Crypto News India: BTC ₹80 लाख के करीब, $463M की लिक्विडेशन से दबाव
आज क्रिप्टो बाज़ार दो उलटी तस्वीरें एक साथ दिखा रहा है। एक तरफ बड़े संस्थागत निवेशक Bitcoin में पैसा लगा रहे हैं, और दूसरी तरफ अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरें और महंगा तेल छोटे ट्रेडर्स की पोज़ीशन को तोड़ रहे हैं। 29 सितंबर 2026 को Bitcoin Price INR करीब ₹80 लाख पर कारोबार कर रहा है, और पिछले 24 घंटे में लगभग $463 मिलियन की लीवरेज्ड पोज़ीशन लिक्विडेट हुई हैं। लिक्विडेशन का मतलब है कि उधार लेकर ट्रेड करने वालों का दांव उल्टा पड़ने पर एक्सचेंज ने उनकी पोज़ीशन ज़बरदस्ती बंद कर दी। दूसरी तरफ, पिछले हफ़्ते अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ईटीएफ (ऐसे फंड जो सीधे Bitcoin खरीदकर रखते हैं) में करीब $2.4 बिलियन का नेट इनफ्लो आया था।
भारत के निवेशकों के लिए इसमें एक तीसरा फैक्टर भी है: रुपये की कमज़ोरी, जो INR में दिखने वाली क्रिप्टो कीमतों को सीधे प्रभावित करती है।
डेटा नोट: नीचे की कीमतें 29 सितंबर की सुबह के भारतीय मार्केट डेटा पर आधारित हैं। क्रिप्टो कीमतें लगातार बदलती रहती हैं।
Crypto Market Today: क्या है आज का हाल
Coingecko Website से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,
Bitcoin डोमिनेंस बताता है कि पूरे क्रिप्टो मार्केट में Bitcoin की हिस्सेदारी कितनी है, और अभी यह 58.6% के आसपास है। फियर एंड ग्रीड इंडेक्स निवेशकों के मूड को 0 से 100 के बीच नापता है, और 74 का मतलब है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंटीमेंट अभी सकारात्मक है।
एक नज़र में:
Bitcoin ₹80 लाख के आसपास: पिछले सात दिनों में BTC करीब 3.4% नीचे आया है, और लगातार कई सेशन की कमज़ोरी ने शॉर्ट-टर्म मोमेंटम को धीमा किया है।
लॉन्ग पोज़ीशन पर मार: कुल $463M में से $368.16M लॉन्ग पोज़ीशन (यानी कीमत बढ़ने पर दांव लगाने वालों) की थीं, जबकि शॉर्ट पोज़ीशन की लिक्विडेशन सिर्फ़ $94.98M रही। इसका मतलब है कि सबसे ज़्यादा नुकसान तेज़ी की उम्मीद वाले ट्रेडर्स को हुआ। कुल 118,235 ट्रेडर्स लिक्विडेट हुए।
ईटीएफ की मांग मज़बूत: 21 से 25 सितंबर के बीच $2.4B का वीकली इनफ्लो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे बड़ा था।
Top Cryptocurrency Price in India: टॉप कॉइन्स की कीमत (INR में)
मार्केट कैप के हिसाब से बड़े कॉइन्स का हाल यह है। स्टेबलकॉइन Tether (USDT) करीब ₹95.94 और USDC करीब ₹95.98 पर स्थिर रहे, जो डॉलर-रुपये की चाल को दिखाता है।
Crypto Market पर दबाव की असली वजह
Bitcoin की कमज़ोरी सिर्फ़ क्रिप्टो के अंदर की बिकवाली से नहीं आ रही। अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड (सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज) 5.27% पर पहुँच गई है, जो 19 साल का उच्चतम स्तर है, और Brent क्रूड ऑयल करीब $106 से $107 प्रति बैरल तक चढ़ा है। जब सुरक्षित बॉन्ड में ज़्यादा ब्याज मिलने लगता है और महंगाई का डर बढ़ता है, तो निवेशक क्रिप्टो जैसे जोखिम वाले एसेट से पैसा निकालने लगते हैं।
फिर भी संस्थागत मांग कमज़ोर नहीं पड़ी है। ईटीएफ में $2.4B आने के साथ Strategy ने भी करीब $142.7M में 1,665 BTC खरीदे, जिससे उसकी कुल होल्डिंग 847,666 BTC हो गई।
अल्टकॉइन्स की तस्वीर ज़्यादा मिली-जुली है। Solana जैसे हाई-बीटा एसेट (जो बाज़ार गिरने पर ज़्यादा गिरते हैं) को जोखिम से दूरी वाले माहौल में दबाव झेलना पड़ा। CoinMarketCap के एनालिसिस के मुताबिक यह गिरावट Solana की किसी अपनी बुरी खबर से नहीं, बल्कि मैक्रो माहौल से जुड़ी है। वहीं Zcash में हालिया तेज़ी के बाद बड़े पैमाने पर मुनाफ़ावसूली दिखी।
Top 5 Trending Cryptocurrency in India
जब बड़े कॉइन्स लाल निशान में हैं, तब भारतीय स्क्रीन पर Hedera, Quant, Algorand, Chainlink और XDC Network में अच्छी तेज़ी दिखी। ET Markets के डेटा में HBAR, ALGO और LINK टॉप गेनर्स में रहे।
1. Hedera (HBAR): कीमत करीब ₹11.66, 24 घंटे में +28.71%। भारी वॉल्यूम के साथ आई इस रैली में 24 घंटे का वॉल्यूम लगभग ₹12,330 करोड़ रहा, और 7 दिन में टोकन करीब 30.42% चढ़ा है।
2. Quant (QNT): कीमत करीब ₹23,328, 24 घंटे में +5.45%। आज की असली कहानी इसका हालिया मोमेंटम है, क्योंकि 7 दिन में यह करीब 258% और 30 दिन में करीब 297% चढ़ चुका है। इतनी तेज़ी के बाद ट्रेडर्स की नज़र इस पर बनी हुई है, पर इतनी ऊँची चढ़ाई के बाद जोखिम भी ज़्यादा होता है।
3. Algorand (ALGO): कीमत करीब ₹12.95, 24 घंटे में +14.76%। इसने बाकी अल्टकॉइन बाज़ार से बेहतर प्रदर्शन किया है, 7 दिन में करीब 20.28% की बढ़त के साथ, और 24 घंटे का वॉल्यूम लगभग ₹2,660 करोड़ रहा।
4. Chainlink (LINK): कीमत करीब ₹1,473, 24 घंटे में +9.26%। 7 दिन में करीब 17.29% और 30 दिन में करीब 33.8% की बढ़त ने इसे आज के प्रमुख मूवर्स में रखा है।
5. XDC Network (XDC): कीमत करीब ₹3.47, 24 घंटे में +12.08%। इसने 7 दिन में करीब 19.35% और 30 दिन में करीब 31.11% की बढ़त दर्ज की है।
Crypto Market News Today: पिछले 24 घंटे की बड़ी खबरें
$463M की लिक्विडेशन
CoinGlass के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 118,235 ट्रेडर्स लिक्विडेट हुए। सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर ETHUSDT में करीब $11.82M का था, और लिक्विडेशन हीटमैप में BTC और ETH सबसे बड़े पूल के रूप में दिखे।
असर: लीवरेज्ड लॉन्ग पोज़ीशन की ज़बरदस्ती बिकवाली शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव को और बढ़ा सकती है।
अमेरिकी Bitcoin ETF में $2.4B का इनफ्लो
Sosovalue Website से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 21 से 25 सितंबर के बीच US Spot Bitcoin ETF में करीब $2.4B का नेट इनफ्लो आया, जिसके बाद 2026 के कुल ईटीएफ फ्लो फिर पॉज़िटिव हो गए हैं।
असर: यह BTC के लिए लिक्विडिटी का मज़बूत संकेत है, लेकिन ईटीएफ फ्लो और स्पॉट प्राइस शॉर्ट-टर्म में हमेशा एक ही दिशा में नहीं चलते।
Strategy ने खरीदे 1,665 BTC
Strategy ने 21 से 27 सितंबर के बीच करीब $142.7M में 1,665 BTC खरीदे, और कुल होल्डिंग अब 847,666 BTC है।
असर: कंपनियों की यह खरीदारी Bitcoin की संस्थागत स्वीकार्यता की कहानी को मज़बूत करती है। हालाँकि इस खरीद का पैसा MSTR के शेयर बेचकर जुटाया गया था, इसलिए इसे सीधे स्पॉट मार्केट के खरीदारी दबाव के बराबर नहीं मानना चाहिए।
रुपया ₹96 प्रति डॉलर के पार
29 सितंबर को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.1450 तक कमज़ोर हुआ, जो दो महीने का निचला स्तर है। Reuters के अनुसार इसकी मुख्य वजह बढ़ती क्रूड कीमतें और US-Iran तनाव रहे।
असर: USD/INR की चाल का सीधा असर INR में दिखने वाली क्रिप्टो कीमतों पर पड़ता है। लेकिन रुपये की कमज़ोरी का यह मतलब नहीं कि डॉलर में क्रिप्टो की कीमत भी बढ़ेगी।
Crypto Market में अगले 24 घंटे में किन चीज़ों पर नज़र रखें
मैक्रो डेटा
क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए इस समय सबसे बड़ा बाहरी ट्रिगर अमेरिका का महंगाई, रोज़गार और ट्रेजरी यील्ड से जुड़ा डेटा है। Reuters के अनुसार इस हफ़्ते बाज़ार की नज़र US जॉब ओपनिंग्स, ADP रोज़गार और PCE (महंगाई का एक अहम पैमाना) पर रहेगी। साथ ही, तेल की कीमतें ऊँची रहीं तो महंगाई और ब्याज दरों की उम्मीदों के ज़रिए क्रिप्टो पर परोक्ष दबाव बना रह सकता है।
टोकन अनलॉक
टोकन अनलॉक का मतलब है कि पहले लॉक रखे गए टोकन बाज़ार में आ जाते हैं, जिससे सप्लाई बढ़ती है और कीमत पर दबाव आ सकता है। DefiLlama के मुताबिक Falcon Finance (FF) का करीब 4.08% अनलॉक 29 सितंबर को और GUN का करीब 7.71% अनलॉक 30 सितंबर को तय है।
TokenToria के कैलेंडर में 29 सितंबर के लिए ASTER, REZ, FLX, WAL, FF, MEGA, ZORA और L3 समेत कई अनलॉक दर्ज हैं। ऐसे मौकों पर अनलॉक का साइज़ और उस टोकन की लिक्विडिटी, दोनों देखना ज़रूरी है।
एक्सचेंज अपडेट: लिस्टिंग और लॉन्च
Binance: 29 सितंबर के आसपास नई स्पॉट लिस्टिंग की जगह TradFi पर्पेचुअल कॉन्ट्रैक्ट, स्टॉक ट्रेडिंग और मौजूदा एसेट्स के सपोर्ट से जुड़े अपडेट ज़्यादा दिख रहे हैं। Binance ने 24 सितंबर को Hyperliquid (HYPE) को सीड टैग के साथ लिस्ट किया था।
Bybit: 28 सितंबर को KIIUSDT पर्पेचुअल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्टिंग और Valuechain नेटवर्क अपग्रेड के सपोर्ट जैसे अपडेट आए।
OKX: OKX चुनिंदा USDⓈ स्पॉट पेयर्स को USDC-बेस्ड पेयर्स में माइग्रेट कर रहा है। प्रभावित USDⓈ पेयर्स 30 सितंबर को डिलिस्ट होंगे, जबकि संबंधित USDC पेयर्स पहले से उपलब्ध हैं।
जोखिम: नई लिस्टिंग और सीड टैग वाले टोकन में शुरुआती उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी का जोखिम आम तौर पर ज़्यादा होता है। पर्पेचुअल कॉन्ट्रैक्ट में लीवरेज की वजह से नुकसान का खतरा और भी बढ़ जाता है।
निष्कर्ष: आपके लिए इसका क्या मतलब है?
29 सितंबर का Crypto Market मिला-जुला है। ईटीएफ में $2.4B का इनफ्लो और Strategy की खरीदारी बताती है कि बड़े निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, जबकि $463M की लिक्विडेशन, 5.27% की ट्रेजरी यील्ड और महंगा तेल शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहे हैं।
अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो ईटीएफ और कॉर्पोरेट खरीद जैसे संकेत आपके पक्ष में हैं, इसलिए रोज़ की गिरावट से घबराने की ज़रूरत कम है। अगर आप लीवरेज पर ट्रेड करते हैं, तो आज की लिक्विडेशन एक चेतावनी है कि ऐसे माहौल में पोज़ीशन का साइज़ छोटा रखना समझदारी है। और अगर आप HBAR, QNT या LINK जैसे तेज़ी वाले टोकन देख रहे हैं, तो एक दिन की रैली के पीछे भागने से पहले एंट्री का स्तर और अनलॉक जैसी चीज़ें ज़रूर जाँच लें। अगले 24 घंटे में अमेरिकी मैक्रो डेटा, तेल की कीमतें और ईटीएफ फ्लो पर नज़र रखना सबसे अहम रहेगा।
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टैक्स और डिस्क्लेमर
क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) बेहद अस्थिर और जोखिम भरे होते हैं। भारत में VDA से होने वाली आय पर Section 115BBH के तहत 30% टैक्स लगता है, साथ में लागू सरचार्ज और सेस भी हो सकते हैं। इनकम टैक्स विभाग के अनुसार VDA ट्रांसफर पर Section 194S के तहत 1% TDS भी लागू हो सकता है, जो तय शर्तों और सीमाओं पर निर्भर करता है। (Income Tax Department)
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। इसे निवेश, ट्रेडिंग, टैक्स या वित्तीय सलाह न समझें। किसी भी ट्रांज़ैक्शन से पहले ताज़ा एक्सचेंज डेटा और भारतीय टैक्स नियम जाँच लें, और ज़रूरत हो तो किसी योग्य वित्तीय या टैक्स सलाहकार से बात करें।