World Liberty Financial Apply for National Trust Bank in OCC

World Liberty Financial का OCC में National Trust Bank के लिए आवेदन

World Liberty Financial ने बैंक लाइसेंस के लिए OCC में किया आवेदन

World Liberty Financial से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। US President Donald Trump के परिवार से जुड़ी Crypto Company World Liberty Financial (WLFI) ने US में बैंकिंग लाइसेंस के लिए OCC में आवेदन किया है। 

World Liberty Financial News

Source-  WLFI X Post


WLFI ने Office of the Comptroller of the Currency (OCC) के पास एक National Trust Bank चार्टर के लिए अप्लाई किया है। अगर यह मंजूरी मिलती है, तो यह अपनी Stablecoin USD1 से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह रेगुलेटेड सिस्टम के तहत ला सकेगी।


World Liberty Financial को बैंक चार्टर मिलने से क्या होगा बदलाव?

World Liberty Financial ने अपनी सब्सिडियरी WLTC Holdings LLC के जरिए एक नया Trust Bank बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसका नाम होगा World Liberty Trust Company (WLTC)।

अगर OCC इस आवेदन को मंजूरी देता है, तो यह ट्रस्ट बैंक


  • USD1 Stablecoin को जारी और रिडीम कर सकेगा।

  • USD1 की कस्टडी (सुरक्षा) सेवाएं देगा।

  • डॉलर और USD1 के बीच कन्वर्जन की सुविधा देगा।

  • नेशनल पेमेंट नेटवर्क तक सीधी पहुंच पाएगा।


हालांकि, यह एक National Trust Bank होगा, न कि फुल कमर्शियल बैंक। यानी यह न तो लोन देगा और न ही यूजर्स के डिपॉजिट एक्सेप्ट करेगा।


WLFI Co-founder Zach Witkoff का बयान, Ecosystem होगा मजबूत

World Liberty Financial Co-founder Zach Witkoff ने कहा कि यह आवेदन कंपनी के इकोसिस्टम का अगला बड़ा कदम है। उनके अनुसार, USD1 का इस्तेमाल पहले से ही क्रॉस बॉर्डर पेमेंट, सेटलमेंट और ट्रेजरी ऑपरेशंस में किया जा रहा है।


Zach Witkoff का कहना है कि इसके National Trust Bank बनने से यह Issuance, Custody और Conversion जैसी सभी सेवाओं को एक ही रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर ला सकेगी।


WLFI ने बताया, GENIUS Act के नियमों पर काम करेगा Trust Bank

WLFI ने साफ किया है कि उसका प्रस्तावित ट्रस्ट बैंक अमेरिका के नए GENIUS Act के तहत काम करेगा। यह कानून US का पहला बड़ा Stablecoin Regulation Framework माना जाता है। कंपनी के मुताबिक के अनुसार


  • AML (Anti Money Laundering) नियमों का सख्ती से पालन होगा।

  • साइबर सिक्योरिटी और सैंक्शन स्क्रीनिंग लागू होगी।

  • कस्टमर फंड्स को अलग रखा जाएगा।

  • रेगुलर ऑडिट और जांच होगी।


Crypto Company के लिए बैंकिंग सिस्टम खोल रहा OCC

WLFI अकेली नहीं है जो ट्रस्ट बैंक लाइसेंस चाहती है। December 2025 में OCC ने Circle, Ripple, BitGo, Fidelity Digital Assets और Paxos जैसी Top Crypto Company को कंडीशनल मंजूरी दी थी।


OCC Comptroller Jonathan V. Gould ने कहा है कि नए डिजिटल एसेट प्लेयर्स का बैंकिंग सिस्टम में आना इनोवेशन और कॉम्पिटिशन के लिए अच्छा है।


US Traditional Banks का विरोध, Two Tier Banking की दी चेतावनी

जहां Crypto Industry इस कदम का स्वागत कर रही है, वहीं ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम इससे खुश नजर नहीं आ रहे हैं।

American Bankers Association और Independent Community Bankers of America का कहना है कि इससे अमेरिका में एक Two Tier Banking System बन सकता है।


उनका आरोप है कि क्रिप्टो कंपनियां नेशनल चार्टर का फायदा तो लेती हैं, लेकिन उन्हें वही नियम नहीं मानने पड़ते जो FDIC-insured बैंकों पर लागू होते हैं।


क्या है World Liberty Financial? जानिए

यह एक DeFi (Decentralized Finance) प्रोजेक्ट है, जिसे September 2024 में लॉन्च किया गया था। यह कंपनी डॉलर से जुड़ी Stablecoin USD1 को जारी करती है और सुरक्षित, रेगुलेटेड डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सेवाएं देने पर फोकस करती है।

World Liberty Financial

Source-  Official Website


इसका नेटिव टोकन WLFI है। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट, क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन और स्टेबलकॉइन से जुड़ी सेवाओं को सुरक्षित और रेगुलेटेड बनाना है।


WLFI Price Prediction को जानने के लिए दी गई लिंक पर क्लिक करें।


कन्क्लूजन

अगर World Liberty Financial को बैंक चार्टर मिल जाता है, तो यह अमेरिका में Stablecoin इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़ होगा।

इससे यह साफ संकेत जाएगा कि अमेरिका अब क्रिप्टो को पूरी तरह बाहर रखने के बजाय रेगुलेटेड सिस्टम में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


Institutional Investors, Bank और कॉरपोरेट्स के लिए यह भरोसे का संकेत हो सकता है, वहीं यूजर्स के लिए सुरक्षा और ट्रांसपेरेंसी बढ़ सकती है।


डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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Crypto Regulation को लेकर Parliamentary Standing Committee on Finance की बैठक 7 और 8 January 2026 को हुई थी।
इस बैठक में FIU-IND (Financial Intelligence Unit-India) और Central Board of Direct Taxes (CBDT) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का उद्देश्य Virtual Digital Assets (VDAs) का अध्ययन करना और भारत में Crypto Regulation को लेकर आगे का रास्ता तय करना था।
CBDT ने बताया कि अब तक Cryptocurrency से जुड़े मामलों में ₹888 करोड़ से ज्यादा की अघोषित आय की पहचान की जा चुकी है।
FIU-IND Money Laundering रोकने के लिए Crypto Exchanges और VDA Service Providers पर नजर रखता है और उन्हें PMLA के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी करता है।