Bitcoin vs Ethereum: Q3 में ETH 71% चढ़ा, ETF पैसा किस ओर?
सितंबर 2026 खत्म होने को है और क्रिप्टो मार्केट में इस तिमाही की सबसे बड़ी बहस Bitcoin vs Ethereum की है। तीसरी तिमाही में Bitcoin ने करीब 44% का रिटर्न दिया, जबकि Ethereum ने इससे कहीं बड़ी छलांग लगाई, और ETH करीब 71% चढ़कर 2025 के अपने Q3 रिकॉर्ड (लगभग 66.5%) को पीछे छोड़ चुका है। इसी दौरान अमेरिका के spot Crypto ETF में पैसा आने-जाने का पैटर्न भी बार-बार बदला है, इसलिए सवाल उठ रहा है कि बड़े निवेशक क्या वाकई Bitcoin से ETH की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इसका जवाब समझने के लिए पहले उन दो मुख्य बातों को देखते हैं जो इस तिमाही से निकलकर आई हैं।

Source: Longtermtrend Website
ऊपर दिए गए चार्ट में, ईथर की कीमत को बिटकॉइन की कीमत से विभाजित करके दिखाया गया अनुपात यह दर्शाता है कि 1 ईथर खरीदने के लिए कितने बिटकॉइन की आवश्यकता होती है। जब यह अनुपात बढ़ता है, तो ईथर बिटकॉइन से बेहतर प्रदर्शन करता है - और जब यह घटता है, तो ईथर बिटकॉइन से खराब प्रदर्शन करता है।
Key Takeaways: Bitcoin vs Ethereum की तिमाही से क्या निकला?
ETH ने रिटर्न में बाज़ी मारी: Bitcoin के 44% के मुकाबले ETH का 71% के आसपास का रिटर्न बताता है कि तेज़ी के दौर में ETH ज़्यादा उछलता है। मान लीजिए किसी ने Q3 की शुरुआत में दोनों में 1-1 लाख रुपये लगाए होते, तो BTC वाला हिस्सा करीब 1.44 लाख और ETH वाला करीब 1.71 लाख हो गया होता।
Crypto ETF फ्लो की तस्वीर मिली-जुली है: अगस्त में ETH ETF में तगड़ा पैसा आया, लेकिन सितंबर में Bitcoin ETF ने रफ्तार पकड़ ली। जैसे, अगस्त के आखिरी हफ्तों में ETH ETF आगे थे, जबकि सितंबर के आखिरी हफ्ते में Bitcoin ETF में कई सौ मिलियन डॉलर एक ही दिन में आए। यानी "रोटेशन" कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।
इन दोनों बातों की तह में जाने के लिए सबसे पहले दोनों एसेट के आंकड़े साथ रखकर देखते हैं।
Bitcoin vs Ethereum परफॉर्मेंस: Q3 रिटर्न और ETH/BTC रेशियो में क्या फर्क रहा?
11 अगस्त से 10 सितंबर के बीच ETH ने 33.04% की बढ़त दर्ज की, जबकि Bitcoin की बढ़त 22.96% रही। साथ ही 2026 के फ्लो में ETH ETF करीब 863 मिलियन डॉलर के नेट इनफ्लो के साथ आगे रहे, जबकि Bitcoin ETF करीब 1 बिलियन डॉलर नेगेटिव रहे।
लेकिन ETH की कहानी इतनी सीधी नहीं है। ETH/BTC रेशियो अगस्त में 10 महीने के निचले स्तर 0.024 के आसपास चला गया था, और 19 से 21 अगस्त के बीच ETH करीब 20% चढ़ा जबकि Bitcoin करीब 7%। इसके बावजूद ETH अपने अगस्त 2025 के ऑल-टाइम हाई (4,951.66 डॉलर) से उस वक्त करीब 50% नीचे था। यानी ऊंचे रिटर्न निचले बेस से आए हैं। अब सवाल यह है कि इस उछाल के पीछे संस्थागत पैसा कितना है।
क्या Crypto ETF के ज़रिए संस्थागत पैसा Ethereum की ओर जा रहा है?
अगस्त में इसके मज़बूत संकेत मिले। US spot Ethereum ETF में 17 से 28 अगस्त के बीच लगातार नौ ट्रेडिंग सेशन में 1.42 बिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो आया, और इसका करीब 72% अकेले BlackRock के ETHA में गया। इससे पहले जुलाई में भी ETH ETF ने 11 जुलाई वाले हफ्ते में 84.42 मिलियन डॉलर जुटाए, जो लगातार आठ हफ्तों की निकासी के बाद पहला पॉज़िटिव हफ्ता था।
लेकिन सितंबर में तस्वीर पलट गई:
4 सितंबर वाले हफ्ते में ETH ETF का इनफ्लो पिछले हफ्ते के 815.7 मिलियन डॉलर से करीब 73.6% घटकर 215.3 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि Bitcoin ETF में 986.7 मिलियन डॉलर आए। इसके बाद 21 से 24 सितंबर के बीच Bitcoin ETF में करीब 2.39 बिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ, जिसमें 21 सितंबर अकेले 999 मिलियन डॉलर का दिन रहा।
ETH ETF की एक अलग खासियत स्टेकिंग है। ETH नेटवर्क पर स्टेकिंग से करीब 3% सालाना नेटिव यील्ड मिलती है, और BlackRock ने 12 मार्च 2026 को स्टेकिंग वाला ETHB लॉन्च किया, जो हर महीने यील्ड बांटता है। इस फंड में फीस कटने के बाद नेट यील्ड करीब 2% सालाना बैठती है। Bitcoin ETF में ऐसा कोई यील्ड नहीं मिलता, इसलिए कुछ निवेशकों के लिए ETH अलग विकल्प बन जाता है। तो रोटेशन हुआ है, पर पूरी तरह और लगातार नहीं। अब इसका बाज़ार पर क्या असर पड़ सकता है, यह देखना ज़रूरी है।
Crypto ETF फ्लो का बाज़ार पर असर
पहला असर सेंटिमेंट पर है। ETH/BTC रेशियो को अक्सर इस बात का संकेत माना जाता है कि क्रिप्टो मार्केट में पैसा किस तरफ जा रहा है, और ETH का ज़्यादा उछलना आमतौर पर रिस्क लेने की भूख बढ़ने की निशानी होता है।
दूसरा, कीमत पर फ्लो का असर हमेशा सीधा नहीं होता। अगस्त की ETF स्ट्रीक के बावजूद ETH की कीमत पर उसका असर कमज़ोर रहा। साथ ही Bitcoin ETF के पास ETH ETF से कहीं ज़्यादा कुल एसेट हैं, जबकि US spot ETH ETF के पास करीब 12 बिलियन डॉलर का कुल एसेट है। इसलिए बाज़ार की दिशा तय करने में Bitcoin की भूमिका अब भी बड़ी है।
तीसरा, Q4 को लेकर सतर्कता है। इतिहास में Q4 आमतौर पर Q3 से मज़बूत रहा है, लेकिन इस बार दोनों एसेट बड़ी बढ़त के साथ Q4 में जा रहे हैं, इसलिए आगे की चाल ETF इनफ्लो की मज़बूती और स्पॉट डिमांड पर टिकी होगी। अब इन सब बातों को जोड़कर बड़ी तस्वीर देखते हैं।
आगे की राह: Bitcoin vs Ethereum में किसका पलड़ा भारी?
कुल मिलाकर, इस तिमाही में ETH रिटर्न में आगे रहा और अगस्त में Crypto ETF का पैसा भी उसकी तरफ गया। लेकिन सितंबर में Bitcoin ETF की वापसी बताती है कि संस्थागत निवेशक दोनों में पैसा लगा रहे हैं, किसी एक को छोड़ नहीं रहे। यानी Bitcoin vs Ethereum का मुकाबला "कौन जीता" से ज़्यादा "कौन कब आगे रहा" का है, और आने वाले हफ्तों का ETF फ्लो डेटा सबसे भरोसेमंद संकेत देगा।
Disclaimer
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न समझें। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है और कीमतें तेज़ी से बदल सकती हैं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें। भारत में क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर टैक्स के नियम लागू होते हैं।