FY 2025-26 में अगर आपने Bitcoin, Ethereum Network या किसी भी Cryptocurrency में इन्वेस्टमेंट किया है, तो इस बार Crypto ITR Filing करते समय सावधानी रखना बेहद जरूरी है। सरकार अब Virtual Digital Assets (VDA) यानी Crypto Transactions पर कड़ी निगरानी रख रही है। CBDT के अनुसार हजारों लोगों को Crypto Income छिपाने पर notices भेजे जा चुके हैं और करोड़ों रुपये की Undisclosed Income पकड़ी गई है।
AY 2026-27 के लिए ITR Filing की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। ऐसे में सही ITR Form चुनना, Schedule VDA सही भरना और 1% TDS का क्लेम लेना बहुत जरूरी हो गया है। खासकर पहली बार Crypto Gains दिखाने वाले Taxpayers के लिए यह समझना जरूरी है कि छोटी गलती भी Penalty का कारण बन सकती है।
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Schedule VDA, Income Tax Return का एक विशेष सेक्शन है, जहाँ Cryptocurrency और अन्य Virtual Digital Assets के Transactions की जानकारी भरनी होती है। इसमें खरीद-बिक्री की तारीख, Amount और Profit अलग-अलग दर्ज करना होता है।
सही Crypto ITR Filing के लिए पहले सही ITR Form चुनना जरूरी है। कई लोग गलती से ITR-1 या ITR-4 भर देते हैं, जबकि इन Forms में Schedule VDA का विकल्प होता ही नहीं।
ITR-2 और ITR-3 दोनों में Schedule VDA नाम से अलग सेक्शन दिया गया है। हर Transaction की जानकारी यहाँ अलग-अलग भरनी होती है। Crypto Gains को सामान्य Capital Gains की तरह नहीं, बल्कि केवल Schedule VDA में रिपोर्ट करना होता है। Income Tax Act की Section 115BBH के तहत इस इनकम पर सीधा 30% Tax लगाया जाता है।
FY 2025-26 में cryptocurrency में इन्वेस्ट करने वालों के लिए इस बार ITR Filing बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार ने Crypto Tax India 2026 के तहत VDA Transactions पर निगरानी बढ़ा दी है। Cryptocurrency Tax Filing करते समय सही ITR form और Schedule VDA भरना जरूरी है। नए Crypto Tax Rules FY 2025-26 के अनुसार Crypto Gains पर 30% tax और 1% TDS लागू है।
Crypto ITR Filing करते समय Tax Calculation समझना बहुत जरूरी है। सरकार ने क्रिप्टो इनकम पर Flat 30% Tax लागू किया है। इसके ऊपर 4% cess भी लगता है, यानी कुल प्रभावी टैक्स करीब 31.2% हो जाता है। इसमें केवल खरीद की लागत यानी Cost of Acquisition घटाने की अनुमति है। इसके अलावा किसी भी तरह का Deduction नहीं मिलता।
उदाहरण के तौर पर यदि आपने ₹1,00,000 में Bitcoin Blockchain खरीदा और बाद में ₹1,50,000 में बेच दिया, तो आपका प्रॉफिट ₹50,000 होगा। इस पर 30% के हिसाब से ₹15,000 tax बनेगा और 4% cess जोड़ने पर कुल tax ₹15,600 देना होगा। इसके अलावा Section 194S के तहत एक्सचेंज बड़े crypto transfers पर 1% TDS काटते हैं। यह TDS आपकी Final Tax Liability में Adjust हो जाता है। अक्सर यह जानकारी ITR में auto-populate हो जाती है, लेकिन फिर भी taxpayers को Form 26AS और AIS में इसे verify करना चाहिए ताकि गलत credit की समस्या न आए।
Crypto Taxation का सबसे सख्त नियम यह है कि, इसमें हुए नुकसान को किसी दूसरी इनकम से Adjust नहीं किया जा सकता। यदि आपको किसी Cryptocurrency में नुकसान हुआ है, तो उसे न Equity Gains से set-off किया जा सकता है और न ही दूसरे Crypto Profits से। Section 115BBH(2) के तहत यह नियम लागू किया गया है।
Crypto ITR Filing की due date 31 जुलाई 2026 है। अगर कोई Taxpayer समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करता, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक Belated Return भर सकता है, लेकिन इसके लिए Section 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। वहीं अगर आपका Advance Tax ₹10,000 से ज्यादा बनता है, तो Quarterly Advance Tax Payment भी जरूरी हो जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर crypto income छिपाई गई, तो उसे undisclosed income माना जा सकता है। ऐसे मामलों में भारी penalty, अतिरिक्त cess और surcharge देने पड़ सकते हैं। CBDT अब Exchanges, Bank Accounts और AIS data को Cross-Check कर रहा है। इसलिए Taxpayers के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि समय पर सही जानकारी के साथ ITR File करें और जरूरत पड़ने पर किसी CA की सलाह जरूर लें।
कई नए इन्वेस्टर्स यह नहीं जानते कि Crypto Trading के अलावा भी कई Activities Taxable हैं:
कुल मिलाकर, FY 2025-26 के तहत क्रिप्टो में निवेश करने वालों को ITR filing को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। सरकार अब crypto transactions पर कड़ी निगरानी रख रही है, इसलिए हर VDA gain सही तरीके से दिखाना जरूरी है। सही ITR form चुनें, Schedule VDA ध्यान से भरें और 1% TDS verify करें, ताकि future में notice, penalty या tax विवाद से बचा जा सके।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। यह कोई financial, legal या tax advice नहीं है। अपनी personal tax situation के लिए किसी ICAI-registered CA या tax professional से सलाह लें।
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