भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंता बढ़ रही है, खासकर जब इसकी आड़ में संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो रहे हों। हाल ही में भारत की फाइनेंशियल इंटेलीजेंस एजेंसी (FIU) ने WazirX और Binance जैसे बड़े एक्सचेंजों पर जांच शुरू की है। शक है कि पाकिस्तान से जुड़ी डिजिटल करेंसी जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाई जा रही है, जो गैरकानूनी एक्टिविटीज से जुड़ी हो सकती है। सरकार अब क्रिप्टो ट्रांजैक्शन को और सख्ती से जांचने के लिए नए कदम उठाने की तैयारी में है।

Source: TOOFAAN X Account
क्रिप्टो वॉलेट्स में आमतौर पर निजी चाबियाँ होती हैं। FIU-IND की चिंता है कि इनका इस्तेमाल प्राइवेट तरीके से ट्रांसफर और आतंकी फंडिंग में हो रहा है। Binance को इसलिए ट्रैक किया जा रहा है क्योंकि ज्यादा संख्या में सीमा पार ट्रांजैक्शन वहीं से हो रहे हैं। हाल ही में Ahmedabad Police ने Binance की मदद से क्रॉस-बॉर्डर फ्रॉड के कई मामले सुलझाए।
क्रिप्टो की खासियत इसकी निजी वॉलेट्स में होती है, जहां यूज़र्स खुद अपनी चाबियाँ रखते हैं। बैंक या एक्सचेंज्स उनके ट्रांजैक्शन्स पर पूरी पकड़ नहीं रखते। FIU-IND को डर है कि इस प्राइवेसी का इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए हो सकता है, जैसे कि आतंकी फंडिंग।
Moneycontrol में पब्लिश रिपोर्ट में बताया गया कि FIU इस फैक्ट की जांच कर रहा है कि पाकिस्तानी वॉलेट्स से क्रिप्टो अमाउंट भारत में जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में क्यों पहुंच रही है । यही वजह है कि Binance पर भी शक बढ़ गया है, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म ऐसे ट्रांजैक्शन्स के लिए अक्सर इस्तेमाल होता है
WazirX ने साफ़ कहा है कि उसने नियमों का हमेशा ख्याल रखा है और जांच एजेंसियों को पूरा साथ दिया है। कंपनी ने यह भी बताया कि जुलाई 2024 के बाद से उन्होंने ट्रेडिंग बंद कर रखी है।
भारत सरकार को डर है कि क्रिप्टो की पॉवर का गलत उपयोग हो रहा है। चाहे वह आतंकी फंडिंग हो या इंटरस्टेट मनी का ग़ैरकानूनी ट्रांसफर। ऐसे में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और ट्रांज़ैक्शन की निगरानी सख्त करने की जरूरत है।
FIU-IND और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर कैम्पस में छापेमारी भी की थी, जहां Pahalgam और Operation Sindoor जैसे क्रिप्टो टोकन्स की खुफिया जानकारी सामने आई थी ।
अहमदाबाद पुलिस ने Binance की मदद से क्रॉस-बॉर्डर क्रिप्टो फ्रॉड से जुड़े मामलों में सफलता हासिल की, जहां भारत में धोके से लिया गया अमाउंट नेपाल भेजा जा रहा था।
FIU जल्द नए नियम लागू कर सकती है, जिनसे एक्सचेंजों को सस्पीशियस ट्रांज़ैक्शन की जानकारी देना होगी।
Binance और WazirX जैसे प्लेटफॉर्म्स अब और सावधानी से काम करेंगे, जिससे यूज़र्स का भरोसा मजबूत हो सकता है।
क्रिप्टो की दुनिया तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ-साथ जोखिम भी बढ़े हैं। FIU की जांच इस बात का संकेत है कि भारत अब नियमों को और सख्त करने के मूड में है। निवेशकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे ट्रांसपेरेंट और लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें। साथ ही, एक्सचेंजों को भी कानूनों के प्रति और जिम्मेदार बनना होगा ताकि क्रिप्टो का उपयोग सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से हो सके।
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