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Crypto Scam: डबल रिटर्न का लालच बना जाल, ठगे 3 करोड़, आप ऐसे बचे

दुबई की फर्जी कंपनी बताकर चलाया बड़ा स्कैम, Forex के नाम पर ठगी

क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के बढ़ते आकर्षण के बीच एक और बड़ा Crypto Scam सामने आया है, जिसने निवेशकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच यह ताजा घटना बताती है कि कैसे फर्जी कंपनियां और नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लोगों को आसान और ज्यादा मुनाफे का सपना दिखाकर बड़े स्तर पर ठगी कर रही हैं। इस मामले में करीब 3 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई है, जिसमें कई निवेशकों को निशाना बनाया गया। तो आइए डिटेल में जानते हैं Crypto Scam के इस ताजा मामले के बारे में और आप इस तरह के स्कैम से कैसे बच सकते हैं 

‘Block Buster’ के नाम पर शुरू Crypto Scam

रिपोर्ट की माने तो यह पूरा मामला जनवरी 2023 में शुरू हुआ, जब यमुनानगर के तिलकनगर निवासी अजय शर्मा और जितेंद्र पराशर की मुलाकात अमित खेडा और रमेश दत्ता से हुई। दोनों आरोपियों ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग का जानकार बताते हुए ‘Block Buster’ नाम की एक कंपनी के बारे में बताया।

निवेशकों को यह भरोसा दिलाया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से कम समय में अच्छा और लगातार मुनाफा कमाया जा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि कई लोग पहले से इसमें निवेश कर लाभ कमा रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया।

धीरे-धीरे विश्वास मजबूत करने के लिए आरोपियों ने अपने अन्य साथियों समदर्श, सोनी इसरानी और हरनेक सिंह से भी मुलाकात कराई। इससे पूरा सेटअप एक संगठित और भरोसेमंद नेटवर्क जैसा दिखाई देने लगा और लोग बिना शक किए निवेश करने लगे।

‘Trade Master 9’ ऐप से दिखाई गई फर्जी कमाई

निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने उन्हें ‘Trade Master 9’ नाम का एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया। इस ऐप में दिखाया जाता था कि निवेश की गई रकम लगातार बढ़ रही है और भारी मुनाफा हो रहा है। इससे लोगों को लगा कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और अच्छा रिटर्न मिल रहा है।

इसी भरोसे का फायदा उठाकर अलग-अलग निवेशकों से कुल मिलाकर लगभग 3 करोड़ रुपये निवेश करवा लिए गए। लेकिन असल में यह पूरा सिस्टम सिर्फ एक दिखावा था, जिसका असली शेयर मार्केट या किसी भी वास्तविक ट्रेडिंग से कोई संबंध नहीं था।

कंपनी का नाम बदलकर ‘BFX प्रो’ और दुबई का दावा

साल 2024 में आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर ‘BFX प्रो’ रख दिया और दावा किया कि यह दुबई में रजिस्टर्ड एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म है। इसका मकसद निवेशकों का भरोसा और मजबूत करना था। शुरुआत में कुछ लोगों को छोटे-छोटे भुगतान भी किए गए, जिससे सभी को लगा कि सिस्टम असली है और मुनाफा मिल रहा है। लेकिन अगस्त 2025 के बाद अचानक सभी पेमेंट बंद हो गए, जिससे निवेशकों को शक हुआ कि वे एक बड़े Crypto Scam में फंस चुके हैं।

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बहाने, बैठकें और अंततः गायब हुआ प्लेटफॉर्म

जब निवेशकों को भुगतान मिलना बंद हो गया, तो आरोपियों ने बहाना बनाया कि कंपनी का काम दुबई में शिफ्ट किया जा रहा है और जल्द ही सभी पैसे लौटा दिए जाएंगे। इसके बाद कालका के एक होटल में करीब 300 निवेशकों की बड़ी बैठक भी बुलाई गई, जहां वादा किया गया कि जनवरी 2026 से किस्तों में पैसा वापस किया जाएगा। लेकिन यह सिर्फ लोगों को शांत करने का तरीका था। धीरे-धीरे न तो कोई पैसा वापस आया और न ही ‘Trade Master 9’ ऐप चल रहा है, जिससे साफ हो गया कि पूरा प्लेटफॉर्म ही बंद हो चुका और ये Crypto Scam से जुड़ा बड़ा मामला है।

पुलिस कार्रवाई और पहले से दर्ज मामले

इस Crypto Scam मामले में फर्कपुर थाना पुलिस ने अमित खेडा, उसकी पत्नी समदर्श, सोनी इसरानी, रमेश दत्ता और हरनेक सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन आरोपियों पर पहले से ही फॉरेक्स और क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी के तीन अन्य मामले दर्ज हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि ये ग्रुप पहले भी इसी तरह लोगों को निवेश का लालच देकर ठग चुका है। फ़िलहाल पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच रही है, ताकि अन्य पीड़ितों और इस तरह के संभावित घोटालों का भी पता लगाया जा सके।

इस तरह के Crypto Scam से कैसे बचें निवेशक?
  • किसी भी प्लेटफॉर्म में निवेश से पहले उसकी कंपनी की वैधता और FIU-India रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें।

  • गारंटीड या बहुत ज्यादा रिटर्न के वादों पर भरोसा न करें, यह अक्सर Crypto Scam होता है।

  • अनजान ऐप, वेबसाइट या “प्राइवेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म” में पैसा न लगाएं।

  • व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या अनजान एजेंट्स के जरिए मिलने वाले निवेश ऑफर्स से बचें।

  • जल्दी निवेश करने का दबाव बनाने वालों से सावधान रहें।

  • अपने सभी पैसे एक ही जगह न लगाकर डाइवर्सिफिकेशन करें।

  • किसी भी स्कीम को समझने के लिए समय लें और जल्दबाजी में निर्णय न लें।

कन्क्लूजन 

Crypto Scam से जुड़ा यह मामला साफ दिखाता है कि क्रिप्टो और फॉरेक्स के नाम पर चल रहे फर्जी प्लेटफॉर्म किस तरह लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ठगी कर रहे हैं। इसलिए किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है। याद रखें, सुरक्षित निवेश वही है जिसमें आप पूरी जानकारी और समझ के साथ फैसला लेते हैं, न कि जल्दबाजी या लालच में फैसला ना ले

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। क्रिप्टो और फॉरेक्स निवेश जोखिम भरे हो सकते हैं, इसलिए किसी भी प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले खुद रिसर्च जरूर करें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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यह एक कथित फर्जी क्रिप्टो और फॉरेक्स निवेश प्लेटफॉर्म था, जिसमें निवेशकों को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई। शुरुआत में ‘Block Buster’ नाम से प्लेटफॉर्म चलाया गया, बाद में इसका नाम बदलकर ‘BFX प्रो’ कर दिया गया।
निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ‘Trade Master 9’ नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया, जिसमें निवेश की गई रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती थी। लेकिन यह सिर्फ एक फर्जी सिस्टम था और इसका किसी वास्तविक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से कोई संबंध नहीं था।
आरोपियों ने खुद को फॉरेक्स एक्सपर्ट बताकर ज्यादा और गारंटीड रिटर्न का वादा किया। शुरुआत में कुछ लोगों को छोटे भुगतान किए गए ताकि भरोसा बढ़े और ज्यादा निवेश कराया जा सके। बाद में प्लेटफॉर्म अचानक बंद कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में शामिल आरोपियों पर पहले से ही क्रिप्टो और फॉरेक्स निवेश के नाम पर ठगी के तीन अन्य मामले दर्ज बताए गए हैं, जिससे यह एक संगठित नेटवर्क होने का संकेत मिलता है।
निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें, FIU-India रजिस्ट्रेशन देखें, गारंटीड रिटर्न के वादों से बचें, अनजान ऐप या लिंक पर पैसा न लगाएं, और किसी भी निवेश से पहले खुद रिसर्च जरूर करें।