Non-Decentralized DeFi Protocols के लिए Registration और Regulatory Requirements जैसी बातें Industry के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Regulatory बदलाव अपने आप में बाजार गिरने का सीधा कारण नहीं हैं, लेकिन जब Market पहले से Inflation और Liquidity की चिंता से जूझ रहा हो, तब Regulatory Uncertainty निवेशकों को ज्यादा सावधान कर सकती है।

आज Crypto Market के लिए आगे क्या है?

अब बाजार की अगली बड़ी नजर US CPI Data पर है। अगर CPI अनुमान से ज्यादा आता है, तो Inflation को लेकर चिंता बढ़ सकती है और Crypto Market में दबाव फिर तेज हो सकता है। इसके विपरीत, उम्मीद से कमजोर CPI बाजार को राहत दे सकता है और Bitcoin समेत Risk Assets में तेजी लौट सकती है।

इसके बाद 16 सितंबर को होने वाली Federal Reserve की Meeting भी महत्वपूर्ण रहेगी। ब्याज दरों और आगे की Monetary Policy को लेकर मिलने वाले संकेत यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि मौजूदा कमजोरी अस्थायी है या बाजार में लंबे समय तक दबाव बना रह सकता है।

Final Remark

इसलिए why crypto market down today का जवाब केवल Bitcoin की बिकवाली में नहीं है। मौजूदा कमजोरी के पीछे US Inflation Data, बढ़ती Oil Prices, ETF से Capital Outflow, भारी Liquidation और Federal Reserve की Rate Policy को लेकर बनी अनिश्चितता एक साथ काम कर रही है।

आने वाले दिनों में CPI Data, ETF Flows, Oil Prices, Bond Yields और Federal Reserve के संकेत Crypto Market की अगली दिशा के लिए सबसे महत्वपूर्ण Factors रहेंगे। ऐसे माहौल में केवल एक दिन की गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय पूरे Market Context को समझना ज्यादा जरूरी है।

 सूचना: 

यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। इसे Investment, Financial या Trading Advice नहीं माना जाना चाहिए। Cryptocurrency में Price Volatility बहुत अधिक हो सकती है और निवेशित पूंजी के नुकसान का जोखिम बना रहता है। किसी भी Investment Decision से पहले स्वयं Research करें और जरूरत होने पर योग्य Financial Advisor की सलाह लें।



लेखक परिचय
Bharat Batwal Hindi News Writer

Bharat Batwal एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

आज Crypto Market में गिरावट के पीछे कई factors एक साथ काम कर रहे हैं, जिनमें US inflation data, बढ़ती oil prices, crypto ETF outflows और बड़े पैमाने पर liquidations शामिल हैं। इन परिस्थितियों ने investors की risk appetite को कमजोर किया है और short-term selling pressure बढ़ाया है।

मौजूदा गिरावट किसी एक खबर की वजह से नहीं है। US PPI से जुड़े inflation concerns, oil prices में तेजी, Bitcoin और Ethereum ETFs से capital outflow, भारी long liquidations और Federal Reserve की interest-rate policy को लेकर uncertainty मिलकर crypto market पर दबाव बना रहे हैं।

Bitcoin और दूसरे cryptocurrencies पर macroeconomic uncertainty का दबाव है। अगर inflation लंबे समय तक ऊंचा रहता है, तो Federal Reserve interest-rate cuts को लेकर सावधानी बरत सकता है, जिससे Bitcoin जैसे risk assets में निवेश की मांग कमजोर हो सकती है।

अगस्त में US Producer Price Index यानी PPI में 0.4% की बढ़ोतरी हुई और पिछले 12 महीनों में final demand prices 5.4% बढ़ीं। मजबूत inflation संकेतों से यह चिंता बढ़ सकती है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती को लेकर ज्यादा सतर्क रहेगा, जो crypto जैसे risk assets के लिए दबाव वाला माहौल बना सकता है।

Oil prices बढ़ने से transportation, production और अन्य business costs बढ़ सकते हैं, जिससे भविष्य में inflation का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। अगर oil और inflation दोनों ऊंचे बने रहते हैं, तो interest-rate cuts की उम्मीद कमजोर हो सकती है और crypto समेत दूसरे risk assets पर दबाव बढ़ सकता है।

10 सितंबर को Bitcoin और Ethereum spot ETFs में capital outflow दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Bitcoin ETFs से लगभग $282.56 million और Ethereum ETFs से करीब $29.76 million बाहर निकले, जबकि XRP ETFs में लगभग $5.14 million का inflow देखा गया। ETF outflows institutional demand में कमजोरी का संकेत दे सकते हैं।

CoinGlass के अनुसार पिछले 24 घंटों में लगभग 94,103 traders की positions liquidate हुईं और कुल liquidation value करीब $450.28 million रही। इनमें लगभग $353.24 million long positions की liquidation थी, जबकि short positions में करीब $97.04 million की liquidation हुई।

जब leveraged traders की long positions का price गिरने के कारण forced liquidation होता है, तो positions automatically close की जाती हैं। इससे अतिरिक्त selling pressure पैदा हो सकता है और तेज गिरावट के दौरान दूसरी leveraged positions भी liquidate होने लगती हैं, जिससे market decline और बढ़ सकता है।

उपलब्ध CoinGecko आंकड़ों के अनुसार कुछ छोटे और कम-liquidity वाले tokens में बड़ी गिरावट देखी गई, जिनमें Hunter Biden's Laptop यानी LAPTOP करीब 42.4%, 4Stock करीब 24.2% और GreenHood करीब 11.8% नीचे रहे। ऐसे low-liquidity tokens में छोटी मात्रा की बड़ी selling भी price को तेजी से प्रभावित कर सकती है।

Bitcoin और Ethereum के करीब $3 billion के options expire होने से short-term volatility बढ़ सकती है, क्योंकि बड़े traders अपनी positions adjust कर सकते हैं। हालांकि options expiry को आज की गिरावट की अकेली वजह मानना उचित नहीं है; यह पहले से कमजोर market में volatility बढ़ाने वाला एक अतिरिक्त factor है।

CLARITY Act के तहत crypto और DeFi regulation में संभावित बदलाव industry के लिए महत्वपूर्ण हैं। Non-decentralized DeFi protocols के लिए registration और regulatory requirements जैसी बातें uncertainty बढ़ा सकती हैं, हालांकि इसे मौजूदा market decline का अकेला या सीधा कारण नहीं माना जा सकता।

Crypto Market की अगली दिशा US CPI, ETF flows, oil prices, bond yields और Federal Reserve की monetary policy पर काफी निर्भर कर सकती है। अगर inflation उम्मीद से ज्यादा रहता है और rate cuts की उम्मीद कमजोर होती है, तो दबाव जारी रह सकता है; इसके विपरीत कमजोर inflation data market को राहत दे सकता है।

US CPI inflation की स्थिति का एक प्रमुख संकेतक है और इससे Federal Reserve की interest-rate policy की उम्मीदें प्रभावित होती हैं। अगर CPI अनुमान से ज्यादा आता है, तो higher-for-longer interest rates की चिंता बढ़ सकती है; कमजोर CPI risk assets और crypto के लिए सकारात्मक हो सकता है।

Federal Reserve की interest-rate और monetary-policy guidance Bitcoin तथा अन्य risk assets की दिशा को प्रभावित कर सकती है। Rate cuts की उम्मीद बढ़ने पर liquidity और risk appetite में सुधार हो सकता है, जबकि hawkish संकेत crypto market पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।

Investors को केवल Bitcoin की daily price movement देखने के बजाय US CPI और PPI, Federal Reserve के संकेत, ETF inflows और outflows, oil prices, bond yields तथा crypto liquidations पर नजर रखनी चाहिए। इन factors का संयुक्त trend market की short-term direction समझने में ज्यादा उपयोगी हो सकता है।