राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि Crypto Scam के नाम पर लोगों को किस तरह जाल में फंसाया जा रहा है। ठगों ने पहले भरोसा जीतने के लिए छोटा मुनाफा दिखाया और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली। साइबर एक्सपर्ट इस तरह की धोखाधड़ी को “Pig Butchering Scam” बताते हैं, जिसमें निवेशक को धीरे-धीरे बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है। आइए जानते हैं 18 लाख ठगने के इस Crypto Scam को कैसे अंजाम दिया गया?
पुलिस के अनुसार, चाणक्यपुरी कॉलोनी निवासी ललित नामदेव की मुलाकात 5 जनवरी को एक ऑनलाइन ऐप के जरिए एक अनजान महिला से हुई। महिला ने दावा किया कि वह क्रिप्टो ट्रेडिंग से अच्छा मुनाफा कमा रही है और उसने ललित को भी निवेश के लिए प्रेरित किया।
विश्वास दिलाने के लिए महिला ने उनका अकाउंट बनवाया और शुरुआती दो ट्रांजेक्शन में करीब 15 हजार रुपए का छोटा मुनाफा भी दिखाया। इससे ललित को प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया। इसके बाद बातचीत में एक कथित “मेंटोर” की एंट्री हुई, जिसने अपना नाम बलवीर बताया और निवेश बढ़ाने की सलाह दी।
ठगों ने ललित से एक ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया, जिसमें डेली प्रॉफिट पर 15% कमीशन की शर्त बताई गई। 28 जनवरी को उनसे 12 हजार रुपए का निवेश करवाया गया। जब ललित ने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि बिना NOC और 7 दिन के लॉक-इन पीरियड के पैसे नहीं निकाले जा सकते। इस बहाने से उन्हें लगातार और रकम जमा करने के लिए कहा जाता रहा।
धीरे-धीरे ठगों ने ललित को इतना भरोसे में ले लिया कि वे करीब 9 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुके थे। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनके अकाउंट में 58 लाख रुपये का फंड तैयार है, लेकिन उसे निकालने के लिए 15% अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। मुनाफे के लालच में ललित ने 8.89 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी ठगों ने 25% और जमा करने का दबाव बनाया। तभी पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने समझ लिया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
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साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के अनुसार, यह ठगी का एक नया ट्रेंड है जिसे “Pig Butchering Scam” कहा जाता है। इसमें ठग पहले सोशल मीडिया या ऐप के जरिए दोस्ती करते हैं, फिर छोटा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम निवेश करवाते हैं।Crypto Scam के मामलों में अक्सर फर्जी ऐप, नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और बनावटी अकाउंट स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पीड़ित को लगता है कि वह वास्तव में मुनाफा कमा रहा है।
बता दें, भोपाल में हुआ ये Crypto Scam का मामला पहला नही है। इससे पहले भी देशभर में कई क्रिप्टो ठगी के मामले हो चुकें है। लोग ज्यादा पैसे कमाने के लालच में अपनी मेहनत की पूंजी एक झटके में गवां देते है, इसलिए किसी भी तरह का बड़ा निवेश करने से पहले निचे दिए गये टिप्स का ख़ास ख्याल रखें।
1. अनजान ऐप या लिंक से दूर रहें- किसी भी अनजान ट्रेडिंग ऐप पर निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें। इससे आप Crypto Scam से जुड़े मामलों से बच सकेंगे।
2. FIU-India रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें- केवल भरोसेमंद और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें।
3. गारंटीड प्रॉफिट के दावे से सावधान रहें- क्रिप्टो मार्केट में फिक्स या गारंटीड रिटर्न संभव नहीं होता।
4. छोटी कमाई दिखाकर बड़े निवेश का दबाव खतरे का संकेत होता है, इससे दूर रहे।
5. बैंकिंग और OTP डिटेल कभी शेयर न करें।
6. संदेह होने पर तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
Crypto Scam से जुड़ा भोपाल का यह मामला दिखाता है कि क्रिप्टो करेंसी की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर ठग भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। निवेश से पहले रिसर्च करना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। लालच में आकर जल्दबाजी में लिया गया फैसला भारी नुकसान का कारण बन सकता है। डिजिटल निवेश में समझदारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टोकरेंसी एक उच्च जोखिम वाला डिजिटल एसेट है, जिसकी कीमत में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च अवश्य करें।
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