XRP Ledger News: प्रतिबंधित टोकन के लूपहोल बंद करने के लिए आए 4 बदलाव
XRP Ledger News: XRP Ledger (XRPL) के डेवलपर्स ने एक ऐसे नियम की कमी पकड़ी है, जिससे कुछ प्रतिबंधित टोकन ऐसे अकाउंट्स तक पहुंच सकते थे जिन्हें जारीकर्ता (टोकन बनाने वाली कंपनी) ने मंज़ूरी ही नहीं दी थी। इसे ठीक करने के लिए चार कोड बदलाव एक ही अपग्रेड में जोड़े गए हैं। XRP Ledger Upgrade से जुड़ी ताज़ा बात यह है कि ये बदलाव अभी सिर्फ प्रस्ताव हैं और मेननेट (ब्लॉकचेन का असली, लाइव नेटवर्क) पर चालू नहीं हुए हैं।

Source : X Post
XRP Ledger News में आखिर हुआ क्या है?
XRP Ledger पर कुछ टोकन ऐसे हैं जिन्हें कोई भी अकाउंट नहीं रख सकता। जो कंपनी टोकन बनाती है (जारीकर्ता), वह पहले अकाउंट को इजाज़त देती है। स्टेबलकॉइन और टोकनाइज़्ड फंड (असली संपत्ति का डिजिटल रूप) में यह नियम आम है, और इजाज़त अक्सर पहचान की जांच (KYC) के बाद मिलती है। लेकिन अब डेवलपर्स को लगा है कि इस नियम में कुछ "लूपहोल" रह गए हैं, यानी कुछ ऐसे रास्ते जिनसे बिना इजाज़त वाले अकाउंट तक भी टोकन पहुंच सकते थे।
इन्हीं "लूपहोल" को बंद करने के लिए एक नया अमेंडमेंट (नेटवर्क के नियम में बदलाव का प्रस्ताव) बनाया गया है। इसका नाम fixCleanup3_5_0 है। इसका पूरा कोड XRPLF की रिपॉजिटरी (वह ऑनलाइन जगह जहां कोड रखा जाता है) पर सबके देखने के लिए मौजूद है।
अब सवाल उठता है कि "प्रतिबंधित टोकन" का असल मतलब क्या है और रास्ता कहां से खुल रहा था।
XRP Ledger में "प्रतिबंधित टोकन" और मंज़ूरी का पूरा मामला क्या है
XRP Ledger पर कोई भी अकाउंट किसी और के जारी किए टोकन को रखने के लिए ट्रस्ट लाइन (अकाउंट और जारीकर्ता के बीच बनने वाला रिश्ता, जिसमें टोकन रखे जाते हैं) बनाता है। जब जारीकर्ता "अप्रूवल ज़रूरी" वाला नियम चालू रखता है, तो उसकी मंज़ूरी के बिना वह ट्रस्ट लाइन अनऑथराइज़्ड (बिना मंज़ूरी वाली) मानी जाती है। XRP Ledger पर अकाउंट और वॉलेट कैसे काम करते हैं, यह समझना हो तो ज़ीरो XRP वॉलेट वाली हमारी पिछली खबर भी पढ़ सकते हैं।
CoinDesk की रिपोर्ट के मुताबिक XRP Ledger Foundation ने बताया कि डेवलपर्स यह भी देख रहे थे कि अगस्त 2025 के एक फिक्स से पहले NFT ट्रेड के रास्ते टोकन कैसे बिना मंज़ूरी वाले अकाउंट्स तक पहुंच सकते थे। यानी यह कमी पहले भी जांची जा चुकी है, और यह नया पैकेज बाकी बचे रास्ते बंद करने के लिए है।
इसके बाद सीधे उन चार बदलावों पर आते हैं।
XRP Ledger Upgrade में महत्वपूर्ण बदलाव
पहले बदलाव को थोड़ा विस्तार से समझते हैं। AMM पूल में पैसा डालने पर आपको एलपी टोकन (पूल में आपकी हिस्सेदारी का सबूत) मिलता है। यह खुद भी एक टोकन होता है और आगे ट्रांसफर हो सकता है। इसलिए नया नियम कहता है कि एलपी टोकन लेने वाले का दोनों अंदरूनी एसेट्स के लिए मंज़ूर होना ज़रूरी है।
तीसरा बदलाव सबसे दिलचस्प है। मौजूदा सिस्टम में मंज़ूरी की जांच तब लगती थी जब ट्रस्ट लाइन का बैलेंस ठीक ज़ीरो हो। यानी जिस लाइन में पहले से कुछ टोकन पड़े थे, वह और टोकन पा सकती थी। प्रस्ताव में इसी छूट को बंद किया गया है।
अब बात उस पर, जिसका सीधा असर पड़ेगा, यानी टोकन होल्डर्स।
इस XRPL News का होल्डर्स पर क्या असर पड़ेगा?
अगर किसी अकाउंट के पास बिना मंज़ूरी वाला प्रतिबंधित टोकन पड़ा है, तो नए नियम लागू होने पर वह टोकन ज़्यादातर सिर्फ जारीकर्ता को वापस भेजने के काम आएगा। यानी वह बैलेंस बर्बाद नहीं होगा, बस सीमित हो जाएगा।
राहत की बात यह है कि जारीकर्ता बाद में भी उस ट्रस्ट लाइन को मंज़ूरी दे सकता है। XRP Ledger Foundation के डायरेक्टर Hussein "Vet" Zangana ने CoinDesk को कहा कि जारीकर्ता कभी भी मंज़ूरी देकर टोकन का पूरा इस्तेमाल फिर से चालू कर सकता है। इसलिए जिनके पास वाजिब कारण से ऐसे बैलेंस हैं, उनके लिए रास्ता खुला रहेगा।
अब वह सवाल जो आम निवेशक के मन में आएगा: क्या यह कोई खतरे की बात है?
XRPL News के नज़रिए से: क्या घबराने की ज़रूरत है?
फिलहाल रिपोर्ट के हिसाब से नहीं। XRP Ledger Foundation ने इसे प्रोटोकॉल की रूटीन मज़बूती (हार्डनिंग) का काम बताया है और कहा है कि इसका किसी सुरक्षा घटना से कोई संबंध नहीं है। Zangana के मुताबिक यह चर्चा इस बारे में है कि प्रोटोकॉल को क्या गारंटी देनी चाहिए, किसी प्रभावित यूज़र की रिपोर्ट के बारे में नहीं।
Foundation ने यह भी बताया कि आज जो बिना मंज़ूरी वाले बैलेंस हैं, वे जारीकर्ताओं के अपने भुगतान या उनके पहले से मंज़ूर किए अकाउंट्स से आए हैं। किसी बाहरी व्यक्ति ने बाकी बचे रास्तों का फायदा उठाकर ऐसा कोई बैलेंस बनाया हो, इसकी जानकारी Foundation को नहीं है।
एक और बात ध्यान रखने लायक है। इस XRP Ledger Upgrade का सीधा संबंध XRP कॉइन की कीमत से नहीं है। यह टोकन जारी करने वाली कंपनियों और नियम वाले एसेट्स की भरोसेमंद व्यवस्था से जुड़ा है।
अब आखिरी सवाल: यह नेटवर्क पर कब तक लागू होगा?
XRP Ledger Upgrade मेननेट पर कब तक? पहले वैलिडेटर्स का वोट
सीधा जवाब है कि अभी तय नहीं है। CoinDesk के अनुसार चारों बदलाव अभी XRP Ledger के मुख्य सॉफ्टवेयर में मर्ज (शामिल) भी नहीं हुए हैं। मर्ज होने के बाद भी fixCleanup3_5_0 को सक्रिय होने के लिए भरोसेमंद वैलिडेटर्स (नेटवर्क के ट्रांज़ैक्शन की जांच करने वाले सर्वर) में से 80% से ज़्यादा का लगातार दो हफ्ते तक समर्थन चाहिए।
पुल रिक्वेस्ट के विवरण के अनुसार यह अमेंडमेंट पहले से मौजूद fixCleanup3_4_0 से अलग वोट किया जा सकता है। यानी दोनों का फैसला अलग-अलग होगा।
आगे नज़र किस पर रखें: अगर आप XRPL पर नियम वाले एसेट्स रखते हैं या जारी करते हैं, तो अमेंडमेंट का वोटिंग स्टेटस और XRPL की आधिकारिक घोषणाएं देखते रहें। अगली बड़ी अपडेट पर हम अपने पाठकों के लिए XRP Ledger News और XRP Ledger Upgrade की अगली कड़ी लेकर आएंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। क्रिप्टो में जोखिम होता है, इसलिए कोई भी फैसला खुद रिसर्च करके लें।