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Crypto ITR Filing में ना करें ये गलतियां, Beginner जान ले सही तरीके

भारत में Crypto Tax ITR Filing कैसे करें? जानें पूरा प्रोसेस 

भारत में Cryptocurrency को Virtual Digital Asset माना जाता है। Finance Act 2022 India के तहत लागू Section 115BBH Income Tax Act India के अनुसार, क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर सीधा 30% टैक्स, साथ में सरचार्ज और 4% सेस लगता है। इसमें आप सिर्फ खरीद कीमत ही घटा सकते हैं, इसके अलावा कोई अन्य खर्च डिडक्ट नहीं किया जा सकता। साथ ही, क्रिप्टो में हुए नुकसान को न तो किसी दूसरी आय से एडजस्ट किया जा सकता है और न ही आगे के वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है।

FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए आईटीआर फाइल करते समय आपको Schedule VDA भरना जरूरी होगा। अगर आपने क्रिप्टो में निवेश या ट्रेडिंग की है, तो आप ITR-1 या ITR-4 का उपयोग नहीं कर सकते, इसके बजाय आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। आइए जानते हैं Crypto ITR Filing की आसान गाइड।

ये हैं जरूरी चेकलिस्ट 

  • आपका PAN एक्टिव और लिंक्ड होना चाहिए।

  • सभी एक्सचेंज (WazirX, CoinDCX, Binance) से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री डाउनलोड करें।

  • हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रखें जैसे, खरीद और बिक्री की तारीख, क्वांटिटी, INR में लागत और बिक्री मूल्य।

  • Form 26AS चेक करें, इसमें 1% Cryoto TDS (Section 194S) दिखेगा।

  • इस TDS को आईटीआर में क्लेम करना न भूलें।

  • हर ट्रांसफर (sell/swap/spend) पर गेन निकालें।
     Sale Value – Cost = Taxable Income (30%)

  • गिफ्टेड क्रिप्टो टैक्स-फ्री हो सकता है, पर ट्रांसफर होने पर रिपोर्ट करें।

  • इनहेरिटेड क्रिप्टो की लागत = पुराने मालिक की लागत मानी जाएगी।

  • विदेशी एक्सचेंज यूज करने पर Schedule FA भी भरना पड़ सकता है।

  • Schedule VDA में हर ट्रांजेक्शन अलग-अलग भरें।

  • VDA का टाइप (Crypto/NFT) सही से लिखें।

  • कुल इनकम पर 30% टैक्स कैलकुलेट करें।

  • लॉस को इग्नोर करें (ना सेट-ऑफ, ना कैरी फॉरवर्ड)।

अन्य इनकम और जरूरी बातें

  • Airdrop, Staking, Mining जैसी इनकम को “Income From Other Sources” में दिखाएं।

  • पुराने TDS क्रेडिट क्लेम करना न भूलें।

  • Koinly या Cryptact जैसे Crypto Tax Tools से रिपोर्ट बनाएं।

  • एक CA या टैक्स एक्सपर्ट से वेरिफाई जरूर करवाएं।

क्या है फाइलिंग प्रोसेस?
  • e-filing पोर्टल पर जाकर आईटीआर-2 या आईटीआर-3 चुनें।

  • Schedule VDA में “Add Another” से हर एंट्री डालें।

  • AIS और Form 26AS से डेटा मैच करें।

  • अगर टैक्स बचा है तो Self-Assessment Challan भरेंI

  • आईटीआर फाइल करने के बाद e-verify (Aadhaar OTP/Net Banking) करें।

  • सभी डॉक्यूमेंट्स कम से कम 7 साल तक सुरक्षित रखें। 

भारत में Crypto Tax कैसे लगता है? जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 

कन्क्लूजन 

भारत में Crypto ITR Filing अब पहले से ज्यादा स्पष्ट लेकिन सख्त नियमों के साथ आती है। 30% टैक्स, 1% TDS और Schedule VDA जैसी जरूरी शर्तों को सही तरीके से समझना और लागू करना बेहद जरूरी है। अगर आप सभी ट्रांजेक्शन का सही रिकॉर्ड रखते हैं, समय पर TDS क्लेम करते हैं और सही आईटीआर फॉर्म चुनते हैं, तो आपकी फाइलिंग आसान और सुरक्षित हो सकती है।

डिस्क्लेमर


यह जानकारी केवल एजुकेशनल के उद्देश्य से है। टैक्स नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आईटीआर फाइल करने से पहले किसी प्रोफेशनल CA या टैक्स एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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हाँ, भारत में Cryptocurrency को Virtual Digital Asset माना जाता है और इससे होने वाली कमाई पर 30% टैक्स + सरचार्ज और 4% सेस लगता है।
अगर आपने Crypto में निवेश या ट्रेडिंग की है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा। ITR-1 और ITR-4 का उपयोग नहीं कर सकते।
नहीं, Crypto में हुए नुकसान को न तो किसी अन्य इनकम से सेट-ऑफ किया जा सकता है और न ही आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है।
Crypto ट्रांजेक्शन पर 1% TDS काटा जाता है, जो Form 26AS में दिखता है और इसे ITR फाइल करते समय क्लेम किया जा सकता है।
Schedule VDA ITR का एक सेक्शन है जिसमें आपको Crypto से जुड़ी हर ट्रांजेक्शन की जानकारी देनी होती है। FY 2025-26 के लिए इसे भरना अनिवार्य है।