Crypto News India: ED Raid में Mudrex, Instadapp पर ₹5,000 करोड़ आरोप
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Crypto News India में आज सबसे बड़ी खबर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई है। ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 27 अक्टूबर 2026 को FEMA, 1999 की धारा 37 के तहत बेंगलुरु के तीन और मध्य प्रदेश के एक परिसर में तलाशी ली। मामला क्रिप्टो और स्टेबलकॉइन के जरिए अनधिकृत क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन का है। जांच के घेरे में Mudrex, Saber.money, Fluid और Instadapp जैसे ब्रांड आए हैं।
ED के मुताबिक Mudrex से जुड़े उल्लंघन की राशि ₹4,600 करोड़ है, जबकि Instadapp पर करीब $40 मिलियन (लगभग ₹381 करोड़) के अवैध लेन-देन का आरोप है। दोनों को मिलाकर कुल आंकड़ा लगभग ₹5,000 करोड़ बताया जा रहा है।
ध्यान रखें: ये ED के आरोप और शुरुआती निष्कर्ष हैं। इन आरोपों को अभी दोष सिद्ध होने के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। भारत की ताज़ा क्रिप्टो खबरें आप हमारे क्रिप्टो न्यूज़ हिंदी सेक्शन में भी पढ़ सकते हैं।
Crypto News India: ED ने किन कंपनियों पर क्या आरोप लगाए?
Mudrex और Saber.money (RPFAS Technologies)
ED की जांच बेंगलुरु की कंपनी RPFAS Technologies Private Limited के खिलाफ मिली शिकायतों पर शुरू हुई, जो Mudrex और Saber.money चलाती है। ThePrint के मुताबिक Mudrex की वेबसाइट पर 3 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर्स का दावा किया गया है।
ED ने कथित तरीके (Modus Operandi) के बारे में बताया:
पैसा भेजने वाला प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करता है और कंपनी के बैंक खाते में रकम जमा करता है।
उस रकम से USDT जैसे स्टेबलकॉइन खरीदे जाते हैं।
इन स्टेबलकॉइन को भारत के क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बेचा जाता है और बिक्री की रकम पाने वाले तक पहुंचाई जाती है।
ED का आरोप है कि RPFAS ने कनाडा, लिथुआनिया और अमेरिका में शेल कंपनियां बनाईं, जिन्हें विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ मिलाकर RBI के नियमों के उल्लंघन में फंड ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किया गया। ED का कहना है कि ऐसी संस्थाएं RBI के तय रेमिटेंस नियमों का पालन नहीं कर रहीं।
Instadapp (Fluid)
Instadapp एक DeFi प्रोटोकॉल है जो Ethereum ब्लॉकचेन पर चलता है और लेंडिंग, बॉरोइंग और स्वैपिंग की सुविधा देता है। यह अब ज्यादातर "Fluid" नाम से काम करता है।
ED के आरोप:
प्लेटफॉर्म को अमेरिका की कंपनी (Instadapp Labs LLC, Delaware) द्वारा चलाया जाता हुआ दिखाया गया, लेकिन ED के मुताबिक यह सिर्फ कागजी इकाई है और पूरा डेवलपमेंट व संचालन भारत से होता है।
प्रोटोकॉल की कमाई और निवेशकों से जुटाई रकम स्टेबलकॉइन के रूप में BVI की कंपनी के मल्टी-सिग वॉलेट्स में आई, जिन्हें भारत में बैठे लोग नियंत्रित करते हैं।
इन स्टेबलकॉइन को सिंगापुर के एक्सचेंजों पर बेचा गया और रकम सिंगापुर बैंक खातों से "फर्जी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कंसल्टेंसी फीस" के नाम पर भारत भेजी गई।
ED के अनुसार सिंगापुर के खातों से पैसा संस्थापकों के दुबई स्थित बैंक खातों में भी भेजा गया।
दोनों कंपनियों का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ThePrint ने दोनों प्लेटफॉर्म्स को ईमेल से सवाल भेजे हैं और जवाब मिलने पर रिपोर्ट अपडेट करने की बात कही है।
Binance और Bybit का क्या कनेक्शन है?
ED ने अपने बयान में शेल कंपनियों, बड़े OTC सौदों और Binance व Bybit जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए FEMA के उल्लंघन में अवैध विदेशी पेआउट का जिक्र किया है। Finance Magnates के मुताबिक ED ने अमेरिका, कनाडा और लिथुआनिया में विदेशी संस्थाओं की पहचान की और Binance व Bybit को उन विदेशी एक्सचेंजों में गिना, जो जांच के दायरे में आए लेन-देन से जुड़े थे।
यहां बारीकी समझना जरूरी है। इन एक्सचेंजों का नाम उन प्लेटफॉर्म्स के तौर पर आया है जिनके जरिए कथित तौर पर पैसा घुमाया गया। इस रिपोर्टिंग में Binance या Bybit पर सीधे किसी उल्लंघन का आरोप नहीं बताया गया है।
पृष्ठभूमि के तौर पर: दिसंबर 2023 में भारत ने Binance समेत नौ ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच ब्लॉक करने की कार्रवाई की थी। Binance ने 2024 में FIU के पास रजिस्ट्रेशन कराया और बाद में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग उल्लंघनों के आरोप में उस पर ₹188.2 मिलियन का जुर्माना लगा। Binance से जुड़ी ताज़ा खबर के लिए पढ़ें: Binance Hacked $6.3 Billion: पूरी डिटेल
FEMA उल्लंघन क्या होता है और आगे क्या हो सकता है?
FEMA (Foreign Exchange Management Act) विदेशी मुद्रा के लेन-देन को नियंत्रित करता है। ThePrint के मुताबिक:
FEMA के तहत अपराध सिविल प्रकृति के होते हैं और ED की अनापत्ति के आधार पर RBI के साथ कंपाउंड किए जा सकते हैं।
एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी जांच सामग्री की जांच कर जुर्माने की राशि तय करती है, और उसके भुगतान से मामला कंपाउंड हो सकता है।
यानी मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है और अंतिम नतीजा आने में समय लगेगा।
Crypto News India से भारतीय निवेशकों के लिए सबक
क्रिप्टो से विदेश पैसा भेजने से बचें: ED के बयान के मुताबिक क्रिप्टो या स्टेबलकॉइन के जरिए क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस RBI के नियमों के दायरे में आता है। पैसा विदेश भेजना हो तो अधिकृत बैंकिंग चैनल ही इस्तेमाल करें।
प्लेटफॉर्म की कंप्लायंस जांचें: जिस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाएं, उसकी रजिस्ट्रेशन स्थिति और कंप्लायंस रिकॉर्ड देखें।
P2P और OTC डील में सावधानी: अनजान पार्टी से बड़े OTC या स्टेबलकॉइन सौदे करने से पहले जोखिम समझें, क्योंकि जांच एजेंसियां लेन-देन की ट्रेल खंगाल सकती हैं।
टैक्स नियम न भूलें: भारत में क्रिप्टो मुनाफे पर 30% टैक्स और ट्रांसफर पर 1% TDS लागू है।
अपडेट पर नजर रखें: RBI, FIU और ED की कार्रवाइयां इंडस्ट्री के नियम तय करती हैं, इसलिए रेगुलेटरी खबरों से अपडेट रहें।
Conclusion
आज की Crypto News India बताती है कि देश में क्रिप्टो-आधारित क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन पर सख्ती बढ़ रही है। Mudrex और Instadapp पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन वे अभी जांच के स्तर पर हैं और कंपनियों का जवाब आना बाकी है। Binance और Bybit का जिक्र उन प्लेटफॉर्म्स के रूप में आया है जिनके जरिए कथित तौर पर लेन-देन हुए। निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि नियमों के दायरे में रहें, अधिकृत चैनल अपनाएं और अफवाहों से बचें। भारत की हर बड़ी क्रिप्टो खबर के लिए जुड़े रहिए CryptoHindiNews के साथ।
Disclaimer: यह आर्टिकल उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और ED के बयान पर आधारित है। सभी आरोप जांच के अधीन हैं और किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। यह निवेश या कानूनी सलाह नहीं है।