ब्लॉकचेन की दुनिया में लंबे समय से एक बड़ी समस्या मानी जाने वाली “Blockchain Trilemma” को लेकर Ethereum के Co-founder Vitalik Buterin ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि करीब 10 साल की मेहनत के बाद एथेरियम अब उस स्थिति में पहुंच गया है, जहां डिसेंट्रलाइजेशन, सिक्योरिटी और स्केलेबिलिटी तीनों को एक साथ हासिल किया जा सकता है। यह बयान 3 जनवरी 2026 को सामने आया, जिसने क्रिप्टो कम्युनिटी में नई बहस छेड़ दी है।
Source: यह इमेज Coin Bureau की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।
Blockchain Trilemma लंबे समय से टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी चुनौती रही है। आमतौर पर किसी नेटवर्क को इन तीनों में से एक या दो चीज़ों से समझौता करना पड़ता है।
डिसेंट्रलाइजेशन: नेटवर्क पर किसी एक का कंट्रोल न होना।
सिक्योरिटी: सिस्टम का सुरक्षित और भरोसेमंद रहना।
स्केलेबिलिटी: ज्यादा ट्रांजैक्शन को संभालने की क्षमता।
एक साथ तीनों को पाना अब तक मुश्किल है।
ज्यादातर नेटवर्क किसी एक पहलू में कमजोर पड़ जाते हैं।
एथेरियम में 2025 के दौरान PeerDAS को मेननेट पर लागू किया गया था। इसका मकसद नेटवर्क पर डेटा को आसान तरीके से संभालना है। इससे छोटे क्लाइंट्स को पूरा डेटा डाउनलोड नहीं करना पड़ता, बल्कि वे सैंपल लेकर ही उसकी सही स्थिति जांच सकते हैं।
अब पूरा ब्लॉक डाउनलोड करना जरूरी नहीं रहता।
छोटे और हल्के क्लाइंट्स आसानी से नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।
बड़े साइज के ब्लॉक्स को संभालना आसान हो जाता है।
डेटा की जांच जल्दी पूरी हो जाती है।
नेटवर्क पर दबाव और भीड़ कम होती है।
सिस्टम की क्षमता और रफ्तार बेहतर होती है।
ज़ीरो-नॉलेज EVM को एथेरियम का भविष्य माना जा रहा है। यह टेक्नोलॉजी ट्रांजैक्शन को छोटे प्रूफ में बदल देती है, जिससे सिस्टम पर दोहराव का बोझ कम होता है। फिलहाल यह अल्फा स्टेज में है, लेकिन इसे धीरे-धीरे प्रोडक्शन लेवल तक लाने की तैयारी है।
विटालिक के रोडमैप के अनुसार, आने वाले वर्षों में इससे गैस लिमिट में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर नेटवर्क की स्पीड और क्षमता पर पड़ेगा। एथेरियम अब रिप्लिकेटेड सिस्टम से हटकर डिस्ट्रिब्यूटेड मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
इस दावे के बाद क्रिप्टो कम्युनिटी में अलग-अलग तरह के रिएक्शन देखने को मिले हैं। कुछ नेटवर्क सपोटर्स ने कहा कि दूसरे ब्लॉकचेन पहले ही इस दिशा में आगे बढ़ चुके हैं, जबकि कुछ ने एथेरियम में अब भी सेंट्रलाइजेशन का खतरा बताया।
वहीं, विटालिक का कहना है कि एथेरियम की खासियत सिर्फ वादे नहीं, बल्कि असली कोड और लगातार अपग्रेड है। दस साल के डेवलपमेंट के बाद नेटवर्क अब उस मोड़ पर है, जहां टेक्नोलॉजी और व्यवहारिक उपयोग एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। आने वाला समय तय करेगा कि यह बदलाव पूरे ब्लॉकचेन सेक्टर को किस दिशा में ले जाता है।
पिछले 7 सालों में मैंने कई ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट्स को बड़े दावे करते और फिर पीछे हटते देखा है। Ethereum की खासियत यह रही है कि यह धीरे लेकिन लगातार आगे बढ़ता है। फिर भी, असली भरोसा तभी बनेगा जब ये बदलाव आम यूज़र्स को सीधे फायदा दें।
Ethereum का Blockchain Trilemma हल करने का दावा टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा कदम है। PeerDAS और ZK-EVM Network को तेज़, सुरक्षित और आसान बनाने में मदद कर रहे हैं। अभी यह पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में पता चलेगा कि Ethereum अपने दावे को असल में कितना साबित कर पाता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए किसी भी डिसीजन से पहले स्वयं रिसर्च करें। राइटर किसी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
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