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ATC Coin Scam में कोर्ट का फैसला, आरोपियों को बरी करने से किया इंकार

ATC Coin के नाम पर ठगी, ₹84 करोड़ के Scam में आरोपियों को राहत नहीं

महाराष्ट्र के विशेष MPID कोर्ट ने दो भाइयों, Subhash Chand और Chirag Ramratan Jewria, को कथित ₹84 करोड़ के निवेश घोटाले में बरी करने से इनकार कर दिया। यह मामला “ATC Coins” से जुड़ा है और अदालत ने स्पष्ट किया कि क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग की वैधता धोखाधड़ी का बचाव नहीं बन सकती। आइए जानते हैं ATC Coin Scam से जुड़ा ये पूरा मामला क्या है?

निवेशकों को दिया गया झांसा

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने Jewria Service Club India Pvt Ltd के माध्यम से UK स्थित ATC Coin Ltd से जुड़े निवेश स्कीम को बढ़ावा दिया। उन्होंने ऑनलाइन वीडियो, प्रचार और ऑफ़लाइन मीटिंग्स के जरिए निवेशकों को लुभाया और प्रति माह 10% तक रिटर्न का वादा किया। आरोप है कि उन्होंने दावा किया कि इन कॉइन्स को Bitcoin में बदला जा सकता है और प्रमुख प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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करोड़ों रुपए का हुआ गबन

EOW के अनुसार, निवेशकों से लगभग ₹84 करोड़ जमा किए गए, लेकिन इसके बदले में जो क्रिप्टोकरेंसी दी गयी वे उपयोग योग्य नहीं रही। आरोप है कि फंड को निजी खातों और अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया। फ्लिपकार्ट और पतंजलि जैसी कंपनियों के साथ कथित टाई-अप का दावा भी झूठा पाया गया।

क्रिप्टो वैध, लेकिन धोखाधड़ी नहीं

ATC Coin मामले में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि क्रिप्टोकरेंसी नियामक रूप से ग्रे एरिया में आती है। लेकिन अदालत ने Supreme Court के Internet and Mobile Association of India vs RBI के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि क्रिप्टो ट्रेडिंग गैरकानूनी नहीं है, परंतु यह किसी भी तरह की धोखाधड़ी को वैध नहीं बनाता।

क्या रहा अदालत का निर्णय?

ATC Coin मामले में अदालत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में गवाहों के बयान यह दर्शाते हैं कि निवेशकों को जो क्रिप्टोकरेंसी दी गयी वे इनके द्वारा किये गए दावों के विपरीत थी। कोर्ट ने रिफंड किए गए Investment को बरी होने का आधार नहीं माना। अदालत ने आवेदन को “बेकार” बताते हुए कहा कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। अब मामले की सुनवाई IPC और MPID एक्ट की धाराओं के तहत आगे बढ़ेगी।

क्या है सुरक्षित निवेश के टिप्स
  1. सिर्फ लाइसेंस प्लेटफॉर्म पर निवेश करें: हमेशा FIU या RBI के मान्य Investment प्लेटफॉर्म का ही चयन करें।

  2. असाधारण रिटर्न के वादों से सतर्क रहें: अगर कोई निवेश हर महीने 8–10% का रिटर्न वादा करता है, तो संभावना है कि यह धोखाधड़ी हो।

  3. संपूर्ण जानकारी जांचें: Investment करने से पहले कंपनी के रजिस्टर्ड दस्तावेज़ और प्रमोटर्स के बारे में पूरी जांच करें।

  4. स्रोत और टाई-अप की पुष्टि करें: कंपनियों के सहयोग या टाई-अप के दावे हमेशा सत्यापित करें।

  5. निजी खातों में सीधे निवेश से बचें: फंड को किसी व्यक्तिगत खाते में भेजना जोखिम भरा होता है।

  6. संपत्ति का ट्रैक रखें: हमेशा अपने Invest का रिकॉर्ड और कॉइन ट्रांजेक्शन सुरक्षित रखें।

  7. छोटे निवेश से शुरुआत करें: नए या अपरिचित क्रिप्टो प्रोजेक्ट में बड़े Investment से पहले छोटे Investment से अनुभव प्राप्त करें।

कन्क्लूजन 

ATC Coin से जुड़ा यह मामला निवेशकों के लिए चेतावनी है कि क्रिप्टो Investment में उच्च रिटर्न के वादों के पीछे धोखाधड़ी भी हो सकती है। अदालत ने साफ कर दिया कि किसी भी डिजिटल करेंसी का उपयोग धोखाधड़ी को छुपाने के लिए नहीं किया जा सकता। सुरक्षित Invest की आदत अपनाना हर निवेशक के लिए जरूरी है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल जानकारी और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। मामले की अंतिम सच्चाई अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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ATC Coin Scam एक कथित निवेश घोटाला है जिसमें निवेशकों को उच्च रिटर्न का वादा कर लगभग ₹84 करोड़ जुटाए गए, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया।
अदालत को शुरुआती जांच में पर्याप्त सबूत मिले कि निवेशकों को गुमराह किया गया, इसलिए ट्रायल जारी रखने का फैसला लिया गया।
नहीं, भारत में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अवैध नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए नहीं किया जा सकता।
निवेशकों को या तो वादा किया गया कॉइन नहीं मिला या वह उपयोग के लायक नहीं था, जिससे उन्हें नुकसान हुआ।
हमेशा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म चुनें, असामान्य रिटर्न के वादों से बचें और निवेश से पहले पूरी जानकारी की जांच करें।