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द ग्राफ (GRT) क्या है? काम, उपयोग, टोकनॉमिक्स और भविष्य

Hindi News Writer
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द ग्राफ (GRT) क्या है? काम, उपयोग, टोकनॉमिक्स और भविष्य जानें
द ग्राफ (GRT) क्या है? काम, उपयोग, टोकनॉमिक्स और भविष्य जानें

जिस DeFi ऐप पर आप अपना बैलेंस, ट्रेड और पोज़िशन देखते हैं, उसके पीछे अक्सर एक अदृश्य डेटा सिस्टम चलता है। द ग्राफ क्या है, इसका सीधा जवाब यह है कि यह ब्लॉकचेन के डेटा को इकट्ठा करके खोजने लायक बनाने वाला इंडेक्सिंग प्रोटोकॉल है, जिसे अक्सर ब्लॉकचेन का "गूगल" कहा जाता है। इसका टोकन GRT क्वेरी के भुगतान और नेटवर्क के इनाम में काम आता है। Crypto Hindi News की इस गाइड में मैं एक क्रिप्टो एक्सपर्ट की नज़र से इसकी पूरी तस्वीर रखूँगा। अगर आप The Graph kya hai या what is the graph in hindi सर्च करके यहाँ पहुँचे हैं, तो आगे आपको इसकी शुरुआत, काम, टोकनॉमिक्स, जोखिम और भविष्य सब कुछ सरल हिंदी में मिलेगा।


द ग्राफ क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?


इस विचार का जन्म 2017 के आख़िर में हुआ और इसे 2018 की गर्मियों में Yaniv Tal, Jannis Pohlmann और Brandon Ramirez ने पेश किया। मक़सद सीधा था: ब्लॉकचेन पर डेटा तो खुला रहता है, पर उसे सीधे पढ़ना और खोजना बेहद मुश्किल होता है। अक्टूबर 2020 में हुई पब्लिक टोकन सेल में लगभग 4,500 निवेशकों से करीब 1.2 करोड़ डॉलर जुटाए गए, 0.03 डॉलर प्रति GRT के भाव पर। इसके बाद 17 दिसंबर 2020 को The Graph Network Ethereum पर लॉन्च हुआ, और 2021 में टीम ने इसके मुख्य डेवलपर के रूप में Edge & Node कंपनी बनाई। 2024 में प्रोजेक्ट ने होस्टेड सर्विस से पूरी तरह विकेंद्रीकृत नेटवर्क की ओर अपना बदलाव पूरा किया। अब सवाल यह है कि यह नेटवर्क रोज़ के काम में असल में कैसे चलता है।


द ग्राफ कैसे काम करता है?


द ग्राफ क्या है, इसे आसान तरीके से समझना हो तो एक विशाल लाइब्रेरी की मिसाल लीजिए। ब्लॉकचेन ऐसी लाइब्रेरी है जिसमें करोड़ों किताबें बिना किसी कैटलॉग के रखी हैं। द ग्राफ उसका कैटलॉग बनाता है, ताकि कोई ऐप सीधे पूछ सके कि "आज इस पूल में कितना वॉल्यूम हुआ?" और तुरंत जवाब पा सके। सबग्राफ इंडेक्सर्स के लिए निर्देश होते हैं कि कौन-सा डेटा उपयोगकर्ताओं को परोसना है। इस पूरे सिस्टम में चार किरदार होते हैं:


किरदार


क्या करता है


GRT से जुड़ाव


डेवलपर (कंज्यूमर)


ऐप के लिए सबग्राफ से डेटा क्वेरी करता है


क्वेरी का भुगतान GRT में करता है

इंडेक्सर

नोड चलाकर डेटा परोसता है

नोड चलाने के लिए कम से कम 1 लाख GRT सेल्फ़-स्टेक करना होता है

क्यूरेटर

अच्छे सबग्राफ को पहचानकर उन पर GRT सिग्नल करता है

क्वेरी फ़ीस का हिस्सा पाता है, पर 1% क्यूरेशन टैक्स देता है जो बर्न हो जाता है

डेलीगेटर

अपना GRT किसी इंडेक्सर को सौंपता है

हर इंडेक्सर अपना कट तय करता है, जिससे डेलीगेटर्स को आकर्षित करने की होड़ बनती है


इस ढाँचे की वजह से GRT सिर्फ़ ट्रेडिंग का टोकन नहीं, बल्कि नेटवर्क के काम से जुड़ा टोकन है।


GRT टोकन का काम और उपयोग


The Graph kya hai, इसे उपयोग के नज़रिये से देखें तो यह DeFi की बड़ी एप्लिकेशन्स की डेटा परत है। Uniswap अपना लिक्विडिटी डेटा सबग्राफ से खींचता है। Aave 10 नेटवर्क पर 20 सबग्राफ चलाता है। यह Ethereum, Polygon, Arbitrum, Optimism, Avalanche, Base और BNB Chain जैसे कई नेटवर्क को सपोर्ट करता है, और इसके साथ Substreams (रियल-टाइम डेटा पाइपलाइन) और Token API (रियल-टाइम टोकन डेटा) जैसे प्रोडक्ट भी जुड़े हैं। 2025 के Horizon अपग्रेड के बाद GRT की स्टेकिंग से रियल-टाइम इवेंट स्ट्रीम, प्री-इंडेक्स्ड API और एआई ट्रेनिंग डेटासेट जैसी मॉड्यूलर डेटा सेवाएँ सुरक्षित की जाती हैं। 2025 में Chainlink के CCIP के ज़रिये GRT को Solana, Arbitrum और Base जैसे नेटवर्क पर क्रॉस-चेन भेजने की शुरुआत भी हुई। यानी इस्तेमाल DeFi से आगे एआई डेटा की ओर बढ़ रहा है, पर वह अभी शुरुआती दौर में है। इसे समझने के लिए अब सप्लाई और इनाम का ढाँचा देखते हैं।


द ग्राफ की टोकनॉमिक्स: सप्लाई, इश्यूएंस और बर्न


द ग्राफ क्या है, इसे सप्लाई के आँकड़ों से भी समझा जा सकता है। यहाँ टोकन की सप्लाई सीमित नहीं, बल्कि नियंत्रित इश्यूएंस पर चलती है।


पैरामीटर


विवरण


टोकन


GRT (Ethereum पर ERC-20)

मेननेट लॉन्च

17 दिसंबर 2020

शुरुआती सप्लाई

10 अरब GRT

सालाना नया इश्यूएंस

लगभग 3%, जो इंडेक्सर्स को इनाम के रूप में बँटता है

मौजूदा सर्कुलेटिंग सप्लाई

लगभग 11.03 अरब GRT

बर्न के स्रोत

1% क्यूरेशन टैक्स और क्वेरी फ़ीस का 1%

डेलीगेशन टैक्स

Graph Horizon के बाद 0.5% डेलीगेशन टैक्स पूरी तरह हटा दिया गया

डेलीगेशन क्षमता

इंडेक्सर अपने सेल्फ़-स्टेक का 16 गुना तक डेलीगेटेड GRT ले सकता है

ऑल-टाइम हाई

लगभग 2.90 डॉलर

भाव (21 अक्टूबर 2026)

लगभग 0.0249 डॉलर


इसका सबसे ज़रूरी निष्कर्ष यह है कि इश्यूएंस हर हाल में मिलता है, जबकि बर्न तभी बड़ा बनता है जब नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़े। एक रिपोर्ट के अनुसार सालाना बर्न लगभग 1% सप्लाई के आसपास रहता है, इसलिए लगभग 3% की सालाना इन्फ्लेशन को बराबर करने के लिए नेटवर्क का इस्तेमाल बना रहना ज़रूरी है। अलग-अलग स्रोत इसके असर पर एकमत नहीं हैं, इसलिए इसे लाइव आँकड़ों से परखते रहना बेहतर है।


GRT की कीमत किन बातों से बदलती है?


द ग्राफ क्या है, यह समझने वाले निवेशक की नज़र सबसे पहले भाव की चाल पर जाती है। 21 अक्टूबर 2026 को Crypto Hindi News  पर भाव लगभग  ₹2.3 से ₹2.4 था, यानी ऑल-टाइम हाई से करीब 99% नीचे। Crypto Hindi News के अनुसार इसका सबसे निचला स्तर 18 अगस्त 2026 को ₹1.23 रहा। यानी उस स्तर से भाव करीब दोगुना हुआ है, फिर भी एक साल पहले की तुलना में यह लगभग 61% नीचे है। भाव को मुख्य रूप से ये बातें प्रभावित करती हैं:


  • नेटवर्क का इस्तेमाल: क्वेरी वॉल्यूम और फ़ीस बढ़ने पर टोकन की माँग और बर्न दोनों बढ़ते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार Arbitrum पर क्वेरी फ़ीस और वॉल्यूम अगस्त 2026 तक रिकॉर्ड स्तर पर बताए गए।


  • क्वेरी माइग्रेशन जैसी घटनाएँ: CoinGecko के सारांश में Subgraph Studio का ट्रैफ़िक द ग्राफ नेटवर्क की ओर भेजे जाने के बाद भाव में 25% की तेज़ी का ज़िक्र है।


  • क्रिप्टो बाज़ार का समग्र मूड: जब बाज़ार में बिकवाली होती है, तो GRT जैसे अल्टकॉइन ज़्यादा तेज़ी से गिरते हैं।


  • इश्यूएंस बनाम बर्न का संतुलन: ऊपर बताए अनुसार, उपयोग कमज़ोर हो तो नया इश्यूएंस सप्लाई बढ़ाता है।


  • लिक्विडिटी: पतली लिक्विडिटी में बड़ा ऑर्डर भाव को तेज़ी से खींच सकता है।

लाइव INR भाव, 24 घंटे का वॉल्यूम और ऑल-टाइम हाई देखने के लिए [Crypto Hindi News का GRT प्राइस पेज](अपना The Graph प्राइस पेज लिंक यहाँ लगाएँ) देखें।


द ग्राफ की चुनौतियाँ और जोखिम


मेरी नज़र में GRT मीमकॉइन नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर टोकन है, और यही इसकी ताक़त भी है और कमज़ोरी भी। ताक़त यह कि इसकी माँग असली काम से आती है। कमज़ोरी यह कि वह काम बाज़ार के हालात के साथ घट-बढ़ सकता है, जैसा 2021 की चोटी से 99% गिरावट बताती है। मुख्य जोखिम ये हैं:


  • इस्तेमाल पर निर्भरता: टोकन की असली माँग डेवलपर्स की क्वेरी से आती है। इस्तेमाल घटे तो बर्न भी घटता है।


  • प्रतिस्पर्धा: ब्लॉकचेन डेटा देने वाली दूसरी सेवाएँ भी बाज़ार में मौजूद हैं, इसलिए द ग्राफ को अपनी जगह बनाए रखनी होगी।


  • सप्लाई का दबाव: हर साल नया इश्यूएंस होता है, इसलिए टोकन की क़ीमत बढ़ाने के लिए उससे बड़ी माँग चाहिए।


  • स्टेकिंग और डेलीगेशन के जोखिम: Horizon में डेलीगेटर्स की स्लैशिंग की तकनीकी क्षमता जुड़ी है, पर उसे सक्रिय करने के लिए गवर्नेंस वोट उस समय बाक़ी बताया गया। इसलिए डेलीगेट करने से पहले नवीनतम नियम देख लें।

इन जोखिमों को समझ लेने के बाद अगला सवाल भारतीय निवेशक के लिए खरीदारी और टैक्स का होता है।


भारत में GRT खरीदने पर कितना टैक्स लगता है


what is the graph in hindi का जवाब जान लेने के बाद अगला सवाल खरीदारी का होता है। यह टोकन हर भारतीय ऐप पर नहीं मिलता और लिस्टिंग समय-समय पर बदलती रहती हैं, इसलिए पहले अपने ऐप में इसकी उपलब्धता जाँच लें। खरीदने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका हमारी द ग्राफ (GRT) कैसे खरीदें गाइड में समझाया गया है।

खरीदने और बेचने से पहले भारत के टैक्स रूल्स भी समझ लें। Income-tax Act, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है। इसके तहत वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) के ट्रांसफ़र से हुई कमाई पर 30% टैक्स लगता है, जिसके साथ लागू सरचार्ज और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस भी जुड़ सकता है। आमतौर पर खरीद की लागत के अलावा बाकी खर्चों की कटौती नहीं मिलती, और एक क्रिप्टो के घाटे को दूसरे क्रिप्टो के मुनाफ़े से सेट-ऑफ़ भी नहीं किया जा सकता। शर्तों और तय सीमा के हिसाब से 1% टीडीएस भी कटता है। इसके अलावा तय रिपोर्टिंग एंटिटी को क्रिप्टो-एसेट ट्रांज़ैक्शन की जानकारी टैक्स विभाग को देनी होती है। इन रूल्स का असर आपके ट्रांज़ैक्शन और टैक्स की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह ज़रूर लें।


द ग्राफ के भविष्य के तीन संभावित परिदृश्य


द ग्राफ क्या है और आगे यह कहाँ जा सकता है, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन भविष्य को तीन परिदृश्यों में देखना ज़्यादा समझदारी है:


  • सकारात्मक परिदृश्य: अगर Horizon के तहत एआई डेटा और Token API जैसी नई सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ता है और क्वेरी फ़ीस लगातार बढ़ती है, तो बर्न बढ़ेगा और टोकन की माँग को सहारा मिल सकता है।


  • तटस्थ परिदृश्य: अगर इस्तेमाल मौजूदा स्तर पर टिका रहे, तो भाव एक दायरे में घूमता रह सकता है, जैसा हाल के हफ़्तों में 0.023 से 0.026 डॉलर के आसपास दिखा।


  • नकारात्मक परिदृश्य: अगर बाज़ार कमज़ोर रहे और डेवलपर्स दूसरी सेवाओं की ओर जाएँ, तो नए इश्यूएंस का दबाव भाव को फिर पुराने निचले स्तर की ओर ले जा सकता है।

मेरी राय में, GRT की कहानी नेटवर्क के इस्तेमाल पर टिकी है। इसलिए सिर्फ़ भाव के बजाय क्वेरी वॉल्यूम और फ़ीस पर नज़र रखना ज़्यादा काम का है। ऐसे और प्रोजेक्ट समझने के लिए हमारा DeFi न्यूज़ सेक्शन और ब्लॉकचेन न्यूज़ सेक्शन देखा जा सकता है।


GRT में निवेश से पहले ज़रूरी सावधानियाँ


  • सिर्फ़ उतना पैसा लगाएँ जिसे खोने का रिस्क आप उठा सकें: महीने की बचत का एक छोटा हिस्सा, पूरी बचत नहीं।


  • सिर्फ़ कम भाव देखकर इसे सस्ता न मानें: 99% गिरावट का मतलब यह नहीं कि और गिरावट नहीं आएगी। मार्केट कैप, वॉल्यूम और नेटवर्क के इस्तेमाल को भी देखें।


  • कॉन्ट्रैक्ट और नेटवर्क वेरिफ़ाई करें: टोकन का कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस द ग्राफ की आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद डेटा प्लेटफ़ॉर्म से मिलाएँ। नकली क्लोन टोकन और नकली लिंक आम हैं।


  • "पक्की कमाई" के वादों से दूर रहें: "GRT स्टेकिंग पर गारंटीड रिटर्न" जैसे लिंक अक्सर फ़र्ज़ी वॉलेट या स्कैम निकलते हैं। डेलीगेशन के लिए सिर्फ़ आधिकारिक Graph Explorer ही इस्तेमाल करें।


  • पोर्टफ़ोलियो का हिस्सा छोटा रखें: ताकि एक टोकन की गिरावट पूरे पोर्टफ़ोलियो को न हिला दे।


अंतिम बात


संक्षेप में, द ग्राफ क्या है: ब्लॉकचेन के डेटा को खोजने लायक बनाने वाला विकेंद्रीकृत इंडेक्सिंग नेटवर्क, जिसका GRT टोकन क्वेरी के भुगतान और इंडेक्सर्स, क्यूरेटर्स व डेलीगेटर्स के इनाम में काम आता है। The Graph kya hai का छोटा जवाब यही है कि इसकी ताक़त असली उपयोग और DeFi में गहरी पैठ है, जबकि कमज़ोरी यह कि टोकन की क़ीमत इस्तेमाल और नए इश्यूएंस के संतुलन पर टिकी है। what is the graph in hindi जानने वाले निवेशक के लिए सबसे काम की बात यही है कि भाव से ज़्यादा नेटवर्क के इस्तेमाल पर नज़र रखें। इसलिए इसमें कदम रखना हो तो पहले अपनी रिसर्च करें, पूँजी छोटी रखें और नुकसान की सीमा पहले से तय कर लें।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। यह निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो में भारी जोखिम होता है, इसलिए निवेश से पहले अपनी स्वतंत्र रिसर्च करें और किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

लेखक परिचय
Bharat Batwal Hindi News Writer

Bharat Batwal एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। Bharat Batwal की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। Bharat Batwal की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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The Graph एक ओपन-सोर्स, विकेंद्रीकृत इंडेक्सिंग प्रोटोकॉल है, जो ब्लॉकचेन डेटा को व्यवस्थित करके डेवलपर्स और ऐप्स के लिए आसानी से उपलब्ध कराता है। इसे अक्सर ब्लॉकचेन का Google कहा जाता है, क्योंकि इसकी मदद से DeFi जैसे ऐप्स ज़रूरी डेटा तेज़ी से खोज और प्राप्त कर सकते हैं। GRT इसका यूटिलिटी टोकन है, जिसका इस्तेमाल नेटवर्क की क्वेरी और प्रतिभागियों से जुड़ी गतिविधियों में होता है।

The Graph का विचार 2017 के आखिर में सामने आया और इसे 2018 की गर्मियों में Yaniv Tal, Jannis Pohlmann और Brandon Ramirez ने पेश किया। अक्टूबर 2020 में इसकी पब्लिक टोकन सेल के ज़रिए लगभग 4,500 निवेशकों से करीब 1.2 करोड़ डॉलर जुटाए गए। The Graph Network को 17 दिसंबर 2020 को Ethereum पर लॉन्च किया गया। 2021 में इसके मुख्य डेवलपर के रूप में Edge & Node कंपनी बनाई गई।

The Graph ब्लॉकचेन डेटा को इंडेक्स करके उसे खोजने और इस्तेमाल करने योग्य बनाता है। इसमें सबग्राफ यह निर्देश देते हैं कि कौन-सा डेटा उपलब्ध कराना है। डेवलपर्स इन सबग्राफ के ज़रिए डेटा क्वेरी करते हैं, इंडेक्सर्स नोड चलाकर डेटा उपलब्ध कराते हैं, क्यूरेटर्स उपयोगी सबग्राफ की पहचान करते हैं और डेलीगेटर्स अपना GRT इंडेक्सर्स को सौंपते हैं। इस व्यवस्था से ब्लॉकचेन ऐप्स को ज़रूरी डेटा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

GRT, The Graph नेटवर्क का यूटिलिटी टोकन है। डेवलपर्स डेटा क्वेरी के लिए GRT में भुगतान करते हैं, जबकि इंडेक्सर्स, क्यूरेटर्स और डेलीगेटर्स नेटवर्क में अपनी भूमिका के अनुसार रिवॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं। GRT का इस्तेमाल नेटवर्क में स्टेकिंग और डेलीगेशन से जुड़ी गतिविधियों में भी होता है।

The Graph Ethereum, Polygon, Arbitrum, Optimism, Avalanche, Base और BNB Chain जैसे कई Blockchain नेटवर्क को सपोर्ट करता है। इसके अतिरिक्त, Substreams रियल-टाइम डेटा पाइपलाइन और Token API जैसे प्रोडक्ट भी इसके इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। 2025 के Horizon अपग्रेड के बाद इसका इस्तेमाल रियल-टाइम डेटा सेवाओं और AI ट्रेनिंग डेटासेट जैसी गतिविधियों तक भी बढ़ा है।

The Graph की शुरुआती सप्लाई 10 अरब GRT थी। ब्लॉग में दिए गए आँकड़ों के अनुसार, इसकी सर्कुलेटिंग सप्लाई लगभग 11.03 अरब GRT थी। नेटवर्क में सालाना लगभग 3% नया GRT जारी किया जाता है, जो इंडेक्सर्स को रिवॉर्ड के रूप में मिलता है। हालाँकि, सप्लाई और सर्कुलेटिंग टोकन की संख्या समय के साथ बदल सकती है।

GRT की कीमत मुख्य रूप से नेटवर्क के इस्तेमाल, डेटा क्वेरी की संख्या, क्वेरी फ़ीस, टोकन इश्यूएंस और बर्न के संतुलन, क्रिप्टो बाज़ार के माहौल तथा लिक्विडिटी से प्रभावित होती है। यदि नेटवर्क पर डेटा क्वेरी और सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ता है, तो GRT की माँग और टोकन बर्न को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, कम इस्तेमाल और नए टोकन की सप्लाई कीमत पर दबाव डाल सकती है।

हाँ, GRT में निवेश जोखिम भरा है। इसकी कीमत नेटवर्क के वास्तविक इस्तेमाल, क्रिप्टो बाज़ार की परिस्थितियों, प्रतिस्पर्धी डेटा सेवाओं और नए टोकन की सप्लाई से प्रभावित होती है। Staking और Delegation में भी जोखिम शामिल हैं। The Graph की तकनीक उपयोगी होने के बावजूद टोकन की कीमत बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और केवल उतनी रकम लगाएँ, जिसके नुकसान को आप सहन कर सकें।

The Graph का भविष्य नेटवर्क के इस्तेमाल, क्वेरी फ़ीस और नई डेटा सेवाओं को मिलने वाली स्वीकार्यता पर निर्भर करेगा। सकारात्मक स्थिति में Horizon, Token API और AI डेटा सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल GRT की माँग को समर्थन दे सकता है। यदि नेटवर्क का इस्तेमाल मौजूदा स्तर पर बना रहता है, तो कीमत सीमित दायरे में रह सकती है। वहीं, बाज़ार में कमजोरी, प्रतिस्पर्धा और नए टोकन की सप्लाई का दबाव कीमत को नीचे ला सकता है। ये संभावित परिदृश्य हैं, भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं।

हाँ, भारत में The Graph (GRT) खरीदने का विकल्प कुछ क्रिप्टो एक्सचेंजों पर उपलब्ध हो सकता है। हालाँकि, इसकी लिस्टिंग और INR ट्रेडिंग पेयर हर प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नहीं होते और समय के साथ बदल सकते हैं। खरीदने से पहले अपने एक्सचेंज पर GRT की उपलब्धता, डिपॉज़िट के तरीके, ट्रेडिंग फ़ीस और लागू नियमों की जाँच करें।

ब्लॉग में बताए गए भारतीय टैक्स नियमों के अनुसार, Virtual Digital Assets (VDA) के ट्रांसफ़र से होने वाली आय पर 30% टैक्स के साथ लागू surcharge और 4% Health and Education Cess लग सकता है। निर्धारित शर्तों और सीमाओं के अधीन 1% TDS भी लागू हो सकता है। आमतौर पर खरीद लागत के अलावा अन्य खर्चों की कटौती और एक क्रिप्टो में हुए घाटे को दूसरे क्रिप्टो के मुनाफ़े से सेट-ऑफ़ करने की अनुमति नहीं होती। अपनी स्थिति के अनुसार लागू नियमों की पुष्टि किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से करें।

GRT में निवेश करने से पहले नेटवर्क के इस्तेमाल, क्वेरी वॉल्यूम, फ़ीस, टोकन सप्लाई और प्रतिस्पर्धा का आकलन करें। केवल कीमत में बड़ी गिरावट देखकर टोकन को सस्ता न मानें। टोकन का कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद डेटा प्लेटफ़ॉर्म से सत्यापित करें। Staking और Delegation के नियमों की जाँच करें, गारंटीड रिटर्न के दावों से बचें और अपने पोर्टफ़ोलियो में GRT का हिस्सा सीमित रखें।