Income Tax Rules 2026: Crypto पर 1% TDS में क्या बदला?

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Income Tax Rules 2026

Income Tax Rules 2026: Crypto Investors के लिए क्या बदला? 


अगर आप Bitcoin, Ethereum या किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं, तो Income Tax Rules 2026 को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है। 1 अप्रैल 2026 से नया Income Tax Act लागू हो चुका है। इसके द्वारा भारत में Crypto Tax, 1% TDS, PAN नियम और ITR Reporting से जुड़े कई अहम बदलाव किए गए हैं। अच्छी बात यह है कि टैक्स का बेसिक ढांचा पहले जैसा ही है, लेकिन सेक्शन नंबर और Compliance Rules बदल गए हैं। तो आइए इसे डिटेल में समझते हैं।


Income Tax Act 1961 vs Income Tax Rules 2026: फर्क क्या है?

पहले की बात करें तो क्रिप्टो टैक्स के लिए Income Tax Act 1961 काम करता था। इसमें Section 115BBH के तहत 30% टैक्स और Section 194S के तहत 1% TDS लगता था। अब नया Income Tax Act 2026 आ गया है जो 1 अप्रैल से लागू हुआ है। इसमें पुराने सेक्शन नंबर बदल गए हैं, लेकिन नियम का मूल ढांचा वही रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब TDS के सभी प्रावधान एक नई Consolidated धारा- Section 393 के अंतर्गत आ गए हैं।

Income Tax Rules 2026: एक नजर में देखें 

विषय

पुराना नियम

नया नियम (2026 से)

Crypto TDS Section

Section 194S

Section 393 (Eighth Schedule)

TDS Rate

1% TDS लागू

1% TDS जारी, कोई बदलाव नहीं

PAN न होने पर TDS

Section 206AA के तहत 20% TDS

Section 397(2) के तहत 20% TDS

VDA Definition

Crypto शामिल था

“Crypto-asset” को स्पष्ट रूप से VDA में जोड़ा गया

Penalty Rules

अलग Penalty Framework नहीं था

₹200 प्रतिदिन और ₹50,000 तक की Penalty

ITR Reporting

Schedule VDA में सामान्य Reporting

Schedule VDA में Transaction-wise Reporting अनिवार्य

TDS Framework

अलग-अलग Sections लागू होते थे

सभी TDS नियम अब Section 393 में Consolidate

Crypto Swap Taxation

नियम स्पष्ट नहीं थे

VDA-to-VDA Swap भी Taxable Event माना गया

Exchange Compliance

Basic Reporting

Exchanges पर सख्त Reporting और Compliance Rules

PAN-Aadhaar Link

PAN Inoperative होने पर समस्या

PAN-Aadhaar Link न होने पर 20% TDS का जोखिम

आइये अब इसे विस्तार से समझते हैं:

Section 393 क्या है और 1% TDS से इसका क्या संबंध है?

पुराने Income Tax Act 1961 में TDS के लिए अलग-अलग सेक्शन थे जैसे 194C, 194S, 195 वगैरह। Income Tax Act 2026 में इन सबको मिलाकर Section 393 बनाया गया है, जो एक Master TDS Section है। 

क्रिप्टो के मामले में पुराना Section 194S अब Section 393 की Eighth Schedule में आता है। यानी VDA (Virtual Digital Asset) ट्रांसफर पर 1% TDS का नियम अभी भी लागू है, बस Reference नंबर बदल गया है।

एक ज़रूरी बात: अप्रैल 2026 के बाद किए गए Transactions के लिए Challans पर Section 194S नहीं, बल्कि Section 393 का नया Serial Number लिखना होगा। पुराना नंबर लिखने पर TDS credit में गड़बड़ी हो सकती है।

VDA क्या है? कौन-कौन से Crypto इसमें आते हैं?

सरकार Crypto Assets को कानूनी भाषा में VDA (Virtual Digital Asset) कहती है। नई परिभाषा के अनुसार इनमें शामिल हैं:

  • Bitcoin और Ethereum जैसी Cryptocurrencies

  • NFTs

  • Stablecoins

  • DeFi Tokens

  • Gold-backed Tokens

लेकिन CBDC यानी Digital Rupee को VDA नहीं माना गया है क्योंकि यह सरकार की Official Currency है। इसका मतलब साफ है कि अगर आप किसी भी Crypto Asset में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं, तो Income Tax Rules 2026 आपके ऊपर लागू होंगे।

1% Crypto TDS कब और किस पर लगता है?

Crypto TDS लगता है VDA के Transfer पर, यानी जब आप कोई VDA बेचते हैं, Swap करते हैं या किसी को देते हैं। ध्यान रहे, TDS Profit पर नहीं, बल्कि पूरे consideration (transaction value) पर लगता है।

Threshold (सीमा) क्या है:

  • अगर आप किसी Specified Person (जैसे कोई बड़ी company या exchange) के ज़रिए trade करते हैं- साल में ₹50,000 से ऊपर के transaction पर TDS लगेगा

  • अन्य मामलों में- ₹10,000 से ऊपर के transaction पर TDS लगेगा

Exchange खुद TDS काटेगा या आपको करना होगा?

Indian Registered Exchange : अगर आप WazirX, CoinDCX या ZebPay जैसे Indian Exchange पर ट्रेड करते हैं, तो Exchange खुद 1% TDS काटकर जमा कर देता है।

P2P Trade : Peer-to-Peer Trade में Buyer की जिम्मेदारी होती है कि वह 1% TDS काटे और सरकार को जमा करे।

International Exchange: अगर आप Binance Global या Kraken जैसे प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं, तो TDS Compliance की जिम्मेदारी अक्सर खुद User पर आ सकती है। इसलिए सावधानी जरूरी है।


Intraday और Swap Trades पर क्या नियम हैं?

Income Tax Rules 2026 के अनुसार:

  • Intraday Crypto Trading पर भी हर Transaction में TDS लागू होगा।

  • Crypto-to-Crypto Swap भी Taxable माना जाएगा।

  • Swap की Market Value के आधार पर Tax और TDS दोनों लागू होंगे।

PAN-Aadhaar Link नहीं होने पर कितना TDS कटेगा?

यह सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है। अगर आपका PAN नहीं है या PAN-Aadhaar Link नहीं है, तो सामान्य 1% की जगह सीधे 20% TDS कट सकता है। नए कानून में यह नियम Section 397(2) के तहत रखा गया है। 

उदाहरण: अगर PAN Inactive है और आपने ₹50,000 का Crypto बेचा, तो 20% के हिसाब से ₹10,000 TDS कट सकता है। 

इसलिए:

  • PAN-Aadhaar तुरंत Verify करें।

  • Form 26AS में TDS जरूर Check करें।

ITR में Crypto Income कैसे दिखाएं?

अब Crypto Income को Schedule VDA में Transaction-wise दिखाना जरूरी है।

कौन सा ITR Form भरें?

  • Investment के लिए: ITR-2

  • Trading Business के लिए: ITR-3

Schedule VDA में क्या भरना होगा?

  • Transaction Date

  • Crypto Name

  • Purchase Price

  • Sale Price

  • कटा हुआ TDS

ध्यान रखें:

  • Crypto Loss किसी दूसरे Income से Adjust नहीं होगा

  • Loss Carry Forward भी नहीं कर सकते

  • केवल Cost of Acquisition ही Deduction में मान्य है

Income Tax Act में नई Penalty Rules क्या हैं?

Income Tax Rules 2026 में Crypto Reporting के लिए नई Penalty भी जोड़ी गई है:

  • ₹200 प्रति दिन-Statement फाइल न करने पर

  • ₹50,000-गलत जानकारी देने पर

ये Penalty मुख्य रूप से Exchanges और Reporting Entities पर लागू होंगी।

अगर आप Crypto में Invest करते हैं तो

  1. अपना PAN-Aadhaar Link Verify करें।

  2. हर Transaction का Record INR Value के साथ रखें।

  3. Exchange द्वारा काटे गए TDS को Form 26AS में Verify करें।

  4. समय पर ITR-2 या ITR-3 File करें।

  5. P2P और International Exchange Trades की अलग से Tax Compliance जांचते रहें। 

कन्क्लूजन 

Crypto Tax का ढांचा अब पहले से ज्यादा स्पष्ट हो गया है। Income Tax Rules 2026 में Section Numbers बदले गए हैं, लेकिन 30% Tax और 1% TDS का नियम अभी भी जारी है। अगर आप Crypto Investor हैं, तो हर Transaction का रिकॉर्ड रखें, PAN-Aadhaar Link Verify करें और समय पर ITR जरूर फाइल करें।

डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल Educational Purpose के लिए है। Tax rules समय-समय पर बदल सकते हैं, ऐसे में Tax Filing या Investment Decision लेने से पहले किसी योग्य CA या Tax Expert से सलाह जरूर लें।

लेखक परिचय
Pooja Suryawanshi Hindi News Writer

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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Crypto Income पर 30% Tax लागू होता है। इसके अलावा हर eligible transaction पर 1% TDS भी काटा जाता है।
Income Tax Rules 2026 में Crypto TDS के लिए पुराना Section 194S अब Section 393 (Eighth Schedule) के अंतर्गत शामिल किया गया है।
हाँ, Bitcoin, Ethereum, NFTs, Stablecoins और अन्य Crypto-assets को VDA यानी Virtual Digital Asset माना गया है।
अगर PAN Aadhaar से Link नहीं है, तो सामान्य 1% की जगह 20% TDS कट सकता है।
अगर आप Investment करते हैं तो ITR-2 और अगर Trading Business करते हैं तो ITR-3 भरना होगा।