SEBI Crypto Regulations

SEBI Crypto Regulations: भारत में नया क्रिप्टो नियम लागू

SEBI Crypto Regulations: 1April से भारत में क्रिप्टो पर सख्त नियम लागू

1 april 2026 भारतीय क्रिप्टो मार्केट के लिए बड़ा बदलाव लेकर आया है। वित्त मंत्रालय ने OECD के Crypto-Asset Reporting Framework (CARF) के अनुरूप Section 509 के तहत New Reporting Requirements लागू कर दी है, जिससे डिजिटल एसेट्स लेनदेन पर निगरानी पहले से कहीं अधिक सख्त हो जाएगी। इस कदम के साथ ही SEBI और RBI के बीच क्रिप्टो के लिए एक Comprehensive Regulatory Framework तैयार करने पर गहन चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में यह ढांचा Indian Crypto Market की दिशा और स्ट्रक्चर दोनों को बदल सकता है।

नया रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क केवल भारत में काम कर रहे एक्सचेंजों तक सीमित नहीं है। अब Foreign Platform पर ट्रेड करने वाले भारतीय इन्वेस्टर्स भी इसके दायरे में आएंगे, जिससे ग्लोबल क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर भी भारतीय एजेंसियों की नजर रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम  ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने, टैक्स कंप्लायंस सिक्योर करने और क्रिप्टो सेक्टर में बढ़ते रिस्क को नियंत्रित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Section 509: क्या है यह नया प्रावधान

Income-tax Act, 2025 में जोड़ा गया Section 509 उन सभी Prescribed Reporting Entities को कवर करता है, जो क्रिप्टो एक्सचेंज से जुड़े हैं। इसमें शामिल हैं:

  • भारतीय FIU-IND Registered क्रिप्टो एक्सचेंज (CoinDCX, WazirX, ZebPay आदि)
  • क्रिप्टो कस्टोडियन और वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर।
  • ब्रोकर-डीलर प्लेटफॉर्म जो VDA सेवाएँ देते हैं।
  • ऑफशोर एक्सचेंज जो भारतीय यूज़र्स को सेवाएँ देते हैं।

इन सभी को हर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की Structured रिपोर्ट CBDT को देनी होगी, जो सीधे इन्वेस्टर्स की Annual Information Statement (AIS) में दिखाई देगी।

SEBI Crypto Regulations: क्रिप्टो सेक्टर में किसकी क्या होगी जिम्मेदारी

नई Crypto Policy को लेकर वित्त मंत्रालय की जनवरी 2026 में हुई अहम बैठकों के बाद भारत में एक मल्टी-रेगुलेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया। इसमें अलग-अलग एजेंसियों को स्पष्ट भूमिकाएँ दी जाने का प्रस्ताव है, ताकि क्रिप्टो मार्केट को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।

SEBI की भूमिका

SEBI को क्रिप्टो एक्सचेंजों के रजिस्ट्रेशन, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नियम तय करने, जरूरी खुलासे (Disclosures) सुनिश्चित करने और इन्वेस्टर्स की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यानी मार्केट के संचालन और ट्रांसपेरेंसी पर SEBI की सीधी नजर रहेगी।

SEBI Crypto Regulations

Source: Official Website

RBI की भूमिका

RBI का फोकस विदेशी निवेश (FDI), क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन और देश में आने-जाने वाले पूंजी फ्लो की निगरानी पर रहेगा। इससे International Baccalaureate पर होने वाले क्रिप्टो एक्सचेंज को नियंत्रित किया जा सकेगा।

FIU-IND की भूमिका

FIU-IND को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और KYC Compliance की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। गौरतलब है कि, भारत सरकार पहले ही 2023 में Crypto Exchanges को PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के दायरे में ला चुकी है, जिसके तहत FIU-IND के पास रिपोर्टिंग करना अनिवार्य है।

CBDT और आयकर विभाग की भूमिका

टैक्स और रिपोर्टिंग के मोर्चे पर CBDT और आयकर विभाग Section 115BBH के तहत क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग और VDA (Virtual Digital Asset) टैक्स फाइलिंग को संभालेंगे। इसके तहत Bitcoin सहित सभी क्रिप्टो पर 30% फ्लैट टैक्स और 4% Health & Education Cess लागू है। ITR में Schedule VDA के तहत रिपोर्टिंग अनिवार्य है।

New Reporting Requirements

Source: Official Website CBDT

Enforcement Directorate (ED) की भूमिका

ED मनी लॉन्ड्रिंग और FEMA (Foreign Exchange Management Act) उल्लंघनों की जांच करेगा। क्रॉस-बॉर्डर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन में FEMA नियमों का पालन न करने पर ED कार्रवाई कर सकता है।

आपको क्या-क्या रिपोर्ट करना होगा

  • एक्सचेंज की जिम्मेदारी।
  • हर यूज़र का पूरा KYC डेटा (PAN, Aadhaar, TAX ID)
  • हर ट्रेड की तारीख, मात्रा और INR वैल्यू।
  • स्टेकिंग रिवॉर्ड, एयरड्रॉप, P2P ट्रांजैक्शन सहित सभी VDA ट्रांसफर।
  • यूज़र की रेजीडेंसी और beneficial ownership की जानकारी।


निवेशक की जिम्मेदारी
  • ITR-2 या ITR-3 में Schedule VDA भरना।
  • Form 26AS के साथ TDS क्रेडिट का मिलान।
  • विदेशी एक्सचेंज होल्डिंग्स का Schedule FA में डिस्क्लोज़र।
  • P2P ट्रेड में खुद TDS काटकर जमा करना।
पेनल्टी प्रावधान: गलती की कीमत

बजट 2026-27 ने Section 446 के तहत compliance न करने पर कड़ी पेनल्टी का प्रावधान किया है:

उल्लंघनपेनल्टी
VDA स्टेटमेंट न देना₹200 प्रति दिन — जब तक चूक जारी है
गलत/अधूरी जानकारी देना₹50,000 फिक्स्ड जुर्माना
आय कम बताना (Under-reporting)50% से 200% अतिरिक्त टैक्स
TDS न काटनाTDS के बराबर जुर्माना + मुकदमे की संभावना
एडवांस टैक्स न भरनाSection 234B/C के तहत ब्याज

 

CoinDCX
CoinDCX ने Section 509 अनुपालन के लिए अपना Reporting Infrastructure 2025 में ही तैयार कर लिया था। Platform TDS Auto-Deduction, Schedule VDA-Ready Trade History Export, और CBDT को Automated Reporting प्रदान करता है।

WazirX
WazirX जुलाई 2024 के $230 Million Hack के बाद Re-Structuring के दौर में है। FIU-IND Registration बनाए रखते हुए Platform नए Compliance Framework के साथ Align करने का प्रयास कर रहा है।

ZebPay
ZebPay भारत के सबसे पुराने FIU-IND Registered Exchanges में से एक है और Section 509 Reporting के लिए Technically तैयार है। Platform ने TDS और Schedule VDA Reporting के लिए Dedicated Tools Launch किए हैं।

CARF 2027: अंतरराष्ट्रीय Sharing का युग
Section 509 घरेलू Reporting का पहला कदम है। अप्रैल 2027 से भारत OECD के CARF Framework के तहत 50+ देशों के साथ Crypto Data साझा करेगा। इसका सीधा मतलब है: अगर आपने Binance, Kraken, Coinbase या किसी भी विदेशी Exchange पर Trade किया है, तो 2027 से भारतीय ITD को उसकी जानकारी अपने आप मिल सकती है। विदेशी Exchanges पर Trading छुपाने का विकल्प समाप्त होने जा रहा है।
कन्क्लूजन 

नए Section 509 और CARFFramework के साथ भारत में क्रिप्टो ट्रांसपेरेंसी और सख्त निगरानी का दौर शुरू हो गया है। SEBI, RBI और Tax Department के संयुक्त प्रयास से घरेलू व विदेशी ट्रेडिंग दोनों ट्रैक होंगी। अब इन्वेस्टर्स के लिए सही रिपोर्टिंग, टैक्स कंप्लायंस और ट्रांसपेरेंसी बनाए रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।


Disclaimer: यह Article केवल सूचना (informational) उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की financial Advice नहीं है। Crypto में निवेश अत्यधिक रिस्की होता है। निवेश से पहले अपना खुद का रिसर्च (DYOR) जरूर करें। 



Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

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