Updated Date: November 18, 2025
भारत की क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। भारत के लोकप्रिय क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के CEO Sumit Gupta ने अपने ऑफिशियल X हैंडल @smtgpt पर एक पोस्ट के माध्यम से FATF (Financial Action Task Force) द्वारा जारी नई रिपोर्ट का स्वागत किया है। FATF Travel Rule Report में भारत की FIU-India (Financial Intelligence Unit) की भूमिका को सराहा गया है। उन्होंने इसे एक “Public-Private Partnership” का सशक्त उदाहरण बताया, जो Virtual Asset Service Providers (VASPs) के लिए नियमन को और सशक्त बनाएगा।
FATF की इस रिपोर्ट में दुनिया भर के देशों की क्रिप्टो से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के प्रयासों का विश्लेषण किया गया है। इसमें भारत के FIU-India के प्रयासों को एक केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

FATF ने अपनी छठवीं Targeted Update रिपोर्ट में दुनियाभर में Virtual Asset (VA) और VASP (Virtual Asset Service Provider) पर आधारित एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और काउंटर-टेररिस्ट फाइनेंसिंग (CFT) के अनुपालन की समीक्षा की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 99 जुरिस्डिक्शन्स अब तक Travel Rule को लागू कर चुके हैं या कर रहे हैं।
Travel Rule का उद्देश्य वर्चुअल एसेट्स के क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन्स में ट्रांसपेरेंसी बनाए रखना है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। भारत में FIU-India इस प्रक्रिया को गहराई से लागू कर रहा है और VASP कम्युनिटी से मिलकर सहयोग बढ़ा रहा है।
सुमित गुप्ता ने इस रिपोर्ट में FIU-India के योगदान की सराहना करते हुए कहा -“यह एक बेहतरीन उदाहरण है Public-Private Partnership का, जिसमें FIU-India और VASP कम्युनिटी एक साथ आकर FATF Travel Rule के अनुपालन को बेहतर बना रहे हैं।”
रिपोर्ट में केवल भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर सामने आ रही कुछ बड़ी चिंताओं का भी जिक्र किया गया है, जिनमें शामिल हैं –
FATF ने चेतावनी दी है कि क्रिप्टो का बॉर्डरलेस नेचर अगर रेगुलेशन के अभाव में रहा, तो इसका ग्लोबल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर गहरा असर हो सकता है।
FIU-India की एक्टिविटी दर्शाती है कि भारत अब केवल क्रिप्टो का रेगुलेटेड उपभोक्ता नहीं, बल्कि Global Compliance Framework में भागीदार बन चुका है। भारत के कई VASPs पहले ही FIU-India के साथ रजिस्टर्ड हैं। CoinDCX, CoinSwitch जैसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज अब नियमित रूप से AML रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इससे भारतीय क्रिप्टो मार्केट को एक “Regulated & Responsible” मार्केट की इमेज मिलने लगी है, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर सकती है।
बताते चले कि अपनी पोस्ट में सुमित गुप्ता ने CoinDCX और Blockchain and Web3 Alliance (BWA_Ind) की तरफ से FIU-India को सहयोग देने का भरोसा भी जताया।
FIU इंडिया और FATF द्वारा उठाए जा रहे इनिशिएटिव को में लंबे समय से कवर कर रहा हूँ, ऐसे में मेरा मानना है कि FATF की Travel Rule गाइडलाइंस पर FIU-India की भागीदारी और क्रिप्टो कंपनियों का सक्रिय सहयोग एक बहुत बड़ा संकेत है। यह दर्शाता है कि भारत क्रिप्टो को बैन करने की बजाय उसे सिक्योर, ट्रांसपेरेंट और इंस्टीट्यूशनल बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
सुमित गुप्ता जैसे लीडर्स का यह सार्वजनिक समर्थन क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए विश्वास की बुनियाद बनाता है। जब तक Private और Public सेक्टर मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक DeFi और VASP जैसे क्षेत्रों में विश्वास और सुरक्षा नहीं बन सकती।
CoinDCX के CEO Sumit Gupta की यह पोस्ट केवल एक औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि एक संकेत है, कि अब भारत क्रिप्टो पॉलिसी और कंप्लायंस में अगुवाई करने के लिए तैयार है। FATF की रिपोर्ट में भारत की सक्रिय भूमिका और FIU-India की भागीदारी दिखाती है कि अगर पॉलिसी और इनोवेशन एक साथ चलें, तो क्रिप्टो का भविष्य सुरक्षित और समावेशी हो सकता है।
आने वाले समय में जब दुनिया Stablecoins, CBDCs और Tokenized Assets की ओर बढ़ेगी, तब इस तरह की Public-Private Partnerships भारत को एक ग्लोबल रोल मॉडल बना सकती हैं।
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