Crypto Market में गिरावट के बीच Arthur Hayes ने बेची होल्डिंग
24 अक्टूबर 2026 — जब बाज़ार गिर रहा होता है, तब सबसे बड़ा सवाल अक्सर यही होता है कि बड़े और अनुभवी खिलाड़ी क्या कर रहे हैं। इसी वजह से BitMEX के को-फाउंडर Arthur Hayes का ताज़ा कदम चर्चा में है। उन्होंने अपनी निवेश फर्म Maelstrom की डायरेक्शनल बुक बंद कर दी, यानी वह पोर्टफोलियो जिसमें कीमत बढ़ने या घटने की दिशा पर दाँव लगाया जाता है, और ETH, ENA, UNI समेत कई टोकन पर मुनाफा बुक कर लिया। ऑन-चेन एनालिस्ट EmberCN के मुताबिक बेचे गए टोकन की कुल कीमत करीब $26.08 मिलियन है, जो लगभग ₹249 करोड़ बैठती है (₹95.5/USD के रेफरेंस रेट पर)। यह खबर ऐसे समय आई है जब Bitcoin $80,700 के आसपास फिसला हुआ है और ETH करीब $2,366 पर कारोबार कर रहा है।
Hayes ने X पर लिखा कि उन्होंने सब कुछ बेच दिया है, कि "हमें ऊपर जाने के लिए पहले नीचे जाना होगा", और कि मैक्रो व जियोपॉलिटिकल हालात उन्हें थोड़े जोखिम भरे लग रहे हैं, इसलिए वे किनारे बैठकर "ऑल क्लियर" सिग्नल का इंतज़ार करेंगे।

Source: X Post
Arthur Hayes ने कौन-कौन से कॉइन बेचे?
EmberCN की सूची के मुताबिक Hayes से जुड़े वॉलेट से सात टोकन निकले:
इसमें ETH अकेला करीब 73% हिस्सा है। बाकी टोकन (ENA, UNI, ETHFI, AERO, PENDLE और ZAMA) DeFi यानी ब्लॉकचेन पर चलने वाली फाइनेंस सर्विसेज़ से जुड़े प्रोजेक्ट्स के हैं।
कुल रकम को लेकर एक फर्क ध्यान देने लायक है। Lookonchain ने इसी बिकवाली को करीब $22.28 मिलियन का बताया है, क्योंकि उसने ETH की गिनती 8,000 की जगह 6,400 (लगभग $15.2 मिलियन) की है, जबकि बाकी छह टोकन के आँकड़े दोनों जगह एक जैसे हैं। The Defiant की रिपोर्ट के मुताबिक Hayes से जुड़े वॉलेट से 8,000 ETH चार ट्रांसफर में निकले, जिनमें 3,200 ETH Galaxy Digital के डिपॉज़िट एड्रेस पर, 1,600 ETH Binance पर, 1,600 ETH FalconX पर और 1,600 ETH एक और ट्रेडिंग एड्रेस पर गए। इसलिए $26.08 मिलियन का आँकड़ा पूरे 8,000 ETH को गिनता है।
एक और बात: एक्सचेंज या ट्रेडिंग फर्म को टोकन भेजना अपने आप में बिक्री का सबूत नहीं होता। यहाँ पुष्टि Hayes के अपने बयान से मिली है। The Defiant के अनुसार Wintermute से जुड़े एक वॉलेट ने उसी दौरान Hayes के वॉलेट को करीब 24.26 लाख USDC भेजे, जो UNI और ZAMA के कुल मूल्य (करीब $2.45 मिलियन) के काफी नज़दीक है, हालाँकि रिपोर्ट ने यह नहीं बताया कि यह भुगतान किस ट्रेड का था।
इस कदम के क्या मायने हैं?
1. यह बाज़ार से पूरी तरह निकलना नहीं है। Hayes ने सिर्फ Maelstrom की डायरेक्शनल बुक की बात की है। The Defiant के मुताबिक बिकवाली के बाद भी उनके लेबल वाले वॉलेट में करीब 1.445 करोड़ ENA बचे हुए थे। इसके अलावा उपलब्ध रिपोर्ट्स में Bitcoin बेचने का ज़िक्र हमें नहीं मिला। इसलिए "सब कुछ बेच दिया" को शब्दशः पूरी होल्डिंग की बिकवाली समझना सही नहीं होगा।
2. यह मैक्रो रिस्क की चेतावनी है। Hayes ने कारण बताया है मैक्रो और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता। बाज़ार पर पहले से तीन दबाव दिख रहे हैं: एआई खर्च की चिंता से चिप शेयरों में गिरावट, तेल की ऊँची कीमतें, और US-Iran तनाव। 27-28 अक्टूबर को US Federal Reserve की बैठक भी आने वाली है।
3. बाज़ार पर असर सीमित, लेकिन सेंटिमेंट पर असर संभव। 8,000 ETH ETH की कुल लिक्विडिटी के मुकाबले छोटी रकम है, लेकिन जब कोई चर्चित ट्रेडर खुले तौर पर किनारे बैठने की बात करता है, तो उसका असर भावनाओं पर पड़ता है। टोकन-स्तर पर देखें तो उसी दौरान ENA करीब 5.6% और ETH करीब 1.5% नीचे दिखे।
4. यह एक व्यक्ति का नज़रिया है, भविष्यवाणी नहीं। सिर्फ नौ दिन पहले, 15 अक्टूबर को, Hayes ने X पर "Long BTC ETH" लिखा था और आगे बड़े सरकारी बेलआउट की उम्मीद जताई थी। यानी कुछ ही दिनों में उनका रुख पलट गया, और यह बदलाव बताता है कि बड़े ट्रेडर भी तेज़ी से राय बदलते हैं और हर बार सही नहीं होते।
Arthur Hayes पहले भी कर चुके हैं ऐसे कदम
इस सिलसिले से दिखता है कि Hayes अपने पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव जल्दी-जल्दी करते हैं, और हर बार उसकी वजह बड़ा मैक्रो नैरेटिव बताते हैं। ये पुराने कदम बाद में सही निकले या नहीं, इस पर हमारे पास पुख्ता डेटा नहीं है, इसलिए किसी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अभी के कदम की सफलता का अंदाज़ा लगाना ठीक नहीं होगा।
Conclusion
सीधे शब्दों में, Arthur Hayes का यह कदम एक बड़े ट्रेडर की सावधानी का संकेत है, किसी बड़ी गिरावट की गारंटी नहीं। उन्होंने पूरे क्रिप्टो एक्सपोज़र को खत्म नहीं किया है, उनका रुख नौ दिन में पलटा है, और उनके अपने शब्दों में वे सिर्फ "ऑल क्लियर" सिग्नल तक किनारे बैठे हैं।
एक आम भारतीय इन्वेस्टर के लिए सबसे काम की सीख यह है कि किसी व्हेल की ट्रेड को कॉपी न करें, क्योंकि Hayes के पास हेजिंग, तेज़ री-एंट्री और भारी पूँजी की सुविधा है, जबकि भारत में क्रिप्टो मुनाफे पर 30% टैक्स और हर ट्रांसफर पर 1% TDS बार-बार ट्रेडिंग को महँगा बना देता है। बेहतर यही होगा कि आप 27-28 अक्टूबर की Fed बैठक जैसे असली ट्रिगर्स पर नज़र रखें, अपनी रिस्क लिमिट पहले से तय करें, और लेवरेज से दूरी बनाए रखें।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह न माना जाए। ऑन-चेन आँकड़े अलग-अलग ट्रैकर्स के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं और बदल सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश रिस्क भरा है।