Tether

Tether Price In India

USDT
₹88.05

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Trade
24H Range
₹88.12 ₹88.05
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52 Week Range
₹50.47 ₹116.63
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24H Volume
₹578,369.45 Cr
Tether Tether Price In India $USDT
$ 0.998909

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24H Range
1.00 1.00
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52 Week Range
0.57 1.32
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24H Volume
65,611,962,255
मार्केट कैप ₹1,647,463.03 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹1,695,600.39 Cr
सप्लाई सर्कुलेटिंग ₹1,649,298.34 Cr
सप्लाई टोटल ₹1,649,298.34 Cr
सप्लाई मैक्स ₹0.00
मार्केट कैप ₹1,647,463.03 Cr
फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन ₹1,695,600.39 Cr
सप्लाई (सर्कुलेटिंग / टोटल / मैक्स) ₹1,649,298.34 Cr/ ₹0.00

Tether Information
वेबसाइट tether.to/
USDT Historical Price
24h Range ₹0.03
7d Range ₹-4.58
All-Time High ₹116.36
All-Time Low ₹0.00
Crypto to INR Converter
INR
1 USDT = ₹0
USDT ↔ INR Calculator
INR
USDT
USDT ↔ USD Calculator
USD
USDT

Exchange Trading- Spot

Exchange Type Pair Price 24h Volume Spread
WazirX Spot BTC/INR ₹ 7,964,444.00 ₹ 1 0.13 %
BitBNS Spot BTC/INR ₹ 4,898,961.19 ₹ 4 3.45 %
ZebPay Spot BTC/INR ₹ 8,052,022.05 ₹ 1 0.00 %
BuyUcoin Spot BTC/INR ₹ 3,450,000.00 ₹ 8 8.73 %
KoinBX Spot BTC/INR ₹ 7,972,783.81 ₹ 65 0.01 %
CoinDCX Spot BTC/INR ₹ 8,938,924.69 ₹ 0 0.72 %
Giottus Spot BTC/INR ₹ 7,900,009.10 ₹ 0 5.39 %
Koinpark Spot BTC/INR ₹ 8,279,833.43 ₹ 21 0.01 %

Tether News (USDT News)

Tether (USDT) क्या है?

Tether (USDT) आज क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की नींव की तरह बन चुका है क्योंकि यह एक ऐसा Stablecoin है जिसकी कीमत लगभग हमेशा 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर रहती है। यह स्थिरता इसे उन ट्रेडर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है जो मार्केट की तेज़ वोलैटिलिटी से बचना चाहते हैं। तेज़ उतार-चढ़ाव वाले मार्केट में USDT एक “Safe Parking Zone” की तरह काम करता है, जहाँ यूज़र बिना अपने फंड को बैंक में वापस भेजे, क्रिप्टो मार्केट के अंदर ही सुरक्षित रह सकते हैं। इसीलिए USDT को आज दुनिया का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला Stablecoin माना जाता है।

और पढ़ें: “Stablecoin क्या है? पूरी जानकारी

Tether Meaning – इसका सरल मतलब क्या है?

Tether एक डिजिटल Stablecoin है जिसे Fiat Currency यानी USD (अमेरिकी डॉलर) से 1:1 ratio में जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि 1 USDT = 1 USD ही रहने की कोशिश करता है, जिससे इसमें price fluctuation लगभग ना के बराबर होता है। ऐसे समय में जब Bitcoin और Ethereum मिनटों में कई प्रतिशत ऊपर-नीचे हो जाते हैं, Tether users को एक भरोसेमंद और स्थिर विकल्प प्रदान करता है। यह stable value इसे व्यापार, भुगतान और savings में एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है।

संबंधित लेख: “Crypto Wallet क्या है? आसान भाषा में समझें”

Tether की जरूरत क्यों पड़ी? मार्केट में इसकी भूमिका

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में सबसे बड़ी समस्या है volatility - मूल्य का लगातार ऊपर-नीचे होना। ऐसे माहौल में Tether ने स्थिरता का विकल्प देकर पूरे मार्केट को एक मजबूत आधार दिया। जब भी मार्केट गिरता है, ट्रेडर्स अपनी क्रिप्टो को USDT में कन्वर्ट कर लेते हैं ताकि नुकसान से बचा जा सके। इसके अलावा, USDT के कारण यूज़र्स को फिएट बैंक सिस्टम पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती और वे 24×7 क्रिप्टो मार्केट में active रह सकते हैं।

 USDT का इतिहास (History of Tether Coin)

Tether को 2014 में लॉन्च किया गया था और शुरू में इसका नाम RealCoin था, जिसे बाद में बदलकर Tether (USDT) रखा गया। यह सबसे पहले Bitcoin Blockchain पर Omni Layer के माध्यम से चला, लेकिन इसकी बढ़ती मांग के चलते इसे Ethereum, Tron, Solana, Polygon और BNB Chain जैसे तेज़ और सस्ते नेटवर्क्स पर भी लॉन्च किया गया। आज Tether दुनिया का सबसे बड़ा Stablecoin है जिसका रोज़ाना का ट्रेडिंग वॉल्यूम अरबों डॉलर तक पहुँचता है।

पढ़ें: “Ethereum (ETH) क्या है? पूरी जानकारी”

USDT Wallet - कहां स्टोर करें?

USDT को सुरक्षित रखने के लिए सही वॉलेट चुनना बहुत जरूरी है। Hot Wallets जैसे Trust Wallet, MetaMask और Binance Wallet इंटरनेट से जुड़े होने की वजह से आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं और नए यूज़र्स के लिए बेहतर होते हैं। दूसरी ओर, Cold Wallets जैसे Ledger और Trezor ऑफलाइन, हार्डवेयर डिवाइस होते हैं, जिनमें हैक होने का जोखिम लगभग शून्य होता है। सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित लोग Cold Wallet चुनते हैं जबकि Regular traders Hot Wallet prefer करते हैं।

USDT के अन्य प्रकार – सिर्फ डॉलर नहीं

Tether Limited ने अलग-अलग देशों की करेंसी और गोल्ड के आधार पर भी Stablecoins लॉन्च किए हैं ताकि वैश्विक यूज़र्स को multiple stable options मिल सकें। EURT यूरोप के लिए Euro-based stablecoin है, CNHT चीन की yuan-based economy के लिए बनाया गया है, MXNT मैक्सिकन peso आधारित है और XAUT एक डिजिटल गोल्ड टोकन है जिसे असली गोल्ड reserves द्वारा backed किया जाता है। यह diversification Tether को दुनिया की सबसे बड़ी stablecoin कंपनी बनाता है।

Tether कैसे काम करता है?

USDT का पूरा सिस्टम Redemption Model पर चलता है। जब कोई व्यक्ति अपनी fiat currency (जैसे INR, USD या EURO) देकर USDT खरीदता है, तो Tether Limited समान मूल्य के USDT टोकन जारी करता है। इसी तरह जब कोई यूज़र USDT को वापस USD में convert करता है, token को destroy कर दिया जाता है ताकि market में supply balance बनी रहे। रिज़र्व में रखा गया कैश, treasury bonds, cash-equivalents और अन्य assets इसकी कीमत को स्थिर बनाए रखते हैं।

Tether Price Prediction 2025–2030

Stablecoin होने के कारण USDT की कीमत लगभग हमेशा 1 USD के आसपास रहती है और भविष्य में भी इसके मूल्य में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 2025 से 2030 तक इसका मूल उद्देश्य ही यही रहेगा कि यह crypto traders को एक stable और सुरक्षित option दे सके। इसलिए price prediction हमेशा $1 ही रहेगा जब तक कि इसका reserve fully maintained और transparent रहता है।

देखें: “Bitcoin Price Prediction 2025–2030

Tether Controversies - रिजर्व और पारदर्शिता का मुद्दा

Tether पिछले कई वर्षों से विवादों में रहा है क्योंकि कई रिपोर्ट्स ने सवाल उठाए कि क्या हर USDT के बदले Tether के पास पूरा 1 USD रिज़र्व में रखा हुआ है। बाद में कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके रिज़र्व में न केवल cash बल्कि commercial papers, treasury bills और secured loans भी शामिल हैं। हालांकि यह आज transparency reports daily publish करता है, लेकिन पूरी तरह audited report के अभाव में आलोचना जारी रहती है। फिर भी liquidity और market utility के कारण USDT की मांग लगातार बढ़ रही है।

Tether (USDT) का उपयोग कहां होता है?

USDT का सबसे बड़ा उपयोग crypto trading में होता है क्योंकि यह BTC, ETH, SOL जैसे volatile coins से होने वाले risk को काफी कम कर देता है। इसके अलावा, cross-border payments, DeFi staking, lending platforms, arbitrage trading और merchant payments में भी USDT का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लगभग हर global exchange USDT को primary trading pair के रूप में उपयोग करता है, जिससे liquidity बेहद मजबूत रहती है।

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भारत में USDT कैसे खरीदें? (How to Buy USDT in India)

भारत में USDT खरीदना अब पहले से बहुत आसान हो गया है। CoinDCX, WazirX, ZebPay और Giottus जैसी exchanges KYC पूरा करने के बाद users को INR के माध्यम से USDT खरीदने की सुविधा देती हैं। इसके अलावा Binance और OKX की P2P services users को सीधे peer-to-peer trades करने देती हैं, जो बिल्कुल बिना fees के भी हो सकती हैं। बड़े निवेशक OTC (Over-the-Counter) dealers से bulk खरीदना prefer करते हैं क्योंकि वहाँ price negotiation भी संभव होता है।

USDT Tether News & Latest Updates

हाल ही में Tether ने घोषणा की है कि वह अमेरिका के regulatory framework के अनुसार एक नया Stablecoin लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जो US market के लिए अधिक compliant होगा। साथ ही, कंपनी ने Rumble के साथ साझेदारी की है जिसके तहत Rumble Wallet नाम का नया crypto-enabled wallet लॉन्च किया जाएगा जो creators के लिए payments और monetization आसान करेगा। इससे Web3 ecosystem में Tether की पकड़ और मजबूत होने की संभावना है।

क्या USDT सुरक्षित है? (Is Tether Safe for Investment?)

USDT investment token की तरह नहीं बल्कि utility token की तरह काम करता है। इसका उद्देश्य stable value देना है, लेकिन regulatory risks और transparency concerns इसके साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं। फिर भी market में इसकी liquidity और universal acceptance इसे आज भी सबसे ज़्यादा भरोसेमंद stable asset बनाते हैं। यदि आप USDT hold कर रहे हैं, तो नियमित रूप से इसकी transparency reports और regulatory news पर नजर रखना जरूरी है।

Conclusion – क्या Tether भविष्य में भी मजबूत रहेगा?

Tether (USDT) ने crypto world में एक स्थिर backbone की तरह योगदान दिया है, जिससे global traders, investors और DeFi users को एक सुरक्षित और तेज़ विकल्प मिलता है। पारदर्शिता से जुड़े सवाल अब भी मौजूद हैं, लेकिन USDT की बढ़ती adoption, liquidity और global usability को देखते हुए यह आने वाले वर्षों में भी crypto market का एक आवश्यक हिस्सा बना रहेगा।

Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। इसलिए किसी भी निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करें और विशेषज्ञ की राय लें।

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Tether (USDT) एक Stablecoin है जिसकी कीमत USD (अमेरिकी डॉलर) से 1:1 पेग्ड रहती है। इसका मतलब यह है कि हर USDT के पीछे Tether Limited कुछ रिज़र्व (cash, treasury bills, bonds आदि) रखता है, जिससे इसकी कीमत लगभग हमेशा 1 डॉलर के आसपास बनी रहती है। इसका उद्देश्य volatile crypto market में stability प्रदान करना है।
USDT Bitcoin या Ethereum से ज्यादा stable है, लेकिन इसे ज्यादा सुरक्षित नहीं कहा जा सकता। Bitcoin और Ethereum decentralized cryptocurrencies हैं, जबकि USDT एक centralized stablecoin है। USDT कीमत में स्थिर है, जबकि BTC और ETH long-term investments माने जाते हैं।
सबसे सुरक्षित विकल्प Cold Wallets हैं जैसे Ledger और Trezor, क्योंकि ये इंटरनेट से disconnected रहते हैं। Hot Wallets जैसे Trust Wallet, MetaMask और Binance Wallet आसान उपयोग के लिए अच्छे हैं, लेकिन ऑनलाइन होने के कारण थोड़ा risk रहता है।
USDT का उद्देश्य investment नहीं बल्कि stability है। इसकी कीमत बढ़ती नहीं है क्योंकि यह हमेशा 1 डॉलर के आसपास रहती है। लोग इसे trading, funds को सुरक्षित रखने और liquidity बनाए रखने के लिए उपयोग करते हैं। Long-term profit के लिए USDT suitable नहीं है।
जब आप फिएट मुद्रा (जैसे INR या USD) देकर USDT खरीदते हैं, तो Tether Limited उतनी ही मात्रा में USDT mint करता है। वहीं जब यूज़र USDT को redeem करता है, तो उतनी ही मात्रा में token burn कर दिए जाते हैं। इस process से supply control रहती है और कीमत stable बनी रहती है।
USDT कई ब्लॉकचेन पर उपलब्ध है, जैसे Ethereum (ERC20), Tron (TRC20), Binance Smart Chain (BEP20), Solana, Polygon और Avalanche। इसी वजह से USDT दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला stablecoin है।
भारत में USDT Indian exchanges जैसे CoinDCX, WazirX, ZebPay और Giottus से KYC पूरा करके खरीदा जा सकता है। इसके अलावा Binance P2P और OKX P2P के ज़रिए भी INR में USDT खरीदने का विकल्प उपलब्ध है।
Tether पहले दावा करता था कि हर USDT के बदले पूरा 1 डॉलर cash रिज़र्व में रखा जाता है। बाद में खुलासा हुआ कि रिज़र्व में commercial papers, bonds और अन्य assets भी शामिल हैं। कंपनी transparency reports जारी करती है, लेकिन fully audited reports अभी भी सीमित हैं।
USDT एक centralized और सबसे ज्यादा traded stablecoin है। USDC को ज्यादा transparent और audited माना जाता है। DAI एक decentralized stablecoin है जो crypto collateral से backed होता है। हर stablecoin का use-case और trust level अलग-अलग होता है।
हाँ, high trading volume, liquidity और global availability के कारण USDT आने वाले समय में भी crypto market की backbone बना रह सकता है। हालांकि transparency और reserves से जुड़े मुद्दों पर निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। stablecoins की बढ़ती demand USDT की relevance को और मजबूत कर सकती है।