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'सबसे बड़ी गिरावट' के दावे: मापन-विधि ही सब कुछ है

Hindi News Writer
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'सबसे बड़ी गिरावट' के दावे: मापन-विधि ही सब कुछ है
'सबसे बड़ी गिरावट' के दावे: मापन-विधि ही सब कुछ है

FUD और $2 Billion का Liquidation बड़ा Crypto Market Crash का कारण 

आज 6 February को एक बार फिर Crypto Market Crash देखने को मिला है। इस बड़ी गिरावट के बाद Crypto Market Cap घटकर $2.22 Trillion रह गया, जो November 2024 के बाद का न्यूनतम स्तर है। 

इस बीच Bitcoin Price $65,000 के लेवल तक गिर गया, जो पिछले एक साल में सबसे कम है। Fear and Greed Index भी गिरकर 5 पर आ गया है, यह भी अब तक की सबसे कम रीडिंग है। इस कंडीशन को बहुत से आलोचक Crypto Bubble Burst भी कह रहे हैं। 


VanEck ने अपनी रिपोर्ट में Bitcoin Price Prediction 2050 जारी किया है, पढने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए।


Source:CMC


आज Crypto Market क्यों गिर रहा है 

आज क्रिप्टो मार्केट में गिरावट के 3 बड़े कारण 10/10 Flash Crash में Binance की भूमिका पर संदेह, Epstein Files पब्लिक होने के बाद Bitcoin Founder को लेकर उठ रहे सवालों से फैली Fear, Uncertainty, Doubt की स्थिति और लगातार बिकवाली की स्थिति से हुए $2 Billion से ज्यादा के Long Liquidation माने जा रहे हैं। 


  • 10/10/2025 Flash Crypto Market Crash में Binance की भूमिका पर सवाल: 10/10/2025 को 24 घंटे में $19 Billion से ज्यादा की Long Position Liquidate हो गयी और Bitcoin Price $1,20,000 के लेवल से गिरकर $1,05,000 के आसपास आ गया। यह इतिहास का सबसे बड़ा लिक्विडेशन इवेंट था। 

Binance ने अपनी रिपोर्ट में Donald Trump द्वारा China पर 100% Tariff लगाने के कारण बने Macro Negative Sentiments को इसका कारण बताया। जबकि OKX CEO Star Xu का मानना है कि Binance की USDe Stablecoin के लिए की गयी Aggressive Marketing इस Liquidation Event का कारण थी। इससे मार्केट में FUD बहुत बढ़ गया है। जो इन्वेस्टर सेंटिमेंट को नेगेटिव कर रहा है। 


Source: X Post


  • Epstein Files Release के बाद Bitcoin Founder पर उठे सवाल: Bitcoin Founder Satoshi Nakamoto की पहचान रहस्य बनी हुई है। लेकिन Epstein की इसकी शुरूआती रिसर्च में फंडिंग की जानकारी सामने आने के बाद से मार्केट में Bitcoin Founder से जुडी कई अफवाहें फ़ैल रही है। इन अफवाहों ने निवेशों के बीच Extreme Fear की स्थिति पैदा की है, जिसके कारण Fear and Greed Index अब तक के सबसे निचले स्तर 5 पर पहुँच गया। 


  • $2 Billion की Long Position Liquidation: इस डर की स्थिति के कारण लगभग सभी क्रिप्टोकरेंसी के मार्केट से Capital Outflow की स्थिति पैदा की। इससे पिछले 24 घंटे में $2 Billion से ज्यादा की Long Position Liquidate हो गयी। 


Source: Coinglass


कन्क्लूज़न

आज Crypto Market Crash के कारणों को एक Chain Reaction की तरह समझा जा सकता है। मार्केट में पहले से ही 10/10 Flash Crash के बाद से प्रेशर बना हुआ था। पिछले दिनों इससे जुडी जानकारियों के सामने आने के से बने डर के माहौल ने बिकवाली के नए दौर की शुरुआत की। $2 Billion से ज्यादा के Long Position Liquidation ने इसकी इंटेंसिटी को और ज्यादा बढ़ा दिया।

हालांकि Bitcoin का इतिहास देखें तो इसने क्रैश के बाद हमेशा मजबूत वापसी की है, क्या इस बार भी ऐसा होगा यह देखने वाली बात होगी।


Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की Financial Advice नहीं है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।  

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

क्योंकि हर ऐसा दावा किसी मापन-विकल्प पर टिका होता है — asset, माप, समय-खिड़की — और एक भी बदलते ही उत्तर बदल सकता है।

प्रतिशत बनाम निरपेक्ष, समय-खिड़की, asset का चुनाव, और peak-to-trough बनाम close-to-close।

क्योंकि बाजार बड़ा होने से डॉलर-आंकड़े स्वाभाविक रूप से बड़े होते जाते हैं — '$300 अरब का सफाया' हर बार नया रिकॉर्ड बन सकता है जबकि प्रतिशत में वह सामान्य दिन हो।

क्योंकि '24 घंटे' का शुरुआत-बिंदु platforms पर अलग होता है, और candle की सीमा बदलने से आंकड़ा बदल जाता है।

किस asset का, किस माप में, और किस खिड़की में।

नहीं — दस्तावेजी इतिहास में इस बाजार ने कई बार शिखर से 70-80% तक की गिरावट देखी है; बड़ी गिरावटें यहां अपवाद नहीं, विशेषता हैं।

यह कोई नियम नहीं — वह अवलोकन केवल उन assets पर लागू होता है जो बचे रहे, और यही survivorship bias है।

आधार-रेखा जांचना (व्यापकता), यांत्रिकी देखना (liquidations, funding), और 'आगे क्या' वाले हिस्से से बचना।

प्रायः leverage से — liquidation-चक्र से, न कि किसी बुनियादी बदलाव से।

क्योंकि पिछले चक्रों की अवधि और परिस्थितियां बहुत भिन्न रही हैं — कोई विश्वसनीय अनुमान संभव नहीं।

क्योंकि spread चौड़े, order-book पतली और भावना चरम पर होती है।

बड़ी वैश्विक चालें प्रायः भारतीय रात में होती हैं, इसलिए सबसे तीव्र क्षण बीत चुका होता है और सुबह की कार्रवाई सबसे खराब भाव पर बैठती है।

क्योंकि भारतीय ढांचे में हानि का set-off नहीं मिलता, और वापस खरीदने पर spread की लागत भी लगती है।

डॉलर की चाल के कारण INR में गिरावट का प्रतिशत अलग बैठ सकता है।

यह समझना कि मौजूदा चाल किस श्रेणी की है और अपेक्षाओं को यथार्थ में रखना — बशर्ते वे methodology के साथ आएं।